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मनरेगा के तहत अब की जाएगी आम की बागवानी, किसानों का हो रहा है चयन

मनरेगा के तहत अब आम की बागवानी होगी। इसके लिए अबतक प्रखंड के विभिन्न गांवों के 15 सीमांत किसानों का चयन कर इस संबंध...

Danik Bhaskar | May 04, 2018, 02:50 AM IST
मनरेगा के तहत अब आम की बागवानी होगी। इसके लिए अबतक प्रखंड के विभिन्न गांवों के 15 सीमांत किसानों का चयन कर इस संबंध में अभिलेख तैयार कर लिया गया है। अब भी सीमांत कृषकों के चयन का काम जारी है। इस संबंध में जानकारी मनरेगा बीपीओ आशीष कुमार ने दी है। उन्होंने बताया कि रोजगार सेवकों को इसके लिए सीमांत कृषकों के चयन व भूमि संबंधी अभिलेख तैयार करने की जवाबदेही दी गई है।

आम की बागवानी को तीन वर्षों में तैयार करने की जवाबदेही लाभुकों की होगी। इसके लिए इच्छुक कृषकों को एक मुश्त एक ही स्थान में एक एकड़ भूमि का ब्योरा उपलब्ध कराना है, जिसपर एक लाख 68 हजार 157 रुपये की लागत से 112 आम के पौधे लगाने होंगे।

इनकी घेराबंदी व सिंचाई के साथ उन्हें इसी लागत मद से देख रेख करनी होगी। लागत राशि का भुगतान तीन वर्ष में तीन किस्तों में जाॅब कार्डधारी मजदूरों के खाते व सामग्री मद से मनरेगा की प्रक्रिया के तहत किया जाएगा। पौधा व दवा की व्यवस्था इस मद की राशि के माध्यम से संबंधित विभाग के स्तर से होगी। बरसात से पूर्व 3 गुणा 4 फीट के गड्ढ़ों की खुदाई करा ली जायेगी। जिनमें बरसात शुरु होते ही पौधरोपण कराया जायेगा। आम के बागान पर मालिकाना हक संबंधित सीमांत कृषक का होगा। आम बागान के विकास से उनकी आय बढ़ेगी। वातावरण में हरियाली के साथ ही पर्यावरण का संरक्षण भी होगा। इससे 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य की भी प्राप्ति हो सकेगी।

आम बागवानी के लिए चयनित भूमि।