शौचालय निर्माण घोटाला की रिपोर्ट किसी बीडीओ ने नहीं साैंपी
स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रत्येक घरों में शौचालय निर्माण की योजना में गुमला जिले में भारी मात्रा में फर्जीवाड़ा की पुष्टि होने के बाद डीसी शशिरंजन ने सभी बीडीओ से शौचालय निर्माण का भौतिक सत्यापन कर उसका प्रतिवेदन की मांग की थी। इसके लिए बैठक कर डीसी ने 10 फरवरी तक सभी बीडीओ को रिर्पोट देने का निर्देश दिया था। किंतु डीसी के निर्देश का बीडीओ द्वारा अनदेखी करने का आलम यह है कि एक माह बाद भी किसी बीडीओ ने शौचालय निर्माण का सत्यापन प्रतिवेदन नहीं भेजा है।
हालांकि डीसी ने कहा कि प्रखंड से धीरे धीरे रिर्पोट आ रही है लेकिन किन प्रखंडों का रिर्पोट आया यह नहीं बताएं। शौचालय निर्माण में घोटाला की पुलिसिया जांच में पुष्टि के बाद जिला प्रशासन ने एक बार फिर शौचालय निर्माण में लिप्त पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की कवायद शुरू कर दी है। जबकि पूर्व में भी डीसी ने इस मामले की जांच स्वतंत्र एजेंसी से कराने की अनुशंसा सरकार से कर चुकी है। सवा करोड़ रुपए जालसाजी की प्राथमिकी दर्ज होने के बाद जांच में बड़े पैमाने पर घोटाले के संकेत मिले। जिसमें पाया गया कि उक्त योजना में तीन वर्ष पूर्व 104 करोड़ रुपए का कैश बुक में समंजन ही नहीं हुआ है। आरोपियों की गिरफ्तारी एवं उनके स्वीकारोक्ति बयान से जिले में तत्कालीन राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की संलिप्तता भी प्रकाश में आई है। उसके बाद जिला प्रशासन ने भी इस मामले की वर्तमान स्थिति से सरकार को अवगत कराने के लिए शौचालय निर्माण में खर्च हुई राशि से संबंधित जानकारी प्राप्त कर अग्रेतर कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।