जल्दी में पैसे कमाने के चक्कर में अपराध से जुड़ा छात्र सुजीत
पुलिस के समक्ष दिए बयान में आरोपी सुजीत कुमार ने बताया कि छह माह पूर्व ही वह साइबर अपराध का मास्टरमाइंड मधु रजक पिता भोला रजक के संपर्क में आया था। उसने बिना कोई परेशानी के रुपया कमाने का शॉर्टकट जरिया बताया था। उसके झांसे में आकर वह इस अपराध से जुड़ गया। उसके बाद अपना एसबीआई अकांउट नंबर 39103686131 में जारी एटीएम कार्ड मधु रजक को दे दिया। इसके एवज में मधु रजक द्वारा 10 हजार रुपए प्रति माह भुगतान किया जाने लगा। उसके उपरांत उसका चचेरा भाई सूरज कुमार पिता नारायण रजक भी मधु रजक के संगठन से जुड़ गया। लोभ के कारण उसने भी एसबीआई एकाउंट का एटीएम कार्ड उसे सौंप दिया। उसके बाद दोनों मिलकर ठगी एवं धोखाधड़ी करते हुए केबीसी के नाम पर 25 लाख रुपया का लक्की ड्रॉ बंपर लॉटरी जितने का झांसा देकर ग्राहक को बधाई देते हुए व इनकमटैक्स के नाम पर एक मुश्त रकम प्रति लाख 500 रुपया तथा 1500 रुपया प्रति लाख के हिसाब से ठगी की है।
कैसे हुआ खुलासा
जमुआ थाना क्षेत्र के करिहारी निवासी सुरेन्द्र सिंह ने 12 मार्च 2020 को साइबर थाना में केबीसी से 25 लाख रुपए लॉटरी जीतने के नाम पर गुजरात मेें मजदूरी करने वाला बेटा चुन्नू कुमार सिंह से ठगी करने का मामला दर्ज कराया था। मामला दर्ज कराने के बाद साइबर थाना पुलिस तकनीक के सहारे साइबर अपराधी तक पहुंची और ठगी करने वाला रानीखावा निवासी सुजीत कुमार को गिरफ्तार किया। तब जाकर मामले का खुलासा हुआ। इसे लेकर साइबर थाना कांड में 414, 419, 420, 467, 468, 471, 120बी, आईपीसी एवं 66बी, 66सी, 66डी के तहत दर्ज किया है।