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शांति बनाए रखने के लिए पुलिस ने किया फ्लैग मार्च

भास्कर न्यूज | घाघरा (गुमला) घाघरा प्रखंड मुख्यालय स्थित प्राचीन देवी मंडप में रविवार को तोड़फोड़ व मूर्ति चोरी...

Danik Bhaskar | Apr 17, 2018, 02:15 AM IST
भास्कर न्यूज | घाघरा (गुमला)

घाघरा प्रखंड मुख्यालय स्थित प्राचीन देवी मंडप में रविवार को तोड़फोड़ व मूर्ति चोरी किए जाने के आरोप के बाद सोमवार को आदिवासी समुदाय के लोगों ने बैठक कर घाघरा थाना में आवेदन देते हुए संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करने की मांग की है। आवेदन में कहा की देवी मंडप को उनके पूर्वजों ने बनवाया था। पूर्वज सैकड़ों वर्षों से अपने रीति रिवाज से पूजा पाठ करते आ रहे हैं। लेकिन 50 से 60 साल पूर्व यहां अन्य समुदाय के लोगों का आगमन हुआ। वे यहां स्थायी रूप से बस गए। मंडप में पूजा पाठ करने लगे। विगत दो वर्ष पूर्व सदान वर्ग द्वारा बगैर पाहन पुजार के सलाह लिए बिना मंदिर का निर्माण करवा दिया गया। जिसके बाद रविवार को मंडप में पूजा पाठ कर शुद्धीकरण कर सरना झंडा गाड़ा गया था।

मगर बाद में दूसरे समुदाय के लोगों ने जाकर झंडा को उखाड़ कर फेंक दिया। जिससे हमारी भावना को ठेस लगी है। बैठक में बॉबी भगत, लालदेव भगत, गौतम भगत सरोजिनी कच्छप प्रमिला कच्छप भवा पहन, युगल भगत, मनोज उरांव , ललिता उरांव, शिवनाथ उरांव, बब्लू उरांव, दिलीप उरांव, इंद्रदेव भगत, सोमरा भगत सहित कई लोग मौजूद थे। इधर शांति व्यवस्था बनाए रखने को लेकर पुलिस प्रशासन ने देर शाम करीब 5 बजे फ्लैग मार्च किया। फ्लैग मार्च थाना प्रभारी सुदामा चौधरी के नेतृत्व में थाना परिसर से किया गया।

जिसमें बड़ी संख्या में पुलिस पदाधिकारी के अलावा जवान शामिल थे। फ्लैग मार्च प्रखंड के कई इलाकों में घूम घूम कर लोगों में सुरक्षा का भाव जागृत किया।

फ्लैग मार्च करते पुलिसकर्मी।

घटना को लेकर लोगों में आक्रोश

इधर देवी मंडप में घटी घटना के बाद दूसरे दिन प्रखंड मुख्यालय में शांति व्यवस्था बनी रही। हालांकि दोनों समुदाय के लोगों में अब भी घटना को लेकर आक्रोश है। जिसके कारण प्रखंड में शांति व्यवस्था के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रही। साथ ही चौक-चौराहों में अन्य दिनों की अपेक्षा पुलिस की तैनाती अधिक देखी गई। ग्रामीण क्षेत्रों में भी लगातार पेट्रोलिंग की जाती रही। वहीं वरीय अधिकारी किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए दोनों समुदाय के लोगों की गतिविधियों पर पैनी नजर बनाए रखे।