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प्रभु यीशु ने मानव जाति को दिया प्रेम, दया और क्षमा का संदेश

गुमला धर्मप्रांत के सभी 38 पल्लियों के गिरजाघरों में ईस्टर महापर्व धार्मिक अनुष्ठानों के बीच उल्लास के मनाया गया।...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 02:35 AM IST
गुमला धर्मप्रांत के सभी 38 पल्लियों के गिरजाघरों में ईस्टर महापर्व धार्मिक अनुष्ठानों के बीच उल्लास के मनाया गया। मुख्य समारोही मिस्सा संत पात्रिक मैदान में आयोजित की गई। जहां शनिवार की रात 10 बजे से गुमला धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष बिशप स्वामी पॉल लकड़ा की अगुवाई में रात्रि जागरण मिस्सा का आयोजन किया गया। रात को ही प्रभु यीशु के पुन: जी उठने के विश्वास के साथ हजारों की संख्या में विश्वासी दो बजे तक मिस्सा अनुष्ठान में लीन रहे। मिस्सा अनुष्ठान में सह अधिष्ठाता की भूमिका विकर जेनरल फादर सिप्रियन कुल्लू व फादर रवि भूषण ने निभाई। बिशप ने धर्मग्रंथ के पांच पाठों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रभु यीशु को ईश्वर ने दुनिया में संपूर्ण मनुष्य का मुक्तिदाता बनाकर भेजा। वे प्रेम, दयालुता व परोपकारिता के कारण लोकप्रिय रहे। प्रभु ने मानव जाति को प्रेम दया व क्षमा का संदेश दिया। वे स्वयं इसका पालन कर दीन दु:खियों की सेवा की। उन्हें दुश्मनों ने क्रूस पर चढा दिया। वे ईश्वर की खुशी के लिए अपना सर झुकाकर अपने प्राण त्याग दिए। सभी ने सोचा कि अब सब कुछ खत्म हो गया। मगर प्रभु यीशु 36 घंटे के बाद पुर्न जीवित हो उठे। यह सबकुछ ईश्वर की योजना के अनुसार हुआ। प्रभु यीशु ने मृत्यु पर विजय प्राप्त किया। प्रभु यीशु के मरण के बाद पुन: जीवित हो उठना एक महान परिर्वतन था। हम ईश्वर के प्रेम सेवा व सत्य को पहचाने। दो महिलाएं मरियम मगदलेना व मरियम को दो स्वर्ग दूतों ने संदेश दिया कि प्रभु यीशु पुनर्जीवित हो उठे हैं। यह बात सुनकर दोनों महिलाएं जैसे ही मुड़े, तो उनके समक्ष प्रभु यीशु खड़े दिखे। दोनों ने यह सुसमाचार प्रभु यीशु के शिष्यों को सुनाया। 40 दिनों तक प्रभु यीशु पुर्नउत्थान के बाद अलग-अलग स्थानों पर लोगों को दर्शन दिए। बिशप ने कहा कि मनुष्य ईश्वर की इस चमत्कारी व आनंददायी घटना को याद कर अपने जीवन को मानवीय मूल्यों के साथ जीएं। समाज में फैले नशापान, आपसी द्वेष, कलह, झगड़ा-झंझट आदि कुरीतियों को भूलकर ईश्वरीय प्रेम को दर्शाएं। क्षमाशीलता बनें। कार्यक्रम के दौरान कोयर दल द्वारा प्रभु की स्तुति व महिमा की प्रस्तुति की गई। इस मौके पर फादर रेक्टर ख्रिस्टोफर लकड़ा, फादर नीलम एक्का, फादर रामू भिंसेंट मिंज, फादर जॉन अर्ल्बट बाड़ा, फादर हेमलेट, फादर पींगल, फादर एरिक, फादर अमृत, फादर सिप्रियन केरकेट्टा, फादर अनुरंजन पूर्ति, प्रोविंशियल सिस्टर एमेल्डा सोरेन, प्रोविंशियल सिस्टर मरिया, सिस्टर हिरमिला, सिस्टर निर्मला व सिस्टर एलिजाबेथ आदि उपस्थित थे। वहीं मंडल कारा में फादर सुनील ने मिस्सा अनुष्ठान कराया। उन्होंने संदेश में कहा कि सभी लोग भाईचारे के साथ रहकर ईश्वर के पैगाम को लोगों तक पहुंचाएं।