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98 मिमी रिकॉर्ड बारिश, सड़कें बनीं तालाब, 300 ग्राम तक के अाेले गिरे
{पोस्ट ऑफिस चौक, जिला परिषद चौक, साकेतपुरी, कृष्णापुरी, शिवपुरी, ओकनी की सड़कों पर पानी भर गया
हजारीबाग सहित पूरे जिले में तेज बारिश के साथ जमकर ओलावृष्टि हुई। ओलावृष्टि के कारण घर के बाहर खड़ी गाड़ियाें के शीशे टूट गए। वहीं शहर की कई सड़कें पानी में डूब गईं। आसपास के खेतों में भारी बारिश के चलते पानी भर गया। यूं कहें कि खेत तालाबों में तब्दील हो गए। पूरे शहर की व्यवस्था चरमरा गई। शहर के संत जेवियर स्कूल, पोस्ट ऑफिस चौक, जिला परिषद चौक, साकेतपुरी, कृष्णापुरी, शिवपुरी, ओकनी, मटवारी आदि जगहों के सड़कों पर पानी भर गया। शुक्रवार देर रात करीब 1.20 बजे तेज हवा के साथ बारिश शुरू हुई। साथ ही साथ ओले भी पड़ने लगे। करीब एक घंटे तक आसमान से बड़े-बड़े ओले बरसने लगे। 24 घंटे में करीब 98 एमएम बारिश हुई।
शहर व आसपास के इलाकों में 100 ग्राम से 300 ग्राम तक ओले गिरे। ओले की बरसात होने से खपड़ैल घरों, वाहनों, बाहर रखे सामानों, घर की शीशे चकनाचूर हो गए। लोगों की समझ में नहीं आ रहा था कि अचानक यह क्या हो गया। घरों में सोए लोग ओले पड़ने की आवाज से जाग गए ।
राेपनी के समय पानी नहीं गिरा, अब गिरकर खेती को बर्बाद कर रहा
इस वर्ष कृषि पर प्रकृति की वक्र दृष्टि रही है। खरीफ मौसम में समय पर वर्षा न होने के कारण धान का उत्पादन जिला में बहुत कम हुआ। अधिकांश किसान धान की रोपनी तक नहीं कर पाये। कई प्रखंडों में धान का आच्छादन न्यूनतम स्तर पर रहा। इसके बाद सब्जियों के मौसम में रह रहकर प्रकृति अपना कोप बरसाती रही। सब्जियों में आलू का उत्पादन बुरी तरह से प्रभावित हुआ और अब रबी मौसम में भी गेहूं के साथ साथ अन्य फसलों को भी इस बेमौसम बरसात ने पानी में डुबाे दिया।
बेमौसम बारिश-बर्फबारी से गेहूं,चना, टमाटर नष्ट
भास्कर न्यूज | हजारीबाग
शुक्रवार की रात से जारी बरसात के कारण खेती को भारी नुकसान पहुंचा है। रबी मौसम में उपजाई जाने वाली सारी फसलों को इस बरसात से सिर्फ नुकसान ही नुकसान हो रहा है, फायदा कुछ भी नहीं। जिला में बारिश के बाद की स्थिति को देखते हुए जिला कृषि पदाधिकारी संजय कुमार ने माना कि कृषि जीरो पर आ गया है। किसानों की मेहनत, उनकी पूंजी पर पानी फिर गया है। स्थिति को देखकर किसी को भी रोना आ जाएगा।
भारी बरसात और भयंकर बर्फबारी के कारण खड़ी फसल बरबाद हो गई। पौधे जो अब फल देने को तैयार थे, एक तरह से नष्ट हो गये। रबी फसलों में गेहूं, चना, मसूर, अरहर, टमाटर सभी को नुकसान पहुंचा है। फल और फूल की खेती भी प्रभावित हुई। आम के पेड़ों में लगे मंजर झड़ गये।
जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि कई किसानों ने लोन लेकर ड्रिप एरिगेशन की व्यवस्था करके फसल लगाई थी। पौधे तैयार थे और अच्छी उपज की संभावना दिख रही थी, मगर भारी ओला पड़ने के कारण वो नष्ट हो गये।
ओलों ने कराया कश्मीर का अहसास
शुक्रवार की रात 1.20 बजे शुरू हुई बारिश शनिवार को दिनभर होती रही
एनएच 33 कोनार पुल के पास की सड़क नदी बनी : बीते रात से लेकर शनिवार 2.00 बजे दोपहर तक 35 एमएम बारिश होने की संभावना जताई जा रही है । भारी बारिश के चलते जाम नालियों में पड़े कीचड़ सड़कों पर आ गए । डेली मार्केट व आसपास पूरा क्षेत्र में कीचड़ भर गया । वहीं एनएच 33 कोनार पुल के पास का सड़क छोटी नदी के रूप में तब्दील हो गया ।
कहीं-कहीं तीन फीट तक जमा था पानी : शनिवार रात 1.20 बजे से दिन भर बारिश होती रही । लोग घरों से नहीं निकले । बाजारों में भीड़ कम रही । तेज बारिश के कारण कई जगह पेड़ भी उखड़ गए । जिससे आवागमन बाधित हुई । सड़कों पर तीन फीट तक पानी जमा हो गया । इधर डीवीसी द्वारा बिजली कटौती भी लोगों को खूब रूलाया । शहर के लोगों ने कहा कि चैत माह में ऐसा लग रहा है कि ठंड और बारिश का मौसम एक साथ आ गया हो। लोगों को समझ में नहीं आ रहा है कि स्वेटर पहने या रेन कोट।
बारिश से क्षतिग्रस्त टमाटर की फसल ।
लगातार बारिश से खेतों में जमा पानी।
बेमौसम बारिश के बाद शहर के संत जेवियर स्कूल के पास जल जमाव का दृश्य।