कहीं उड़े अबीर-गुलाल, तो कहीं हुई रंगों की बौछार
बलम पिचकारी जो तुने मारी, 60 बरस में इश्क लड़ाए, बड़ा रंगीला सांवरिया, होली खेले रघुवीरा, होली है....आदि फगुवा गीतों के बीच मंगलवार को गुमला जिला में होली की धूम रही। रंगों व खुशियों का त्योहार होली प्रेम, भाईचारगी व आपसी सौहार्द के साथ शांतिपूर्ण व हर्षोल्लास पूर्वक माहौल में संपन्न हो गया। सभी धर्म, जाति व उम्र के लोगों ने एक साथ मिलकर होली मनाई। पर्व को लेकर बच्चों में उत्साह चरम पर रहा, तो महिलाएं व युवतियां भी रंगों की बौछार से न तो बच पाई और न ही खुद को दूर रख पाई। जबकि युवा वर्ग काफी दिन पहले से होली की तैयारी में जुट गए थे। होली के दिन वे अहले सुबह से ही टोलियां बनाकर सड़कों पर निकल गए। इसके साथ ही होली की धूम और रंगों की बारिश का सिलसिला आरंभ हो गया।
लोग अपने दोस्तों, रिश्तेदारों व परिचित को रंग लगाकर व गले मिलकर होली की बधाई देते रहे। जैसे-जैसे सूरज चढ़ता गया, रंग बिरंगे रंगों से गुमला की सड़कें और गली-मुहल्लें रंगीन होती गई। बच्चे पिचकारी के माध्यम से सड़कों पर गुजरने वाले राहगीरों पर रंग डाल रहे थे। दोपहर तक रंगों से होली खेलने के बाद शाम के पांच बजे से अबीर से होली मनाने का दौर शुरू हुआ। जो देर रात्रि तक जारी रहा। लोग स्नान करने के बाद नए-नए परिधान ग्रहण कर अबीर लगाने के लिए घरों से निकले। परंपरा व संस्कृति के अनुसार लोग अपने से बड़ों के पैरों में व छोटे के गालों में अबीर लगाकर होली की खुशियां मनाई।
होलिका दहन कार्यक्रम हुआ
होली की पूर्व संध्या शहरी क्षेत्र सहित जिले के कई स्थानों पर होलिका दहन कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और पूजा-अर्चना की। साथ ही परंपरा के अनुसार जलती हुई होलिका में बुटझंगरी और नारियल को भुना तथा होलिका के राख को अपने साथ ले गए।
शहर के साथ पूरे जिले में थी सुरक्षा के व्यापक प्रबंध
पर्व को लेकर जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों में भी पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए थे। जिले में अमन व शांति बनी रहे। इसके लिए सुबह से ही पुलिस बल के जवान अपनी डयूटी में मुस्तैद देखे गए। किसी अप्रिय घटना या शरारती तत्वों से निबटने के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से पूरी व्यवस्था की गई थी।
साउंड सिस्टम अाैर डीजे पर खूब थिरके बच्चे व युवा
होली को लेकर यूथ बिग्रेड की ओर से विभिन्न चौक-चौराहों व गली मुहल्लों में साउंड सिस्टम व डीजे की व्यवस्था की गई थी। जहां लोग एकत्रित होकर होली की गीतों की धुन पर थिरकते नजर आए। नाच गान के दौरान कई जगहों पर कपड़ा फाड़ होली का भी नजारा देखने को मिला। शरारती तत्वों द्वारा लोगों के कपड़े फाड़े जा रहे थे। जिससे कई स्थानों पर नोंक झोंक की स्थिति भी उत्पन्न हुई।
चैती दुर्गा पूजा समिति ने किया आगंतुकों का स्वागत
चैती दुर्गा पूजा समिति द्वारा मेन रोड में स्टॉल लगाकर होली मिलन समारोह आयोजित की गई। जहां गुलाल, फूलों व गुलदस्ते से आगंतुकों का स्वागत किया गया। साथ ही मिल्क शेक एवं मिठाइयां खिलाई गई। मौके पर अध्यक्ष संजीव उर्वशी, सरजू साहू, सुरेश मंत्री, किशोर फोगला, शंभु चौरसिया, रितेश कुमार, राजीव कुमार, प्रेमसागर जायसवाल, निर्मल गोयल, निर्मल अग्रवाल, महेश गुप्ता, विजय सोनी, संजय कुमार, अशोक कुमार, लाडले मौजूद थे।
हाेली के हुड़दंगाें में नहीं दिखा काेराेना का दहशत
होली को लेकर सुबह से ही घरों में पकवान बनना आरंभ हो गया था। पर्व में पकवान का अपना विशेष महत्व है। इसलिए घरों में ढुसका, बर्रा, कचरी, खीर, मलपुआ, दही बाड़ा सहित अन्य स्वादिष्ट पकवान बनाए गए थे। जिसका लोगों ने लुत्फ उठाया। साथ ही परंपरा व संस्कृति के अनुसार शराब व मांस के बिना पर्व अधूरा सा रह जाता है। इसे लेकर होली के दिन सुबह से ही मांस की खरीदारी करने वालों का जमावड़ा लगा रहा। वहीं चोरी-छिपे शराब की हाेती रही बिक्री। हाेली के हुड़दंगाें में नहीं दिखा काेराेना का दहशत
पुलिस पदाधिकारियों साथ गुलाल से होली खेलते एसपी।
होली खेलते लोग।
होली पर फूल-गुलदस्ते से आंगतुकों का स्वागत करते लोग।