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संक्रांति का पुण्यकाल 14 की शाम 6.30 से 15 की सुबह 7.52 बजे तक

जनवरी में स्नान पर्व की शुभ तिथि दोजनवरी मंगलवार पौष पूर्णिमा 14/15 जनवरी रविवार-सोमवार मकर संक्रांति 16 जनवरी...

Dainik Bhaskar

Jan 08, 2018, 02:45 AM IST
जनवरी में स्नान पर्व की शुभ तिथि

दोजनवरी मंगलवार पौष पूर्णिमा

14/15 जनवरी रविवार-सोमवार मकर संक्रांति

16 जनवरी मंगलवार मौनी अमावस्या 22 जनवरी सोमवार बसंत पंचमी

31 जनवरी बुधवार माघी पूर्णिमा

18 साल बाद बना दुर्लभ संयोग जनवरी में पड़ेंगे पांच स्नान पर्व

इसबार माघ मेले की एक खास बात यह है कि महाशिवरात्रि को छोड़कर सभी प्रमुख स्नान पर्व जनवरी में पड़ेंगे। साथ ही मकर संक्रांति और मौनी अमावस्या के स्नान पर्व क्रमश: 15 16 जनवरी को एक साथ पड़ रहे हैं। इससे पहले,वर्ष 1999 में ऐसी स्थिति बनी थी।

राजेश गोल्डी| रजरप्पा

इसबार मकर संक्रांति का पुण्यकाल 14 जनवरी की शाम छह बजकर 30 मिनट पर शुरू हो जाएगा, जो दूसरे दिन यानी 15 जनवरी को सुबह सात बजकर 52 मिनट तक रहेगा। मकर संक्रांति का पर्व कभी 14 तो कभी 15 जनवरी को होता है। पिछले तीन साल से यह अंतर पड़ता रहा है।

अधिकतर यह पर्व लोहड़ी के अगले दिन यानी 14 जनवरी को होता आया है लेकिन इस बार असमंजस की स्थिति बन रही है। ज्योतिषियों के अनुसार , सूर्यदेव के मकर राशि में प्रवेश करने के 16 घड़ी यानी 6 घंटा और 24 मिनट पहले और बाद में इस पर्व का पुण्यकाल माना जाता है। इस हिसाब से मकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी को शाम 6.30 बजे से शुरू हो जाएगा। परंतु कुछ जानकार उदयतिथि के अनुसार, 15 जनवरी को मकर संक्रांति मनाने की सलाह दे रहे हैं।

खरमासखत्म होगा, शुरू होंगे सभी मांगलिक कार्य

ऐसीमान्यता है कि संक्रांति के दिन पवित्र नदियों में स्नान से सभी पाप धुल जाते हैं। यही नहीं इस दिन गंगा स्नान करने से एक हजार अश्वमेघ यज्ञ के बराबर फल मिलता है। इसी प्रकार, दान करना भी इस दिन बहुत महत्वपूर्ण है। इस दिन सूर्य उत्तरायण होते हैं और खरमास समाप्त हो जाता है। खरमास के समाप्त होते ही मांगलिक कार्य जैसे शादी-विवाह शुरू हो जाते हैं।

मकर संक्रांति 15 को ही मनाना शुभ

^सूर्यका मकर राशि में प्रवेश 14 जनवरी की रात्रि और 15 जनवरी की सुबह 1.30 बजे सूर्य मकर राशि में जा रहे हैं। इस हिसाब से मकर संक्रांति का पर्व 15 जनवरी को ही मनाना शुभ माना जा रहा है।'' सुरेश्वरपांडेय, ज्योतिषार्च, गोला।

14 को भी मिलेगा पूरा पुण्य लाभ

^मकरसंक्रांति पर्व का पुण्यकाल 14 जनवरी की शाम 6.30 बजे से शुरू हो जाएगा। ऐसे में यह पर्व 14 जनवरी को भी मनाया जा सकता है, बल्कि कई लोग 14 को ही पर्व मनाएंगे। इस दिन भी जातक को पुरा पुण्य मिलेगा।'' असीमपंडा, पुजारी, छिन्नमस्तिका मंदिर रजरप्पा।

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