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संस्कृति के अमूल्य धरोहर हैं त्योहार और मेले

प्रखंड क्षेत्र के सरलाकलां गांव स्थित बघलतवा मे आयोजित टुसु सह कृषि प्रदर्शनी दो दिवसीय मेला का आयोजन किया गया।...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jan 15, 2018, 02:35 AM IST

प्रखंड क्षेत्र के सरलाकलां गांव स्थित बघलतवा मे आयोजित टुसु सह कृषि प्रदर्शनी दो दिवसीय मेला का आयोजन किया गया। मेले के दूसरे दिन मुख्य अतिथि के रूप मे गोला मध्य की जिप सदस्या ममता देवी मौजूद थीं।

इस दौरान उन्होंने कहा कि मेला से आपसी प्रेम भाव बढ़ता है और एक दूसरे से मिलने जुलने का अवसर प्राप्त होता है। साथ ही झारखंड वासियों के सभी पर्व त्योहार प्रकृति तथा कृषि पर ही आधारित हैं। झारखंडी सभ्यता संस्कृति के अनेक अमूल्य धरोहर मिटते गये हैं, पर जो अभी भी बचे हैं, वो इसलिए कि उन्हें पर्व के रुप में जनजीवन का अभिन्न अंग बनाकर रखा गया है। दरअसल, सदियों से चौतरफा सांस्कृतिक आक्रमणों की मार से असली झारखंडी संस्कृतियां लगभग मिट गई या उनका कायांतरण हो गया है। जिससे इन त्योहारों के मूल भाव को समझना काफी कठिन हो गया है। फिर भी शोध करते-करते कई के मूल भाव स्पष्ट हो चले हैं। मौके पर आयोजन समिति के रचिया महतो परमेश्वर महथा, सुधीर कुमार मंगलेश, गौरीशंकर महतो, अमित महतो, रूपेश महथा, मानिक पटेल, छोटन कुमार, रामप्रसाद करमाली, कमलेश कुमार, संतोष कुमार, मंटू महतो, तस्लीम अंसारी, रितु लाल महतो समेत काफी संख्या में दर्शक मौजूद थे।

गोला के सरलाकला गांव में आयोजित टुसू मेला सह कृषि प्रदर्शनी में शामिल जिप सदस्य ममता देवी ने का

टुसू मेला सह कृषि प्रदर्शनी में मंचासीन मुख्य अतिथि ममता देवी व अन्य।

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