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बेंगलुरू से 13 बच्चे-बच्चियां छुड़ाई गईं, मानव तस्कर वंदना गिरफ्तार
हैदराबाद व बेंगलुरू से 13 बच्चों को एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट थाने की पुलिस ने रेस्क्यू किया है। इन बच्चों को पिछले दो वर्षों में इन शहरों में ले जाया गया था जहां इन्हें कई तरह के शोषण का शिकार बनना पड़ रहा था। पुलिस ने बच्चों को छुड़ाने के अलावा इन्हें तस्करी करने की आरोपी महिला तस्कर वंदना डांग को भी गिरफ्तार किया है। एक सप्ताह पूर्व ही सिमडेगा कोर्ट ने वंदना डांग के पति नेलशन डांग को मानव तस्करी तथा दुष्कर्म के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। कई दशकों से ह्यूमन ट्रैफिकिंग की समस्या से जूझ रहे सिमडेगा जिले की पुलिस के द्वारा एक साथ 13 बच्चों का रेस्क्यू किए जाने को बड़ी सफलता माना जा रहा है। एसपी संजीव कुमार ने प्रेस कांफ्रेंस करके कहा कि मानव तस्करी के खिलाफ पुलिस ने कमर कस ली है तथा अब तस्करों के खिलाफ और कड़ी कार्रवाई होगी। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी वंदना को जेल भेज दिया है।
एसपी संजीव कुमार ने अपने आवासीय कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस करते हुए बताया कि पुलिस के पास सलडेगा निवासी फुलजेम्स कुल्लू ने आवेदन दिया था कि उनकी नाबालिग पुत्री को वंदना नामक महिला काम दिलाने के बहाने हैदराबाद ले गई है और वहां उसे बेच दिया है। पुलिस ने इस शिकायत के आलोक में इंस्पेक्टर रवि प्रकाश राम के नेतृत्व में एसआईटी गठित की थी और बच्ची की बरामदगी के लिए आरोपी मानव तस्कर वंदना की खोज शुरू की। वंदना को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने उसकी निशानदेही पर हैदराबाद व बेंगलुरू के विभिन्न स्थानों पर छापा मारा। पुलिस ने फुलजेम्स की पुत्री के अलावा आठ और बच्चों को उक्त दोनों शहरों से छुड़ाते हुए अपने संरक्षण में ले लिया। साथ ही कार्रवाई के दौरान पुलिस ने वहां के शेल्टर होम में रखे गए चार बच्चों जो कि झारखंड के विभिन्न गांवों के हैं, को भी अपने संरक्षण में लेते हुए सिमडेगा ले आई। एसपी द्वारा गठित एसआईटी में जलडेगा अंचल के इंस्पेक्टर रवि प्रकाश राम के अलावा एएचटीयू थाना प्रभारी देवेंद्र कुमार, सअनि विजेता भारती, पुअनि सत्येंद्र कुमार सिंह, सअनि सत्यनारायण कुमार, महिला हवलदार जुलियानी कोनगाड़ी और महिला आरक्षी नीलम टेटे शामिल थे।
कई महीनों से लापता बच्चा वापस मिला तो मां-बाप की भर आई आखें
मानव तस्कर पैसों के लिए किस कदर मासूमों का शोषण कर रहे हैं इसका एक उदाहरण पुलिस की इस कार्रवाई के दौरान सामने आया। एसपी संजीव कुमार ने बताया कि साहेबगंज जिले का एक बच्चा जो कि मानसिक रूप से कमजोर है, को भी दलाल चुपके से उठाकर ले गए थे और महानगर में उसे भी बेच दिया था। वहां इस बच्चे से दिनरात काम कराया जा रहा था और इधर बच्चे के लिए परिजन तड़प रहे थे। एसपी ने बताया कि उक्त बच्चे की बरामदगी के बाद सबइंस्पेक्टर विजेता भारती ने साहेबगंज स्थित अपनी सबइंस्पेक्टर दोस्त के माध्यम से इस बच्चे के परिजनों को ढूंढा और उन्हें सिमडेगा बुलाया गया। एसपी ने बताया कि जब मां-बाप ने अपने खोए बेटे को वापस पाया तो उनकी आंखें भर आईं।
साहेबगंज, पाकुड़, गिरिडीह और खूंटी से भी ले जाए गए थे नाबालिग बच्चे
पुलिस द्वारा मानव तस्करों से छुड़ाए गए बच्चे-बच्चियाें में चार बच्चे साहेबगंज, पाकुड़, गिरिडीह और खूंटी जिले के निवासी हैं तथा बाकी बच्चे सिमडेगा जिले के रहने वाले हैं। एसपी संजीव कुमार ने कहा कि कड़ी कार्रवाई के बावजूद मानव तस्कर अपने काम से बाज नहीं आ रहे हैं। कुख्यात मानव तस्कर नेलशन डांग के जेल में रहने के बाद भी उसकी प|ी मानव तस्करी के धंधे में लगी हुई थी। उन्होंने कहा कि नेलशन को आजीवन कारावास की सजा मिलने के बाद उम्मीद की जानी चाहिए कि सिमडेगा जिले में मानव तस्करी के धंधे में लगे लोग इसे बंद करेंगे तथा जीवन यापन के लिए दूसरा काम करेंगे।
एक साथ 13 बच्चों को रेस्क्यू किए जाने पर जिला पुलिस मान रही है बड़ी सफलता
बच्चों के रेस्क्यू और मानव तस्कर की गिरफ्तारी के संबंध में जानकारी देते एसपी।
हैदराबाद अौर बेंगलुरू से छुड़ाकर लाए गए बच्चे-बच्चियां।