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बीसीसीएल ने किया रिकॉर्ड उत्पादन, पर वार्षिक लक्ष्य से 19.5 प्रतिशत रह गया पीछे

वितीय वर्ष के अंतिम दिन बीसीसीएल में रिकॉर्ड उत्पाद किया। लेकिन सालाना लक्ष्य से पीछे रह गया। बीसीसीएल को 40500.3 करोड़...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 02:30 AM IST
वितीय वर्ष के अंतिम दिन बीसीसीएल में रिकॉर्ड उत्पाद किया। लेकिन सालाना लक्ष्य से पीछे रह गया। बीसीसीएल को 40500.3 करोड़ टन उत्पादन करना था। बारहो एरिया ने मिलकर 32607.6 करोड़ टन उत्पादन कर सका। उत्पाद लक्ष्य से 19.5 प्रतिशत उत्पादन कम हुआ। मात्र कतरास एवं इस्टर्न झरिया एरिया ने ही लक्ष्य को प्राप्त किया। शेष सभी एरिया कोयले का उत्पाद नहीं कर सका। प्रबंधन इस लक्ष्य को पाटने के लिए नए वित्तीय वर्ष पहले दिन से जी-तोड़ मेहतन करने में जुट गया। संभावना व्यक्त की जा रही है कि उत्पादन को बढ़ाने के लिए कुछ फेरबदल भी किया जा सकता है। हालांकि जिस तरह से उत्पादन और डिस्पैच डे तथा मार्च के अंतिम उत्पाद का रिकार्ड रहा, इससे बीसीसीएल को बड़ी राहत देने बाली बात है। इसका श्रेय अधिकारियों ने वर्तमान सीएमडी एके सिंह को दे रहे हैं। जानकारी के अनुसार 31 मार्च को बीसीसीएल ने वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन 137.748 टन लक्ष्य था। लक्ष्य को पार करते हुए 225.609 टन कोयला का उत्पादन किया। वहीं डिस्पैच लक्ष्य 112.500 टन था। प्रबंधन ने 127.271 टन किया। अंतिम दिन भी कतरास, लोदना, सिजुआ, बरोरा, गोविंदपुर, वेस्टर्न झरिया, ब्लॉक टू ,सीबी एरिया आदि ने लक्ष्य काे पीछे छोड़ते हुए उत्पाद लक्ष्य को हासिल किया। वहीं अंतिम दिन भी बस्ताकोला, पीबी एरिया और कुसुंडा लक्ष्य का पीछा नहीं कर सके। डिस्पैच में बरोरा क्षेत्र 10833 टन का लक्ष्य को पार करते हुए 23913 टन डिस्पैच कर अंतिम दिन अव्वल रहा। वहीं दूसरे नंबर पर कतरास क्षेत्र ने 13944 टन के जवाब में 16293 टन डिस्पैच किया। तीसरे स्थान पर लोदना क्षेत्र को 12633 टन करना था। इसके जवाब में 17254 टन डिस्पैच किया। सिजुआ, गोविंदपुर सीबी एरिया, वेस्टर्न झरिया ने भी डिस्पैच लक्ष्य को प्राप्त कर लिया।

शुशी बंद होने के कारण वार्षिक लक्ष्य से 16.8 से पिछड़ा

वित्तीय वर्ष में कोयले के उत्पादन में आउटसोर्सिंग कंपनी का अहम योगदान रहा। बीसीसीएल के अधिकांश क्षेत्रों में आउटसोर्सिंग ने सर्वाधिक कोयले का उत्पादन किया है। अगर केवल लोदना क्षेत्र की बात करे तो वित्तीय वर्ष में विभागीय स्तर पर 1152951 टन किया। जबकि आउटसोर्सिंग 2039365 टन किया है। इसमें एटी देव प्रभा आउटसोर्सिंग का अहम योगदान रहा। वित्तीय वर्ष अगर लोदना क्षेत्र लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर पाया। इसके पीछे एक मात्र कारण शुशी का बंद होना कहा जा रहा।