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7.87 करोड़ से जलमीनार का होगा निर्माण जैंतगढ़ के 10 गांवों में घर-घर पहुंचेगा पानी

भास्कर न्यूज | चंपुआ/जैंतगढ़ बीस वर्षों से पेयजल की समस्या से जूझ रहे जैंतगढ़वासियों को अब शीघ्र ही इस समस्या से...

Danik Bhaskar

Feb 13, 2018, 02:50 AM IST
भास्कर न्यूज | चंपुआ/जैंतगढ़

बीस वर्षों से पेयजल की समस्या से जूझ रहे जैंतगढ़वासियों को अब शीघ्र ही इस समस्या से निजात मिल जाएगी। विभाग ने इसकी तैयारी पूरी कर ली है। जैंतगढ़ मे जगन्नाथपुर विधायक गीता कोड़ा एंव सांसद प्रतिनिधी विपीन पूर्ति ने संयुक्त रूप से जलमीनार का शिलान्यास किया। इस योजना की प्राकल्लित राशि 7 करोड़ 87 लाख रुपए है। इस शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए विधायक गीता कोड़ा ने कहा कि लंबे समय से लोग पेयजल समस्या से जूझ रहे हैं। जैंतगढ़ के आसपास के दर्जन भर गावों को इस योजना का लाभ मिलेगा। इसके साथ ही विधायक फंड से 42 अन्य पेयजल की बड़ी योजनाएं क्रियान्वित हैं। जलमीनार का निर्माण डीएमएफटी से कराई गई है। खनन क्षेत्र से प्राप्त होने वाले रॉयलिटी से यह योजना संचालित होती है। खनन क्षेत्र से लगे गावों में प्रदूषण एक समस्या है। उसी के निदान के लिए डिस्ट्रिक्ट मिनिरल फंड बनाया गया है। मैं भी इसकी सदस्य हूं। पेयजल के साथ जिले मे कुपोषण भी एक समस्या है।

जलमीनार से 16 घंटों के अंतराल में 10 लाख लीटर जलापूर्ति हो सकेगी

जैंतगढ़ मंे जलमीनार का शिलान्यास करतीं विधायक गीता कोड़ा।

25 किमी लंबी पाइपलाइन बिछेगी- इस परियोजना के धरातल मे आने के बाद दर्जनभर गावों के 7 हजार आबादी को शुद्ध पेयजल मिलने लगेगा। इस योजना की प्राक्लन राशि 7.87 करोड़ है। जलमीनार का स्टेजिंग (क्लम) 14 मीटर ऊंची होगी। टंकी का पानी संचय करने क्षमता 1.60 लाख लीटर की है। इस टंकी द्वारा 16 घंटों के अंतराल में कुल 10 लाख लीटर स्वच्छ जलापूर्ति की जाएगी। विभिन्न गावों तक जलापूर्ति करने के लिए कुल 25 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछेगी।

1982 में बिछी थी पाइपलाइन, अब जर्जर

जैंतगढ़ मे पीएचईडी विभाग द्वारा 1982 मे बिछाई गई पाइपलाइन पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। 10-12 वर्षों तक सब कुछ ठीक-ठाक रहा। लेकिन अब जगह-जगह पाइप जाम हो गया है तथा फट भी गया है। फलस्वरूप यहां 80 प्रतिशत घरों मे पीएचईडी का सप्लाई पानी नहीं पहुंच पाता तथा कई घरों मे नाली का पानी रिसाव हो कर नल मे आता है। यहां पानी की समस्या को दूर करने केलिए 10 करोड़ की लागत से सरस्वतीपुर जलमीनार योजना बनाई गई है। पर जैंतगढ़ मे पीएचईडी द्वारा आपूर्ति दिखा कर इस परियोजना से जैंतगढ़ को वंचित रखा गया है। जब यहां के लोगों ने इसका विरोध किया तो बाईपास सिस्टम द्वारा जाम हो चुकी पाइपलाइनों को दुरुस्त करने के लिए 8 लाख रुपए की योजना का क्रियावन्यन हुआ पर यह योजना धरातल में अनुपयोगी साबित हुई। शिलान्यास सभा का संचालन शरद प्रधान ने स्वागत भाषण, जभासपा प्रखंड अध्यक्ष गगन बिहारी प्रधान ने किया। सभा को सांसद प्रतिनिधि बिपिन पूर्ति, ग्रामिण मुंडा सत्यनारायन राठौर ने भी संबोधित किया।

इन गावों को मिलेगा लाभ

जैंतगढ़ में जलमीनार बनने से जैंतगढ़ मुस्लिम बस्ती, नयाबाजार, बाबूसाही, बेहरा साही, रांगामटिया, नाल साही, दलपोसी, बांसकांटा, कादो कोड़ा एंव मानिकपुर गावों मे आसानी से जलापूर्ति हो सकेगी। विदित हो कि सरस्वतीपुर जलमीनार से वंचित इन गावों की जनता गम्भीर पेयजल की समस्या से जूझ रही थी।

बैतरणी से पानी लाते हैं लोग

20 वर्षों से यहां के लोगों ने पेयजल के लिए संघर्ष किया है। लेकिन दो वर्षों से 8 लाख रुपये की पाईप लाईन योजना अधर मे लटकी हुई है। जबकि जैंतगढ़ के लोग गम्भीर पेयजल की समस्या से जूझ रहे हैं। लोगों को आधा किलोमीटर दूर बैतरणी नदी या फिर चापाकल से पानी लाना पड़ता है।

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