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- Hazaribagh News Dc Set Up Five Member Team To Investigate Gas Leak Incident
गैस रिसाव की घटना की जांच के लिए पांच सदस्यीय टीम गठित डीसी ने 24 घंटे में मांगी रिपोर्ट, पीड़ितों के लिए छह लाख स्वीकृत
आइस फैक्ट्री में घटी गैस रिसाव की घटना के संबंध में उपायुक्त डॉ. भुवनेश प्रताप सिंह ने पांच सदस्यीय जांच टीम का गठन किया है। जिसका नेतृत्व अपर समाहर्ता को सौंपा है। उपायुक्त ने टीम से 24 घंटे के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। अपर समाहर्ता दिलीप तिर्की की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया है। जांच समिति में सिविल सर्जन, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र, कारखाना निरीक्षक, क्षेत्रीय पदाधिकारी झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद हजारीबाग को सदस्य बनाया गया है। उपायुक्त के निर्देश पर जांच समिति 24 घंटे के अंदर घटना के विभिन्न पहलुओं पर जांच कर उपायुक्त को प्रतिवेदन सौंपेगी। इधर, स्थानीय बड़ा बाजार स्थित मल्लाह टोली में जगदीश प्रसाद की आइस फैक्टरी को सील कर दिया गया है। घनी आबादी के बीच यह फैक्ट्री पिछले 50 वर्षों से संचालित थी। जांच में पाया गया है कि फैक्ट्री के संचालन में सुरक्षा नियमों की अनदेखी की गई है। अमोनियम गैस का रिसाव इसी अनदेखी का नतीजा है। गैस रिसने से मोहल्ले के दर्जनों लोग इसकी चपेट में आ गए। देर रात बड़ा बाजार धोबी गली निवासी कंचन देवी नामक एक महिला की मौत हो गई। शाम में वह सब्जी खरीदने जा रही थी, तभी वह बेहोश होकर गिर पड़ी। मृतका के पुत्र पिंटू कुमार के बयान पर बड़ा बाजार टीओपी में एफआईआर दर्ज किया गया है। इस बीच शुक्रवार दोपहर एनडीआरएफ की 20 सदस्यीय टीम ने आईस फैक्ट्री का मुआयना किया। टीम का नेतृत्व कर रहे इंस्पेक्टर मो. कलाम ने बताया कि टंकी में गैस खाली हो चुका है। अब यहां कोई खतरा नहीं है। गैस की टंकी का वल्व काफी जर्जर अवस्था में था। इसके कारण गैस का रिसाव हुआ। जांच में पाया गया कि मशीन का मेनटेनेंस जीरो था। इस बीच जिला प्रशासन ने गैस पीडि़तों के इलाज के लिए राज्य आपदा मोचन निधि से छह लाख रुपए का आबंटन किया है। डीसी डॉ. भुवनेश प्रताप सिंह ने बताया कि फैक्ट्री को सील कर संचालक के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जा रही है ।
फैक्ट्री की जांच में मिली खामियां
{ कूलिंग मशीन का मेनटेनेंस था शून्य
{ घनी आबादी के बीच फैक्ट्री का संचालन नॉर्म्स के खिलाफ
{ पॉवर कट के बीच हाई प्रेशर में मशीन चलाने से पाइप फटा और रिसाव हुआ
घनी आबादी से शिफ्ट हो फैक्ट्री
भाजपा पिछड़ी जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अमरदीप यादव ने कहा कि गैस रिसाव की यह तीसरी घटना है। चार साल पहले भी ऐसी स्थिति बनी थी तब हमलोगों ने फैक्ट्री को घनी आबादी से दूर शिफ्ट करने का आग्रह करते हुए एसडीओ को आवेदन दिया था, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
सुबह पांच बजे लाेग अपने घराें काे लाैटे
गैस रिसाव का प्रभाव दिखने के साथ ही करीब पांच हजार आबादी के बीच खलबली मच गई। लोग जैसे-तैसे घरों से निकल कर इधर उधर भागने लगे। मोहल्ले के युवक लोगों को घरों से निकालने और सुरक्षित जगह तक ले जाने में मदद कर रहे थे। हजारीबाग का स्टेडियम मुख्य सेंटर बना हुआ था। उसके बाद संत स्टीफन स्कूल के ग्राउंड के अलावा दीक्षित शादी घर और मधुबन धर्मशाला में मोहल्ले के लोगों को ठहराया गया था। भाजपा पिछड़ी जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अमरदीप यादव , अर्जुन यादव, प्रमोद यादव, आदित्य नारायण कुशवाहा अपने सहयोगियों के साथ पीड़ित लोगों को मदद पहुंचाने में जुटे थे। डीसी डॉ भुवनेश प्रताप सिंह, एसपी मयूर पटेल, डीडीसी विजया जाधव संयुक्त रूप से प्रभावित क्षेत्र के अलावा प्रभावित लोगों के बीच पहुंच कर जायजा ले रहे थे ।रात करीब दो बजे तक अधिकारी जायजा लेते रहे। फिर सुबह करीब पांच बजे मोहल्ले के लोग अपने-अपने घरों को लौटे। इस बीच खुले घरों में चोरी होने की संभावना से लोग चिंतित रहे। तीन दमकल गाड़ियों से पानी का छिड़काव किया गया। सकरी गली के कारण दमकल की गाड़ियां आइस फैक्ट्री तक नहीं पहुंच पाई।
सीओ सदर को तत्काल सहायता राशि वितरण करने का दिया गया निर्देश
उपायुक्त डॉ भुवनेश प्रताप सिंह ने मृतका व प्रभावित लोगों के लिए छह लाख रुपये की राशि स्वीकृत की है। 12 मार्च को गैस रिसाव की घटना के दौरान मल्लाह टोली की कंचन देवी की गैस रिसाव से मृत्यु हो गई थी। इसके अलावा करण, केपी श्रीवास्तव, मोहम्मद स्वराज, राजू करण, मोहम्मद साहिल खान, विशाल पासवान, नवल किशोर, वीरेंद्र साहनी, करण कुमार, पवन कुमार, तुलसी प्रसाद मेहता, कुणाल यादव, मोहम्मद यूसुफ सबरा, रमजा फातमा, मानसी कुमारी, राहुल कुमार, र| देवी, सुनीता देवी, सोनी साहिनी, पूजा कुमारी, स्नेहा कुमारी, संगीता कुमारी, नाजमा खातून, संजू देवी, बॉबी कुमारी, लीलावती देवी तथा जितनी देवी सहित कुल 27 लोग गैस रिसाव की घटना के कारण इलाज हेतु सदर अस्पताल में भर्तीर् कराए गए ।
अधिक कुलिंग के लिए 255 सेक्शन प्रेशर में मशीन चलाने के कारण रिसीवर पाइप फटा
हजारीबाग में पिछले चार दिनों से ब्लैक आउट की स्थिति है। फैक्ट्री के संचालक को इसी हाल में अधिक बर्फ का उत्पादन करने की ललक थी। इसके पास कुशल ऑपरेटर भी नहीं थे, जो कुलिंग सिस्टम से संचालक को समझ पाते। फैक्ट्री के संचालकों ने अधिक कुलिंग के लिए 255 सेक्शन प्रेशर में मशीन को चला दिया जिससे मशीन और रिसीवर गर्म हो गया। इसका साइड इफेक्ट यह हुआ कि रिसीवर पाइप तथा उस पर लगा वल्ब फट गया और गैस का रिसाव होने लगा। यदि कुशल ऑपरेटर होता तो रिसीवर के गर्म होने की स्थिति में वाटर स्प्रे करता पर ऐसा नहीं हो पाया और पाईप फट गई। आईस फैक्ट्री का संचालन करने वाले एक्सपर्ट बताते हैं कि कुलिंग के लिए सेक्शन प्रेशर 180 होना चाहिए। गर्मियों में अधिकतम 220 सेक्शन प्रेशर पर कुलिंग किया जाता है। जबकि यहां 255 सेक्शन प्रेशर पर कुलिंग किया जा रहा था, यही घातक हुआ। एक्सपर्ट के मुताबिक नाइट्रोजन और हाइड्रोजन गैस के मिश्रण से अमोनिया गैस तैयार होता है। यह जहरीला नहीं होता है। पर शरीर के अंदर प्रवेश कर जाने पर सांस की कठिनाई बढ़ जाती है। इससे लोगोंं का दम घुटने लगता है। इस गैस से आंखों में जलन होता है। रात में गैस का रिसाव होने के कारण कबूतरों के आंखों पर इसका प्रभाव पड़ा और वे जमीन पर गिर कर मरने लगे। फैक्ट्री के संचालक जगदीश प्रसाद के पुत्र संजय कुमार ने बताया कि बिजली के फ्लैक्चुवेशन के कारण पॉवर अप डाउन हुआ इससे वल्ब क्षतिग्रस्त हुआ और गैस का रिसाव होने लगा। हमलोग वल्ब को बंद करने की बहुत कोशिश किए पर वह टूट गया।
मल्लाह टोली में गैस रिसाव की घटना के बाद आईस फैक्ट्री सील, एफआईआर दर्ज, एनडीआरएफ टीम बोली-टंकी खाली अब खतरा नहीं
क्षतिग्रस्त रिसीवर, इसी से गैस का रिसाव हुआ।
मुहल्ले की जांच के लिए पहंुची एनडीआरएफ की टीम ।