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जीवन में व्यवहारिक ज्ञान का है सबसे ज्यादा महत्व

विश्व शांति एवं प्राणी मात्र के कल्याण की पवित्र भावना के तासीर की धमक के साथ डीएवी गुमला में तीन दिवसीय वैदिक...

Dainik Bhaskar

Apr 01, 2018, 02:40 AM IST
जीवन में व्यवहारिक ज्ञान का है सबसे ज्यादा महत्व
विश्व शांति एवं प्राणी मात्र के कल्याण की पवित्र भावना के तासीर की धमक के साथ डीएवी गुमला में तीन दिवसीय वैदिक चेतना सह चरित्र निर्माण शिविर का भव्य समापन हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार एवं हवन ने लोगों के मन को शुद्ध एवं पवित्र किया। मुख्य अतिथि बीडी शास्त्री, विशिष्ट अतिथि विभय कुमार सिन्हा एवं विद्यालय के प्रधानाचार्य डीके महतो ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित किया। शास्त्री ने कहा कि गुरु ही जीवन के कांटो को उखाड़ना सिखाता है। उन्होंने छात्रों को वचन की पूर्णता, लक्ष्य निर्धारण, समय पालन, उच्च चरित्र एवं स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने को कहा। उन्होंने कहा कि जीवन में व्यवहारिक ज्ञान का सबसे ज्यादा महत्व है।

जो सत्य एवं न्याय के पथ पर चलता है वही सफल है। प्रधानाचार्य डीके महतो ने अतिथियों को शॉल ओढ़ाकर उनका सम्मान किया। प्रधानाचार्य ने कहा कि इस शिविर में सिखाई हुई बातों का विद्यार्थी जीवन में अनुकरण करेंगे और अपने चरित्र को ऊंचा बनाएंगे। हमारे द्वारा दिए गए ज्ञान को आत्मसात कर समाज में वैदिक धर्म का प्रकाश फैलाएंगे। इस अवसर पर शिक्षक पीके मोहंती, एसके पटनायक, रोहित कुमार सुतार, प्रदीप कुमार झा, कौशल किशोर महाराज, शैलेंद्र कुमार सिंह, डीके सिंह, रमाकांत त्रिपाठी, लाल हरे मुरारी नाथ सहदेव, राजेंद्र प्रसाद लाल, अमरेश कुमार शर्मा, रोबिन कुमार अधिकारी, चंदन कुमार झा, संयुक्ता खटवा, निशा त्रिपाठी, सुधा कुमारी, मिथुन कुमार डे, अभिजीत झा उपस्थित उपस्थित थे।

पुरस्कार प्रदान करते अतिथि।

इन्हें किया गया पुरस्कृत

नैतिक शिक्षा प्रश्न मंच, छाया चित्रांकन, शंख ध्वनि,मंत्रोच्चारण, नारा लेखन, शिविर समारोह, सर्वोत्तम शिविरार्थी, सर्वोत्तम अनुरक्षक इन सभी प्रतियोगिताओं के लिए पुरस्कार दिए गए। चित्रकला प्रतियोगिता में गुमला की तनु कुमारी, खुशी कुमारी एवं आशीष मिंज ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त किया। नारा लेखन में खलारी की पुष्पांजलि कुमारी, बुंडू के रोहित ढींगरा एवं गुमला की खुशी कुमारी ने तथा शंखनाद में लातेहार के निखिल कुमार, आकाश भारद्वाज, आयुष पांडे ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त किया। मंत्रोच्चारण में हेहल के जय वल्लभ, विष्णुप्रिया एवं खलारी की आस्था कुमारी तथा शिविर समारोह में डी ए वी गढ़वा, डी ए वी सिल्ली, डीएवी खलारी ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त किया। बेस्ट स्कूल का अवार्ड डीएवी सिल्ली को मिला एवं सर्वोत्तम अनुरक्षक का अवार्ड सुशील आर्य को मिला। जया कुमारी सर्वोत्तम शिविरार्थी चयनित हुई। धन्यवाद ज्ञापन शिक्षक सुजीत राणा ने किया।

पतांजलि योग समिति ने योग की परीक्षा ली

इसके पूर्व प्रातः पतंजलि योग समिति गुमला के सचिव भोला प्रसाद एवं पतंजलि योग समिति के सदस्यों ने योग की कक्षा ली। उन्होंने प्राणायाम, ध्यान योग, अनुलोम विलोम, भ्रामरी, कपालभाति का अभ्यास कराया। उन्होंने कहा कि योग जीवन पद्धति है। हमें नियमित रूप से इसका अभ्यास करना चाहिए। यह हमारे मन को पवित्र करता है और हमारे चरित्र को शुद्ध करता है।

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