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कहीं जोश के सामने अनुभव की लड़ाई तो कहीं आमने-सामने भाई-भाई

नगर निकाय चुनाव कई मायने में रोचक होने लगा है। इस चुनाव में बुजुर्गों की टक्कर में कई युवा भी चुनाव लड़ रहे है। खास...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 02:35 AM IST
नगर निकाय चुनाव कई मायने में रोचक होने लगा है। इस चुनाव में बुजुर्गों की टक्कर में कई युवा भी चुनाव लड़ रहे है। खास बात यह है कि चुनाव में वार्ड सदस्य में जहां सबसे कम उम्र के उम्मीदवार 23 साल के है। वहीं सबसे अधिक उम्र के उम्मीदवार 60 साल की है। पार्षद पद में वार्ड नंबर 15 में सीटिंग पार्षद गायत्री शर्मा की टक्कर में सबसे कम उम्र के युवा 23 वर्षीय बबलू राम खड़े हैं। जो जोश की बदौलत बदलाव व विकास की बात कर रहे हैं। वहीं अनुभव की बदौलत गायत्री शर्मा तीसरी पारी खेलने को बेताब हैं। गायत्री 2008 से लगातार 2018 तक उक्त वार्ड की कमिश्नर रह चुकी हैं। हालांकि इस वार्ड से सोनल केशरी, शशिकांत शर्मा व हिमांशु आनंद केशरी भी पूरे दमखम के साथ चुनाव प्रचार में जुटे हैं। वहीं अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद में सबसे कम उम्र की महिलाएं राजनीति के दिग्गज खिलाड़ियों को मात देने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाई हुई है। अध्यक्ष के लिए सबसे अधिक उम्र के प्रत्याशी की लिस्ट में शामिल कांग्रेस के दीपनारायण उरांव व जेवीएम के पॉल केरकेट्टा के मुकाबले सबसे कम उम्र की युवती निर्दलीय प्रत्याशी निशा भगत खड़ी हैं। जबकि उपाध्यक्ष के लिए अधिक उम्र 58 साल के अजीत विश्वकर्मा की तुलना में 31 वर्षीय ज्योति कुजूर एक्का है। वहीं यहां एक वार्ड में पार्षद पद के लिए रिश्ते के दो भाई आमने-सामने खड़े हैं। दोनों अपनी जीत के लिए सुबह से शाम तक वार्ड के चक्कर लगा रहे हैं और मतदाताओं को रिझाने के प्रयास में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।