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चाईबासा में खुलेगा राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज, फिलहाल जीएनएम भवन में चलेगा

जगन्नाथपुरमें निर्माणाधीन 100 बेड के राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सा महाविद्यालय सह अस्पताल का संचालन अब सदर अस्पताल...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jan 06, 2018, 02:50 AM IST

जगन्नाथपुरमें निर्माणाधीन 100 बेड के राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सा महाविद्यालय सह अस्पताल का संचालन अब सदर अस्पताल परिसर में होगा। स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी में तत्काल इस अस्पताल को सदर अस्पताल के नव निर्मित जीएनएम भवन में शुरू कराने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि इस अस्पताल को यथाशीघ्र शुरू करने के लिए सरकार कटिबद्ध है। भवनों का निर्माण भी तेजी से किया जा रहा है। वहीं अन्य काम की गति में भी तेजी लायी जा रही है। उन्होंने सिविल सर्जन डॉ हिमांशु कुमार बरबार को जारी निर्देश में कहा कि इस महाविद्यालय सह अस्पताल की मान्यता सेंट्रल काउंसिल ऑफ इंडियन मेडिसन (सीसीआईएम) से लेना अनिवार्य है। उन्होंने कहा है कि राज्य में बन रहे ऐसे महाविद्यालय सह अस्पताल भवन के एक भी खंड को पूर्ण नहीं किया जा सका है। ऐसे में यह अस्पताल भी नहीं खुल पा रहा है। लिहाजा जब तक इस महाविद्यालय सह अस्पताल का एक भी भवन पूर्ण नहीं हो जाता है, तब तक सदर अस्पताल के नव निर्मित जीएनएम भवन को ही अस्थायी रूप से अस्पताल के रूप में उपयोग में लाया जाए।

प्राचार्य को भवन सौंपने का आदेश

अपरमुख्य सचिव ने सिविल सर्जन को जल्दी ही जीएनएम भवन को राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सा महाविद्यालय सह अस्पताल के प्राचार्य को सौंपने का निर्देश भी दिया है। साथ ही यह भी भरोसा दिलाया है कि जब जगन्नाथपुर में आयुर्वेदिक कॉलेज सह अस्पताल बनकर तैयार हो जाएगा, जीएनएम भवन को वापस कर लिया जाएगा।

क्यों पड़ी जरूरत - दरअसलजगन्नाथपुर के आयुर्वेदिक महाविद्यालय सह अस्पताल भवन निर्माण पर अब तक 8 करोड़ से भी ज्यादा राशि खर्च की जा चुकी है, लेकिन अब भी इसका निर्माण पूर्ण नहीं हो पाया है। मौजूदा समय में इस अस्पताल भवन को बनाने में निजी जमीन आड़े रही है। निजी जमीन के मालिक ने विभाग को इस शर्त पर जमीन देना चाहते हैं कि इसके बदले सिर्फ उन्हें मुआवजा दिया, बल्कि परिवार के एक सदस्य को नौकरी भी दी जाए। ऐसे में जमीन के अभाव इस भवन का निर्माण अटक गया है।

^जगन्नाथपुर में इस महाविद्यालय सह अस्पताल के भवन को पूरा करने में एक साल और लगेगा। इस साल के बाद ही यह निर्माण कार्य पूर्ण हो सकेगा। इस कॉलेज को मान्यता प्राप्त करने के लिए पहले दो साल तक इसे चलाना जरूरी है। जीएनएम भवन को हैंड ओवर लेने के लिए सोमवार को उपायुक्त सिविल सर्जन से मिलकर बातचीत की जाएगी। -डॉ रविंद्र राय, प्राचार्य राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज सह अस्पताल

^स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर सचिव से सदर अस्पताल परिसर में के जीएनएम भवन को जगन्नाथपुर आयुर्वेदिक महाविद्यालय सह अस्पताल के प्राचार्य को सौंपने का निर्देश मिला है। लेकिन मौजूदा समय में जीएनएम भवन में बिजली पानी की व्यवस्था की गयी है या नहीं इसका पता नहीं है।- डॉहिमांशु बरबार, सिवल सर्जन

इसलिए जरूरी है कॉलेज सह अस्पताल

आयुर्वेदिककॉलेज सह अस्पताल को सीसीआईएम से मान्यता प्राप्त कराने के लिए कम से कम इसे दो साल तक चलाना जरूरी होता है। बगैर मान्यता के यहां पढ़ने वाले छात्रों को डिग्री नहीं मिल पाएगी। यदि डिग्री मिल भी गई तो वह किसी काम का नहीं होगा। वहीं केंद्र सरकार से विभिन्न मदों में राशि भी नहीं मिल सकेगी। ऐसे में तो महाविद्यालय चल पाएगा और ना ही अस्पताल। यदि यह आयुर्वेदिक महाविद्यालय सह अस्पताल शुरू हो जाता है तो आयुष की पढ़ाई करने के लिए जिले के छात्रों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा।

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