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- Gumla News On The Complaint Of The Councilors The City Council Imposed A Payment On The Payment Of Electrical Equipment
पार्षदों की शिकायत पर नगर परिषद ने बिजली उपकरण के पेमेंट पर लगाई राेक
नगर परिषद द्वारा गुमला शहर में समुचित प्रकाश की व्यवस्था के उद्देश्य से लाखों रुपए से खरीदे गए बिजली उपकरण चार माह से अंधेरे कमरे में बंद है। बाजार मूल्य से अधिक कीमत पर उपकरणों की आपूर्ति की शिकायत के बाद अध्यक्ष दीपनारायण उरांव ने आपूर्तिकर्ता के भुगतान पर रोक लगाते हुए मामले की जांच का आदेश जारी किया है। जिसके बाद आपूर्तिकर्ता के भुगतान पर रोक लगा दी गई है। साथ ही आपूर्ति की गई सामग्री की मूल्य व बाजार की वास्तविक कीमत को लेकर जांच की जा रही है।
जानकारी के अनुसार आपूर्तिकर्ता ने नगर परिषद काे 67 लाख 42 हजार 660 रुपए के सामान की आपूर्ति की है। इसमें कुल 26 प्रकार के उपकरण है। इसमें सबसे चौकाने वाला उदाहरण बाजार में हैवल्स कंपनी के दस एमएम वायर की कीमत प्रति कोइल जीएसटी के साथ 7135 रुपए है। जबकि आपूर्तिकर्ता द्वारा उसी कंपनी के 22 कोइल वायर 11690 रुपए की दर से आपूर्ति की गई है। इसी तरह अन्य सामग्रियों में भी बाजार मूल्य से अधिक कीमत दर्ज किया गया है।शहर के कई इलाके शाम ढलते ही घाेर अंधेरे में डूब जाता है। हालांकि इस मामले में नप के वार्ड पार्षद पूरी तरह से मुखर होकर जांच के बाद ही आपूर्तिकर्ता को भुगतान व बिजली उपकरणों के उपयाेग की मांग पर अड़े है। उनका आरोप यह भी है कि उपकरण खरीदारी में नियमों को दरकिनार करते हुए बड़े पैमाने पर घोटाले का खेल खेला गया है। जांच के बाद पूरे मामले का खुलासा हो जाएगा। इसके बाद ही उपकरण लगाने पर वे अपनी सहमति देंगे।
भुगतान पर रोक, जांच कमेटी गठित : इओ
ईओ हातिम ताई राय ने कहा कि इस मामले में जांच कमेटी गठित कर दी गई है। आपूर्तिकर्ता का भुगतान भी रोक दिया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि बोर्ड द्वारा पारित कर ही बिजली उपकरण की खरीदारी का आदेश जारी किया गया था। ताकि शहर में प्रकाश व्यवस्था हो सके। इसके लिए नियमानुसार टेंडर आमंत्रित किया गया। इसमें न्यूनतम दर के आवेदक को ही आपूर्ति का आदेश दिया गया था।
घोटाले की बात आई, तो कार्रवाई तय : अध्यक्ष
अध्यक्ष दीपनारायण उरांव ने कहा कि पार्षदों की शिकायत पर उन्होंने ईओ को आपूर्तिकर्ता को जांचोपरांत ही भुगतान करने व उपकरण की स्थानीय दर क्या है, इसकी जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। अभी तक जांच रिपोर्ट उन्हें नहीं मिली है। यदि उपकरण खरीदारी में किसी प्रकार की त्रुटि या घोटाले की बात सामने आती है, तो दोषी पर कार्रवाई तय है।
नवंबर में की गई है उपकरणों की आपूर्ति
बिजली उपकरण की खरीदारी गत नवंबर माह में की गई है। आपूर्तिकर्ता वसीम अली ने छह नवंबर को उपकरणों की आपूर्ति नप में कर दी है। जिसके बाद पार्षदों ने इसमें घोटाले की आशंका जताई। पार्षद दिलीप भगत, हरजीत सिंह, आरिफ आलम, रेहान अहमद, संजय कुजूर व कृष्णा राम ने अध्यक्ष दीपनारायण उरांव को ज्ञापन सौंपा। जिसमें कहा है कि उपकरण बाजार मूल्य से अधिक कीमत पर खरीदी गई है।
नगर परिषद के सभाकक्ष में रखा गया बिजली उपकरण।