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मानदेय नहीं मिला तो गहने बंधक रख सरस्वती पूजा करा रहीं पारा शिक्षिका

आस्था के आगे कोई समस्या नहीं आड़े नहीं आ सकती है। मन में चाह हो तो हर राह आसान हो जाता है। इसे साबित किया है...

Danik Bhaskar | Jan 22, 2018, 09:25 PM IST
आस्था के आगे कोई समस्या नहीं आड़े नहीं आ सकती है। मन में चाह हो तो हर राह आसान हो जाता है। इसे साबित किया है जगन्नाथपुर प्रखंड की पट्टाजैंत पंचायत के सिलयसाही उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका पूर्णिमा देवी ने। मानदेय नहीं मिलने के कारण आर्थिक तंगी से जूझ रही पारा शिक्षिका ने स्कूल में सरस्वती पूजा कराने के लिए अपने गहने बंधक रखा दिए। इससे मिले रुपए से उन्होंने मूर्ति और अन्य पूजन सामग्रियों की खरीदारी की। जानकारी के अनुसार, उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय सिलय साही में पूर्णिमा देवी ही मात्र एक पारा शिक्षिका हैं। हर साल स्कूल में वे अपने स्तर से पूजा कराती हैं।

क्या है सरकारी व्यवस्था

सरकार की और से 15 अगस्त, 26 जनवरी, सरस्वती पूजा, या गणेश पूजा के लिए कोई फंड नहीं है। शिक्षक या तो अपने स्तर से खर्च वहन करते हैं या बच्चों से चंदा लेकर व्यवस्था की जाती है।

बच्चों की आस्था न टूटे, इसलिए गिरवी रखे गहने

पूर्णिमा देवी ने कहा हमारे स्कूल के बच्चे गरीब हैं। हम चंदा नहीं करते, हर साल अपने स्तर से सरस्वती पूजा कराते हैं। बच्चे आस्था के साथ पूजा में भाग लेते हैं। इस वर्ष चार माह का मानदेय नहीं मिला है। मकर पर्व पर भी कर्ज लेना पड़ा। पूजा में व्यवधान न पड़े, किसी बच्चो की आस्था ना डिगे, इसके लिए अपने गहने बंधक रखकर पूजा करा रही हूं। इस वर्ष मकर पर्व हाल में बीतने और चार माह से मानदेय का भुगतान नहीं होने के कारण पारा शिक्षिका पैसे का जुगाड़ नहीं कर पाई।

कौन हैं पूर्णिमा देवी

पूर्णिमा देवी जगन्नाथपुर भाग दो की जिला परिषद सदस्य सरिता प्रधान की गोतनी हैं। पूर्णिमा के पति का निधन हो चुका है। उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है।