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जिस पटरी पर बताई खामियां, उसी पर दौड़ाई ट्रेन

आइएएइएनसाहब कहां लगा है रिफ्रेंस मार्क बताएं। पटरियों के रखरखाव का मेजरमेंट कैसे किया गया है। ज्वाइंट रेल ट्रैक...

Dainik Bhaskar

Jan 11, 2018, 05:40 AM IST
आइएएइएनसाहब कहां लगा है रिफ्रेंस मार्क बताएं। पटरियों के रखरखाव का मेजरमेंट कैसे किया गया है। ज्वाइंट रेल ट्रैक के बीच गैपिंग क्यों है। ये बातें मंगलवार को रेलवे बोर्ड से आए सीआरएस पीके अचार्या ने डांगवापोसी से मालुका तक बनी नई थर्ड रेल लाइन का निरीक्षण करने के दौरान कही। उन्होंने एईएन सुधीर कुमार को कई निर्देश भी दिए। वहीं चक्रधरपुर रेल मंडल के संरक्षा पदाधिकारी दक्षिण पूर्व रेलवे मुख्यालय कोलकाता से आए मुख्य संरक्षा पदाधिकारी भी अचार्या को अपने जवाब से संतुष्ट नहीं कर पाए। निरीक्षण के बाद अचार्या ने चायकाल के दौरान रेल लाईन के निर्माणकर्ता संवेदक को भी कार्य में सुधार लाने की बात कही। दस किमी की रेल पटरी का निरीक्षण करीब चार घंटे तक चला। इन चार घंटे में संबंधित विभाग के अधिकारियों को भी कई हिदायत दी गईं।

दस किमी की पटरी पर गिनाई दस खामियां

डांगवापोसीसे मालुका तक बनी दस किमी रेल लाईन में तीन लेवल क्रॉसिंग गेट तीन एलएचएस ब्रिज है। जानकारी के अनुसार प्वांइट नंबर 110ए से थर्ड लाईन का निर्माण शुरु हुआ, जो मालुका में आकर एलएचएस ब्रिज में जुट गया है। अचार्या ने जहां- जहां क्रॉसिंग प्वाइंट और ज्वाइंट रेल लाईन देखा, वहां मुख्य रूप से जांच की। साथ ही उन्होंने दस किमी की रेल पटरी पर दस खामियां गिनाई। बाद में उसी पटरी पर 110 की स्पीड में सीआरएस की स्पेशल ट्रेन दौड़ी।

^जब सीआरएस की रिपोर्ट मिलेगी तब ही फिट होने का प्रमाण पत्र दिया जाएगा। इसके बाद ही थर्ड लाइन की पटरी पर ट्रेन दौड़ने लगेगी। -अनूपहेंब्रम, अपर रेल प्रबंधक, चक्रधरपुर

क्या कहते हैं सीआरएस

डांगवापोसीसे मालूका तक बने थर्ड लाईन के निरीक्षण के बाद सीआरएस पीके अचार्या ने कहा कि यह रूटीन ट्राली निरीक्षण है। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया ठीक सब ठीक है। निरीक्षण के क्रम में मिली खामियों पर उन्होंने चुप्पी साध ली।

निरीक्षण के दौरान खामियां गिनाते सीआरएस

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