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सड़क निर्माण में गड़बड़ी का आरोप, जांच की मांग

मंढुई व गुमुरिया पंचायत में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना से बन रही सड़कों में भारी अनियमितता बरते जाने का आरोप...

Danik Bhaskar | Mar 10, 2018, 02:55 AM IST
मंढुई व गुमुरिया पंचायत में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना से बन रही सड़कों में भारी अनियमितता बरते जाने का आरोप मामू संघ के पूर्व अंचल अध्यक्ष जमादार लागुरी ने लगाया है। उन्होंने कहा सड़कों में कार्यरत मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी का भुगतान नहीं हो रहा है। निर्माण कार्य भी सुस्त है। गुणवत्ता युक्त को स्थान पर निम्न गुणवत्ता की सड़कें बन रही हैं। सभी मार्च लूट मे व्यस्त हैं, जैसे तैसे काम कर राशि निकासी की तैयारी चल रही है। गुमुरिया पंचायत अंतर्गत लखीपाई स्कूल से लेकर मासाबिला चोक तक कालिकर्ण, मुंडुई पंचायत अंतर्गत बारला से लेकर पुटगांव, तुरली से आगे तक कालीकरण सड़क और मुख्य सड़क से बुरुहातु, सरस्वतीपुर होते हानीभंगा तक कालीकरण सड़क निर्माण कार्य प्रधानमंत्री की उच्च स्तरीय जांच हो। उन्होंने जगन्नाथपुर प्रखंड में प्रधानमंत्री आवास और शौचालय निर्माण योजना की धरातल में जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा जांच हुआ तो बहुत बड़े से घोटाले का पर्दाफाश होगा, सभी योजनाओं में बिचौलिया हावी रहे हैं। जमादार लागुरी ने कहा मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी नहीं मिल रहाी है। बीआरजीएफ और टेंडर के मामलों में मजदूरों को मानरेगा मजदूरों से भी कम मजदूरी मिल रही है। कार्यरत मजदूरों को मात्र 130 से 150 रुपए मजदूरी दी जाती है। जबकि मानरेगा का दर 167 रुपए है। बीआरजीएफ में कुली को 221 रुपए और रेजा को 209 रुपए है।

क्या है नियम

भारत सरकार श्रम मंत्रालय ने 24 जुलाई 2015 को अकुशल मजदूर के लिए 200, अर्धकुशल के लिए 220 रुपए कुशल के लिए 240 रुपए और अतिकुशल के मजदूर के लिए 260 रुपए दर निर्धारित है। इसकी अवहेलना करने वाले संवेदकों पर जुर्माना के साथ जेल की सजा भी है। बावजूद इसके मजदूर अपने हक से वंचित है। उन्हें न्यूनतम मजदूरी भी नसीब नहीं होता।