किसी भी आपदा से निपटने में एचएमसीएच सक्षम ः सुपरिटेंडेंट
शहर के मल्लाहटोली मुहल्ला में हुए गैस रिसाव में प्रभावित लोगों का अस्पताल की टीम ने बेहतर सेवा दी। इस घटना में अपनी भूमिका प्रस्तुत कर हजारीबाग मेडिकल कॉलेज अस्पताल ने यह साबित किया है कि किसी भी आपदा से निपटने में एचएमसीएच सक्षम है। यह दावा अस्पताल के सुपरिटेंडेंट डाॅ के के लाल और डिप्टी सुपरिटेंडेंट डॉ एके सिंह ने किया। शुक्रवार को दोनों अधिकारियों ने प्रेस वार्ता किया। उन्होंने कहा कि गैस हादसे के बाद 30 प्रभावित मरीजों को अस्पताल में एडमिट कराया गया था। जिसमें एक कंचन देवी की हादसे में मौत हो गई। उनके परिजन जब अस्पताल लेकर पहुंचे थे, उस समय पल्स रेट डाउन हो चुका था। सांस लेने में हो रही परेशानी को देखते हुए दो मरीजों को रिम्स रेफर कर दिया गया था। जबकि चार मरीजों को उनके परिजन एचजेडबी आरोग्म अस्पताल ले गये। शुक्रवार को फाइनल चेकअप के बाद रतन देवी, सोनी सुहानी और पूजा कुमारी को रिलीज कर दिया गया। गैस हादसे जैसे आपदा के बाद निबटने में डॉ गौतम चंद्रा, डॉ सीता पैकरा, डॉ अभिषेक कुमार, डॉ पीयूष, डॉ एके चौधरी, एसआर डॉ कविता तिर्की, डाॅ राजन यादव, डॉ राज लक्ष्मी यादव, डॉ निकिता चौहान और अस्पताल के कर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सुपरिटेंडेंट डॉ कृष्ण कुमार लाल ने कहा कि उन्होंने सात मार्च को सांसद जयंत सिन्हा के बारे में कोई ऐसा बयान नहीं दिया है कि उन्होंने अपने वोट बैंक के खातिर मेडिकल कॉलेज अस्पताल खुलवाया है। उन पर यह आरोप सरासर गलत और बेबुनियाद है।
पूरी रात अलर्ट पर रहा एचजेडबी आरोग्यम
एचएमसीएच अस्पताल से गंभीर हालत में रिम्स रेफर किए गए मरीजों को एचजेडबी आरोग्यम अस्पताल ले जाया गया था जहां उनका इलाज कर दूसरे दिन वापस घर भेज दिया गया। घटना की रात आरोग्यम अस्पताल पूरी रात अलर्ट पर रहा। इसके निदेशक हर्ष अजमेरा रात भर अस्पताल में कैंप करते रहे। वहीं भर्ती पांच गंभीर मरीजों का हाल चाल जानने उपायुक्त डाॅ. भुवनेश प्रताप सिंह और एसपी मयूर पटेल कई राउंड में पहुंच कर लोगों की स्थिति की जानकारी लेते रहे। इसी क्रम में प्रभावित इलाके में प्रवेश कर फायर ब्रिगेड का सहयोग कर रहे सदर एसडीपी ओ कमल किशोर एवं सदर थाना प्रभारी निरज सिंह की तबियत बिगड़ गई। उनका दम घुटने लगा। तत्काल उन्हें आरोग्यम अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में ऑक्सीजन पर रखा गया। मरीजों के इलाज के लिए अलग वार्ड बनाया गया था। निदेशक ने बताया कि यह सेवा बिलकुल नि:शुल्क दी गई ।
जानकारी देते एचएमसीएच के अधीक्षक व उपाधीक्षक।