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शहर में 63% मतदान, पिछली बार से 2% ज्यादा

धूप में भी कतार में खड़ी महिलाएं। कुछ महिलाओं ने धूप से बचने के लिए लगाया था छाता। सबसे अधिक वार्ड नंबर 17 के बूथ ए और...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 17, 2018, 02:20 AM IST

धूप में भी कतार में खड़ी महिलाएं। कुछ महिलाओं ने धूप से बचने के लिए लगाया था छाता।

सबसे अधिक वार्ड नंबर 17 के बूथ ए और वार्ड 20 के एसएस स्कूल स्थित बूथ ए में 74 प्रतिशत मतदान

भास्कर न्यूज|गुमला

शहर की सरकार के चुनाव में गुमला में 63 प्रतिशत मतदान हुआ। जो पिछली बार 2013 में हुए चुनाव से 2 प्रतिशत अधिक है। पिछली बार 61 फीसदी मतदान हुआ था। इस बार 31478 वोटरों में से 19831 वोटरों ने मताधिकार का प्रयोग किया। जिसमें 63 प्रतिशत पुरुष और 61 प्रतिशत महिलाओं ने मतदान किया। सबसे अधिक वार्ड नंबर 17 के बूथ ए और वार्ड 20 के एसएस स्कूल स्थित बूथ ए में सर्वाधिक 74 प्रतिशत मतदान हुआ।

इधर मतदान को लेकर सुबह के सात बजे से लेकर शाम के पांच बजे तक गहमा-गहमी का माहौल रहा। कई बूथों पर बोगस मतदान की खबर फैलने, ईवीएम में खराबी आने, दो पक्षों में तनाव की स्थिति उत्पन्न होने जैसे वारदात के कारण प्रशासनिक महकमे के लोग परेशान रहे। हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों व चुनाव कार्य से जुड़े लोगों की तत्परता के कारण छिटपुट मामलों को छोड़ चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न हुआ। इसके साथ ही जहां प्रशासनिक पदाधिकारियों ने राहत की सांस ली। वहीं चुनावी मैदान में खड़े 148 प्रत्याशियों की किस्मत मत पेटी में बंद हो गई है।

मतदान का समय समाप्त होने के बाद प्रत्याशियों या उनके बूथ एजेंटों की मौजूदगी में ईवीएम सील कर सुरक्षा व्यवस्था के बीच मत्स्य कॉलेज स्थित वज्रगृह में पहुंचा दिया गया है। जहां वज्रगृह की सुरक्षा व्यवस्था जैप-1 व सीसीटीवी कैमरे पर है। अब 20 अप्रैल को मतगणना होगी। इसके बाद ही पता चल सकेगा कि जनता को रिझाने में कौन प्रत्याशी कितना सार्थक साबित हुआ है।

रात सात बजे तक स्ट्रांग रूम में पहुंची ईवीएम

नगर निकाय चुनाव शहर के केवल 44 बूथों पर संपन्न हुआ। लेकिन मतदान समाप्ति के बाद स्ट्रांग रूम तक पोलिंग पार्टी को पहुंचने में शाम सात बज गए। जबकि स्ट्रांग रूम से सभी मतदान केंद्रों की दूरी अधिकतम 2 से 2.5 किमी ही थी। पोलिंग पार्टी के सदस्यों ने बताया कि नजदीक होने के बाद भी ईवीएम को सील करने व शहर में ट्रैफिक की भीड़ के कारण भी विलंब हुआ।

मतदान की गोपनीयता होती दिखी भंग

मतदान के दौरान मतदाताओं के मतदान की गोपनीयता कई बूथों पर भंग होती दिखी। वार्ड 16 के लिए बनाए गए राजेंद्र अभ्यास स्कूल के बूथ में खिड़की के बगल में ईवीएम रखी गई थी। मतदाताओं के मतदान करने के दौरान बाहर मतदान के लिए खड़े मतदाता आसानी से देख पा रहे थे। वैसे ही वार्ड 21 के लिए नगर परिषद कार्यालय को केंद्र बनाया गया था। जहां एक साथ कई मतदाता प्रवेश कर रहे थे। जबकि महिला व पुरुष एक की कतार में खड़े थे। जब निरीक्षण के क्रम में डीसी श्रवण साय, एसडीपीओ भूपेंद्र राउत वहां पहुंचे और अव्यवस्था का आलम देखा, तो दोनों पदाधिकारी भड़क गए और वहां मौजूद पदाधिकारी को तुरंत व्यवस्था सुधारने का निर्देश दिया। साथ ही महिला-पुरुष को अलग-अलग कतार में खड़ा कराकर मतदान के वक्त एक ही मतदाता को अंदर प्रवेश कराने का निर्देश दिया।

ईवीएम हुई खराब, 40 मिनट बाद बदली गई

वार्ड नंबर आठ में पानी टंकी में बूथ बनाया गया था। जिसमें दोपहर के 3:40 बजे उपाध्यक्ष पद की ईवीएम मशीन खराब हो गई। जिसके बाद उस ईवीएम को बदलकर 4:20 में दूसरी ईवीएम लगाई गई। तब मतदान चालू हुआ। वहां के पीठासीन पदाधिकारी मिथिलेश कुमार ने बताया कि ईवीएम खराब होने से पूर्व तक 417 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर लिया था।

लाइटिंग दुरुस्त नहीं रहने से बुजुर्ग मतदाताओं को हुई परेशानी

मतदान केंद्रों पर लाइटिंग की व्यवस्था नहीं रहने के कारण बुजुर्ग मतदाताओं को वोटिंग में काफी परेशानी हुई। इसे लेकर वार्ड संख्या 20 के बूथ एसएस स्कूल में निर्दलीय अध्यक्ष प्रत्याशी शकुंतला उरांव के समर्थक विनोद कुमार व ड्यूटी में तैनात पुलिस पदाधिकारियों के बीच धक्का-मुक्की तक हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार विनोद कुमार ने आरोप लगाया कि ईवीएम में गड़बड़ी है। मतदाता वोट का प्रयोग कर रहे हैं। मशीन बीप कर रही है, लेकिन मतदान नहीं हो रहा है। साथ ही लाइटिंग की व्यवस्था नहीं होने के कारण बुजुर्गों को वोटिंग में दिक्कत हो रही है। इसे लेकर जब बात बढ़ी, तो धक्का-मुक्की तक पहुंच गई। इसके बाद किसी प्रकार मामला शांत हुआ।

हेलमेट पहनो, तब मतदान करने जाओ

पुलिस ने चलाया वाहन जांच अभियान

लोहरदगा | शहर में सोमवार को नप चुनाव के दौरान अचानक शहर के दोनों ओर के सीमांतों पर वाहन जांच अभियान चलाया गया। कचहरी मोड़ के निकट व बक्सी डीपा जंगल के निकट चलाए गए अभियान में हेलमेट, कागजात, ट्रिपल राइड समेत अन्य की जांच की गई।

अभियान का नेतृत्व कर रहे सार्जेंट संजय सिंह ने बिना हेलमेट पहले बाइक चलाने वालों से कहा कि चुनाव के दौरान रुकावट के लिए खेद है, परंतु सेफ्टी आपकी ही है। मतदान करने भी जा रहे हो, तो पहले हेलमेट पहनो बाद में मतदान करने जाओ। इस दौरान कागजात नहीं रहने पर कई लोगों से फाइन भी लिया गया। उन्होंने मीडिया को बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर अचानक वाहन जांच अभियान चुनाव के दौरान ही शुरू किया गया।

इधर अचानक शुरू हुए वाहन जांच अभियान के कारण लोगों को परेशानियों का भी सामना करना पड़ा।

चुनाव के दौरान वाहन जांच अभियान चलाते सार्जेंट।

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