--Advertisement--

19 अप्रैल को स्थापित होगा भगवान राम का पदचिह्न

Dainik Bhaskar

Apr 17, 2018, 02:20 AM IST

Jagannathpur News - भास्कर न्युज | चंपुआ/ जैंतगढ़ झारखंड-ओडिशा सीमावर्ती क्षेत्र पर जगन्नाथपुर प्रखंड के देवगांव मे पवित्र वैतरणी...

19 अप्रैल को स्थापित होगा भगवान राम का पदचिह्न
भास्कर न्युज | चंपुआ/ जैंतगढ़

झारखंड-ओडिशा सीमावर्ती क्षेत्र पर जगन्नाथपुर प्रखंड के देवगांव मे पवित्र वैतरणी नदी तट पर स्थित रामतीर्थ स्थल में सोमवार को नदी के किनारे से भगवान श्री राम चंद्र जी के पदचिह्न शिलापट्ट (पत्थर) को बैतरणी नदी से उठाया गया। रामतीर्थ मंदिर विकास समिति के द्वारा वैतरणी नदी से सुबह 9 बजे हाइड्रा के सहारे उठाया गया। जिसमे आस पास के ग्रामीणों ने भी श्रमदान किया। इस शिलापत्थर को उठाने में टाटा स्टील का भी भरपूर सहयोग रहा। इस से पूर्व वाधिवत पूजा अर्चना की गई। यह स्थल देवगांव ग्राम से लग कर स्थित है। रामतीर्थ का पिकनिक स्पाॅट जितना सुंदर है, उससे अधिक इसकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि है। ऐतिहासिक और भौगोलिक दृष्टिकोण से यह एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल बन गया है। देवगांव मे बैतरणी किनारे इस धाम मे दूर दराज से लोग आते हैं। ओडिशा और झारखंड की सीमा पर अवस्थित इस धाम को ओडिशा मे भी ख्याति प्राप्त है।

हाइड्रा के सहारे श्री राम के पदचिह्न का शिलापट्टा उठाया, आसपास के ग्रामीणों ने भी किया श्रमदान

तीन मंदिर हैं आस्था के केंद्र

यहां एक ही स्थान पर रामेश्वरम शिव मंदिर, सीताराम मंदिर और जगन्नाथ मंदिर स्थित है। पिकनिक के साथ यहां लोग भगवान के दर्शन और पूजा पाठ से नव वर्ष की शुरुआत करते है। यहां पर प्रसिद्ध रामेश्वर मंदिर है जहां पर प्रत्येक सोमवार, मकर संक्रांति और विशेष अवसरों पर पूजा होती है। अन्य मंदिरों की तुलना मे रामतीर्थ शिव मंदिर की अलग पहचान है।

रामतीर्थ के रामेश्वर मंदिर की स्थापना वर्ष 1910 मे हई थी। बताया जाता है कि भगवान राम 14 वर्ष वनवास के दौरान इसी मार्ग से गुजरे थे और यहां कुछ समय विश्राम किया था। उन्होंने यहां शिवलिंग स्थापित कर पूजा अर्चना की। उसके बाद अपनी प|ी सीता और भाई लक्ष्मण के साथ गंतव्य मार्ग पर रवाना हो गए। फिर श्रीराम जी द्वारा स्थापित शिवलिंग का नाम रामेश्वर पड़ा। कई वर्षों बाद देवगांव गांव के देउरी को स्वप्न हुआ। तभी से गांव के पूर्वजों से ही यहां पूजा अर्चना करते आ रहे हैं। इस स्थल पर भगवान राम के पद चिन्ह और खड़ाऊं यहां पाए गए थे। देवगांव मंदिर विकास कमिटी की ओर से मंदिर को विशाल रूप देकर सौन्दर्यीकरण किया गया है।

ऐसी है मान्यता

X
19 अप्रैल को स्थापित होगा भगवान राम का पदचिह्न
Astrology

Recommended

Click to listen..