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इंश्योरेंस पॉलिसी बंद कराने के लिए रिटायर शिक्षक सालभर बनता रहा ठगी का शिकार

एसबीआई लाईफ इंश्योरेंस की पॉलिसी बंद कराने के लिए रिटायर शिक्षक कुमारडुंगी थाना क्षेत्र के बालकांड गांव निवासी...

Danik Bhaskar

Feb 01, 2018, 01:30 PM IST
एसबीआई लाईफ इंश्योरेंस की पॉलिसी बंद कराने के लिए रिटायर शिक्षक कुमारडुंगी थाना क्षेत्र के बालकांड गांव निवासी सोनाराम सुरीन साल भर ठगी का शिकार बनते रहे। इस दौरान जालसाजों ने उनसे 3.5 लाख रुपए ठग लिए। जालसाजों ने उनसे दूसरे बैंक के एकाउंट में तीन बार रुपए भी जमा करवा लिए। चौथी बार जब उन्हें फिर से रुपए जमा कराने को कहा गया तो शिक्षक का माथा ठनका और ठगे जाने का एहसास हुआ। बुधवार को उन्होंने सबसे पहले एसबीआई के शाखा प्रबंधक से मुलाकात कर मामले की जानकारी दी। इसके बाद अधिवक्ता राजाराम के साथ सदर थाने पहुंचकर दो जालसाजों के खिलाफ शिकायत करा दी।

दो साल पहले ली थी पॉलिसी

जानकारी के अनुसार, 62 वर्षीय रिटायर शिक्षक सोनाराम ने वर्ष 2016 में एसबीआई बैंक के चाईबासा के मेन ब्रांच से लाईफ इंश्योरेंस की पॉलिसी ली थी। इस पॉलिसी का सालाना प्रीमियम 1 लाख रुपए है। एक साल बाद उनके खाते से दूसरे वार्षिक प्रीमियम के रूप में 1 लाख रुपए काट लिए गए।

रिटायर शिक्षक से जालसाजों ने एक साल में ठग लिए तीन लाख रुपए

अधिवक्ता के साथ केस दर्ज कराने जाते रिटायर शिक्षक।

पॉलिसी बंद करने के लिए मांगा एनओसी

पॉलिसी बंद करने के लिए किए गए अनुरोध के करीब दो माह बाद मार्च 2017 में रिटायर शिक्षक के पास मोबाइल नंबर-705306775 से फोन आया। फोन करने वाले व्यक्ति ने अपना नाम भगवान सहाय वर्मा व एसबीआई इंश्योरेंस की रांची शाखा का कर्मी बताया। उसने सोना राम को बताया कि उनकी पॉलिसी नंबर- 1के 055146306 को बंद करने के लिए संबंधित बैंक से एनओसी लेकर देनी होगी। जब सोनाराम ने बैंक से संपर्क किया तो उन्हें बताया गया कि उनकी पॉलिसीी 5 साल की है। इस पॉलिसी को बीच में बंद नहीं किया जा सकता है।

एनओसी बनाने के लिए चुकाए 13,600 रुपए

इसके बाद सोना राम ने भगवान सहाय वर्मा को फोन कर इसकी जानकारी दी। इस पर भगवान सहाय ने एनओसी बनाने के लिए 13,600 रुपए उसके बैंक ऑफ इंडिया के खाता संख्या- 606910115360 में जमा कराने को कहा। लिहाजा सोनाराम ने 6 मार्च को बैंक ऑफ इंडिया की हाटगम्हरिया शाखा यह पैसा जमा करा दिया।

टॉल फ्री नंबर से नहीं मिला संतोषजनक जवाब

सोनाराम ने बताया है कि जनवरी 2017 में ही उन्होंने एसबीआई लाईफ इंश्योरेंस के टॉल फ्री नंबर- 1800229090 पर फोन कर पॉलिसी बंद करने का अनुरोध किया था, लेकिन उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

दो दिन में जमा कराए 1 लाख रुपए

इसके बाद भगवान सहाय ने जून में फोन कर सोना राम को एसबीआई लाईफ इंश्योरेंस की एक किस्त की राशि 1 लाख रुपए उसके खाते में जमा कराने कहा। साथ ही बताया कि ऐसा करने पर उसे 5 लाख रुपए मिलेंगे। सोनाराम ने दो दिनों के अंतराल पर 47 हजार व 40 हजार रुपए उसके भगवान सहाय वर्मा के खाते में जमा करा दिया।

दो किस्त बकाया बताकर ठगे 1.87 लाख

इसके कुछ दिन बाद सोना राम के मोबाइल पर संदीप अग्रवाल नाम के व्यक्ति के मोबाइल संख्या 9069943580 से फोन आया। संदीप ने खुद को एसबीआई लाईफ इंश्योरेंस के हेड ऑफिस मुंबई का कर्मी बताते हुए सोनाराम से कहा कि उनके प्रीमियम की दो किस्त बाकी है। दोनों किस्त की राशि जमा कराने पर उसे वर्ष 2018 में 10 लाख रुपए मिलेंगे। संदीप की बातों में आकर सोना राम ने सितंबर 2017 में उसके खाते में 90 हजार व 97 हजार रुपए जमा कर प्रीमियम की पांचों किस्तें पूरी कर दी।

फिर मांगे प्रीमियम के पैसे

इस साल 24 जनवरी को संदीप ने दुबारा फोन किया। साथ ही सोना राम को बताया कि उसकी दो किस्त के प्रीमियम की राशि बाकी है। यह सुनते ही सोना राम का माथा ठनका और ठगे जाने का अंदेशा हुआ। लिहाजा उन्होंने पैसे जमा करने से इनकार दिया।


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