बेमौसम बारिश से खेतों में भरा पानी, फसलों की क्षति
सरिया क्षेत्र में शुक्रवार की देर रात से शनिवार दिन भर लगातार हो रही बेमौसम बारिश से लोगों का घर से निकलना दुभर हो गया है। शनिवार दिन भर जहां लोगों के काम धंधे चौपट रहे। वहीं इस बेमौसम बरसात ने किसानों के कमर तोड़ कर रख दिया। बेमौसम बारिश से प्याज व लहसुन सहित अन्य फसल को नुकसान पहुंचायी है। जबकि बैगन, टमाटर, हरी मिर्च, धनिया पत्ता, फूलगोभी, पत्ता गोभी सहित अन्य सब्जी के फसल भी प्रभावित हुए हैं। यही वजह है कि सब्जी के भाव में दिन-प्रतिदिन वृद्धि हो रही है। वहीं कई स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति काफी कम रही। किसान गांगो महतो ने बताया कि बेमौसम बारिश व इस प्रकार के मौसम के कारण प्याज व लहसुन के फसल प्रभावित हुए हैं। यहां तक कि प्याज व लहसुन की फसल सही तरीके से नहीं हो पा रही है। किसान संजय कुमार ने कहा कि कई दशकों के बाद इस तरह के मौसम देखने को मिल रहे हैं। लोगों को गर्मी के इस मौसम में ठंड का एहसास हो रहा है। यहां तक कि बेमौसम बारिश व मौसम में ठंड की वजह से महुआ व आम के फसल पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। मौसम में ठंड रहने के कारण महुआ का फल नहीं आ रहा है जिससे किसानों को नुकसान होने की संभावना है। वहीं दूसरी तरफ बेमौसम बारिश व ठंड होने के कारण लोग घरों में दुबकने पर मजबूर हैं।
देवरी संवाददाता के अनुसार देवरी प्रखंड में लगातार हो रही बेमौसम बारिश से जहां एक तरफ तैयार रबी फसल खेत में ही बर्बाद हो रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ जेठुआ फसल के पौधे पानी जमाव की वजह से नष्ट हो रहे हैं। प्रखंड क्षेत्र में शुक्रवार रात से ही झमाझम हो रही बारिश से गेहूं, तिसी, रैयचा, खेसाडी सहित अन्य रबी फसल खेत में ही बर्बाद हो रहे हैं। इस बाबत किसान सदानंद राय, रउफ अंसारी, सलामत अंसारी, दिल मुहम्मद मियां, अशोक यादव, सुरेश यादव, चिंतामन चौधरी इत्यादि की फसल नष्ट हुआ है।
प्रखंड कार्यालय में पसरा रहा सन्नाटा
बेंगाबाद | दो दिनों से रूक-रूक कर बेमौसमी तेज बारिश व हवा के झोंके ने तबाही मचा दी है। मौसम विभाग के अनुसार ओड़िशा और पश्चिम बंगाल के चक्रवातीय हवा का प्रभाव झारखंड में भी पड़ रहा है। बेमौसमी मूसलाधार बारिश से जन जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। दिहाड़ी मजदूरों के समक्ष परेशानी हो गई है। शनिवार को पूरे बेंगाबाद चौक से लेकर प्रखंड मुख्यालय तक सन्नाटा पसरा था। तेज बारिश के कारण घर से बाहर निकलना लोगों को मुश्किल हो गया। वहीं किसानों को अब दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। पहले तो धान की खेती गई। कुहासा अत्यधिक गिर जाने के कारण आलू की भी खेती पूरी तरह से चौपट हो गयी। वहीं गेहूं इस साल बहुत अच्छी थी लेकिन अत्यधिक पानी पड़ जाने के कारण गेहूं का फसल भी नष्ट होने को है।
गिरिडीह के झंडा मैदान में बारिश के बाद जल जमाव।
बारिश से बच्चों को बचाकर ले जाती महिला।