घोटाला के कारण शौचालय निर्माण में गुमला पिछड़ा, केंद्रीय सचिव लेंगे एसबीएम का जायजा

Gumla News - स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रत्येक घरों में शौचालय का निर्माण कर जिला को खुले में शौच से मुक्त करने के सरकारी अभियान...

Oct 13, 2019, 06:56 AM IST
स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रत्येक घरों में शौचालय का निर्माण कर जिला को खुले में शौच से मुक्त करने के सरकारी अभियान का गुमला जिले में भ्रष्‍टाचार के कारण पलीता लग गया है। पिछले तीन वर्ष से संचालित इस अभियान के तहत राज्य के विभिन्न जिलों की तुलना में शौचालय निर्माण की लंबित वित्तीय प्रगति के प्रतिवेदन में गुमला जिला का स्थान एक नंबर पर है। केंद्र सरकार के सचिव अय्यर मंगलवार को झारखंड में स्वच्छ भारत मिशन की प्रगति के क्रम में गुमला जिले की भी वीडियोकॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से समीक्षा करेंगे। वित्तीय प्रगति संबंधी प्राप्त विभागीय आंकड़ों के अनुसार गुमला जिले में अब तक 1,51473 शौचालय के भौतिक प्रगति का प्रतिवेदन दिया गया है। इसमें से केवल 56758 शौचालय का ही वित्तीय प्रगति प्रतिवेदित किया गया। यानि की जितना शौचालय भौतिक रूप से बनाया गया है। उनके लाभुकों को शौचालय निर्माण की प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं किया गया है। आंकड़ों के अनुसार 56746 शौचालय वित्तीय रूप से भी पूर्ण हो गया है। यानि की लाभुकों के खाते में प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया गया है। जिले में करीब 95 हजार शौचालय है जिनका वित्तीय प्रगति अब तक प्रतिवेदित नहीं किया गया है। उपायुक्त के अनुसार गुमला जिला खुले में शौच से मुक्त घोषित हो चुका है। करीब 20 हजार के आसपास ही शौचालय का निर्माण होना शेष है। उल्लेखनीय है शौचालय निर्माण के लिए जेएसएलपीएस से संबद्ध महिला समूहों के खाते में करीब पांच हजार से अधिक शौचालय निर्माण की राशि भुगतान किए जाने के बाद शौचालय निर्माण की अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

जांच में भी हुई है घोटाले की पुष्टि

एक माह पूर्व स्वच्छ भारत अभियान के नोडल पदाधिकारी सह पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता चंदन कुमार ने 1.16 करोड़ रुपए शौचालय निर्माण की राशि की हेराफेरी किए जाने की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बाद में उपायुक्त ने भी इस मामले की जांच के लिए अधिकारियों की तीन सदस्यीय कमेटी बनाई। जांच कमेटी ने शौचालय निर्माण में बड़े पैमाने पर अनियमितता का संदेह जताते हुए इसकी जांच निष्पक्ष एजेंसी से कराने की अनुशंसा की। जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर डीसी शशिरंजन ने निष्पक्ष एजेंसी से जांच कराने की अनुशंसा करते हुए रिपोर्ट सरकार को भेज दी है।

महिला समूहों को दी गई राशि का पता नहीं

पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता चंदन कुमार का कहना है कि विभिन्न प्रखंडों में महिला समूहों को शौचालय निर्माण के लिए भुगतान की गई राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र अब तक अप्राप्त है। इसके लिए जेएसएलपीएस के डीपीएम को पत्र लिखा गया है। लेकिन अब तक उस राशि का पता नहीं है।

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