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ग्रामीण अर्थव्यवस्था का स्तंभ है कृषि

किसान मेला सह उत्पाद प्रदर्शनी का आयोजन, अशोक भगत ने कहा भास्कर न्यूज|घाघरा घाघरा प्रखंड परिसर में बुधवार को...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 01, 2018, 02:25 AM IST

किसान मेला सह उत्पाद प्रदर्शनी का आयोजन, अशोक भगत ने कहा

भास्कर न्यूज|घाघरा

घाघरा प्रखंड परिसर में बुधवार को आत्मा परियोजना गुमला के तत्वावधान में आत्मा किसान मेला शाह उत्पाद प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन पद्मश्री अशोक भगत एवं समिति के डायरेक्टर सुभाष सिंह ने किया। मुख्य अतिथि विकास भारती के सचिव पद्मश्री अशोक भगत ने कहा कि कृषि ग्रामीण अर्थ व्यवस्था का आधार स्तंभ है। जो किसानों के आय का प्रमुख साधन के साथ गांव के हरियाली और विकास का सूचक माना जाता है। किसान भारत की आत्मा है जो अन्य के उत्पादन में अपना भरपूर सहयोग प्रदान कर देश की अर्थव्यवस्था को संतुलित बनाते हैं। कृषि प्रदर्शनी के माध्यम से किसानों के उत्पादन क्षमता को बढ़ाने में आधुनिक कृषि तकनीक प्रणाली से किसान को जोड़ना है। प्रदर्शनी के माध्यम से किसानों को जैविक खाद के प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया। झारखंड कृषि समिति के डायरेक्टर सुभाष सिंह ने आधुनिक कृषि तकनीक प्रणाली पर व्यापक रूप से प्रकाश डाला। कार्यक्रम में गुमला जिला के 6 प्रखंडों से किसानों द्वारा विभिन्न प्रकार के फसलों के उत्पाद प्रदर्शनी में लाए गए। कृषि उत्पाद में किसानों द्वारा कृषि पशुपालन सहित कई कई उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई। रवि फसलों की प्रदर्शनियों का अवलोकन विकास भारती के सचिव अशोक भगत द्वारा समिति डायरेक्टर सुभाष सिंह व अन्य पदाधिकारियों के साथ किया। आत्मा किसान मेला सह उत्पाद प्रदर्शनी में घाघरा प्रखंड में दिलीप दास द्वारा किए जा रहे बटेर पालन व घाघरा प्रखंड के गम्हरिया गांव निवासी उप मुखिया अरुण साहू द्वारा बकरे की उन्नत नस्ल उत्पाद प्रदर्शनी का मुख्य केंद्र बना रहा। जिले के घाघरा, बिशनपुर, भरनो, कामडारा, पालकोट, गुमला, सिसई प्रखंडों से कुल 1000 किसानों ने भाग लिया। विभिन्न प्रखंडों से आए किसानों 40 प्रकार के उत्पादित रबी फसलों की प्रदर्शनी लगाई गई।

किसानों को किया गया पुरस्कृत

आत्मा किसान मेला में आए किसानों को उनके उत्पाद के लिए 27- 27 किसानों को प्रथम पुरस्कार के रूप में कुदाल, द्वितीय पुरस्कार के रूप में फावड़ा एवं तृतीय पुरस्कार के रूप में हसुआ दिया गया। साथ ही किसान मेला में शामिल अन्य सभी किसानों को पारितोषिक वितरण के रूप में खुरपी और सूअर का भी वितरण उपस्थित अतिथियों ने किया। प्रदर्शनी के दौरान विभिन्न प्रखंडों के किसानों को के बीच 200 स्वाइल हेल्थ कार्ड का भी वितरण किया गया। घाघरा प्रखंड के चुंदरी एवं सलगी क्लस्टर में 12000 रुपए के पावर स्प्रेयर का निशुल्क वितरण किसानों के बीच आत्मा परियोजना द्वारा की गई। कार्यक्रम में प्रखंड विकास पदाधिकारी विजय सोनी, अंचलाधिकारी दिनेश प्रसाद गुप्ता, आत्मा परियोजना के निदेशक बंधनु उरांव, कृषि पदाधिकारी रमेश चंद्र सिन्हा, घागरा प्रखंड बीस सूत्री अध्यक्ष राम साहू, प्रखंड प्रमुख सुनीता उरांव व विधायक प्रतिनिधि बालकिशन उरांव आदि मौजूद थे।

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Web Title: ग्रामीण अर्थव्यवस्था का स्तंभ है कृषि
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