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नई शिक्षा पद्धति से पढ़ाएं शिक्षक

जिला शिक्षा पदाधिकारी जयंत मिश्रा ने शिक्षकों को सीखने के क्रम को निर्बाध गति से जारी रखने को कहा है। वे सरस्वती...

Danik Bhaskar | Apr 01, 2018, 02:45 AM IST
जिला शिक्षा पदाधिकारी जयंत मिश्रा ने शिक्षकों को सीखने के क्रम को निर्बाध गति से जारी रखने को कहा है। वे सरस्वती शिशु मंदिर परिसर में आयोजित आचार्यों के दो दिवसीय कार्यशाला में शिक्षकों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा पद्धति के तहत छात्रों को पढ़ाएं। छात्रों में 23 प्रकार के गुण जो नई शिक्षा पद्धति में सुझाया गया है उसे निकालने के लिए शिक्षकों को सतत अध्ययनशील रहना चाहिए। छात्र अपने माता-पिता से भी अधिक सम्मान की दृष्टि से शिक्षक को देखते हैं। इसलिए शिक्षक का भी कर्तव्य है कि छात्रों के साथ स्नेह भाव रखते हुए उनके बहुमुखी प्रतिभा को निखारने का प्रय| करें।

बच्चे सुनने से अधिक प्रत्यक्ष उपलब्धि से अधिक सीखते हैं। इसलिए शिक्षक उपलब्धि आधारित शिक्षा देने पर विशेष बल दे। शिक्षा में सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग करते हुए छात्रों के रुचि के अनुसार उस दिशा में बेहतर करने के लिए प्रेरित करने का काम भी शिक्षकों का ही है। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने शिक्षकों को समाज का निर्माता बताते हुए उनकी समाज निर्माण में अहम भूमिका को रेखांकित किया। कार्यशाला में विद्यालय प्रबंधन समिति के सचिव त्रिभुवन शर्मा ने आचार्यों की सात्विक जीवन शैली एवं पारिवारिक माहौल में भैया बहनों के संबोधनों के बीच छात्रों को निखारने में कठिन परिश्रम करने की सराहना की। इस मौके पर प्रधानाचार्य राजबल्लभ शर्मा सुनील पाठक आदि लोगों ने भी वर्तमान शिक्षा नीति तथा उस में छात्रों को नए तकनीक का उपयोग कर बढ़ाने पर बल दिया।

कार्यशाला को संबोधित करते डीईओ।