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रोवाम-चाईबासा सड़क बनेगी, 4 घंटे का बचेगा समय

गंगदा पंचायत के रोवाम गांव होते हुए अगर आप 4 किलोमीटर दूर बुंडू गांव पहुंचते हैं। इसके बाद वहां से चाईबासा जाने के...

Danik Bhaskar | Jun 17, 2018, 02:40 AM IST
गंगदा पंचायत के रोवाम गांव होते हुए अगर आप 4 किलोमीटर दूर बुंडू गांव पहुंचते हैं। इसके बाद वहां से चाईबासा जाने के बारे में सोचते हैं तो महज 8 किलोमीटर जाने के लिए रोवाम-बुंडू-चाईबासा जर्जर सड़क के रास्ते मुश्किल सफर करना होगा। अगर 8 किलोमीटर की दूरी तय कर ली तो आप चाईबासा मात्र एक घंटे में पहुच जाएंगे। जो की यहां के लोगों के लिए एक सपना सा है। लेकिन अब इस सपने के साकार होने की उम्मीद बढ़ गई है। डीपीआर तैयार है। वर्क ऑर्डर मिलते ही सड़क निर्माण का कार्य शुरू हो जाएगा। क्योंकि वर्तमान में रोवाम, बुंडू, घाटकुड़ी, गंगदा, नुइया, सलाई, सलाई पेचा, अंकुवा, चिरिया, मनोहरपुर के लगभग 30-40 हजार लोगों को रोजाना सैंकड़ो लोग चाईबासा जाते और आते हैं। वर्तमान में चाईबासा जाने के लिए ये रेलवे मार्ग से मनोहरपुर-चक्रधरपुर-चाईबासा मार्ग होते हुए चाईबासा जाते हैं। इस कारण 4 से 5 घंटे लग जाते हैं। वहीं सड़क मार्ग से जाने के लिए ये सलाई-रोवाम-गुआ-बड़ाजामदा मार्ग या फिर सलाई-छोटानागरा-बड़ाजामदा मार्ग को चुनते हैं। इस मार्ग से जाने से भी इन्हें कम से कम 4 से 5 घंटे लग जाते हैं। मगर रोवाम-बुंडू-चाईबासा सड़क मार्ग बन जाए तो मात्र 1 घंटे में चाईबासा पहुंच जाएंगे। आठ किलोमीटर की यह सड़क कच्ची व दुर्गम है। इस सड़क पर पैदल चलना भी मुश्किल है।

डीपीआर तैयार, वर्क ऑर्डर मिलते ही शुरू हा जाएगा निर्माण कार्य, अब नहीं करना होगा 100 किमी का अतिरिक्त सफर

टोंटो होकर बन रही सड़क, होगी सुविधा

वैकल्पिक मार्ग के तौर पर पथ निर्माण विभाग ने टोंटो होते हुए एक सड़क का काम शुरू करवा दिया है। इस सड़क के बन जाने से थोड़ी राहत जरूर मिलेगी। इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। आठ किलोमीटर की सड़क बनना ही समस्या का समाधान है। सूखे दिन में तो किसी तरह लोग आवागमन करते हैं। पर बारिश के दिनों में यह क्षेत्र शहरों से कट जाता है। चाईबासा जाना हो तो एक दिन पहले निकलना पड़ता है। यह सड़क बन जाए तो हमें काफी फायदा होगा।

इस मार्ग के बन जाने से इस पिछड़े क्षेत्र का विकास हो सकेगा। इस सड़क के बन जाने से सारंडा के इस अति दुर्गम क्षेत्र में लोगों की आवाजाही आसान हो जाएगी। पुलिस-प्रशासन को भी काफी फायदा होगा। इस घोर नक्सल क्षेत्र में पुलिस की पहुंच आसान होगी। इस सड़क के बन जाने से टोंटो, जगन्नाथपुर आदि की दूरी मात्र आधे घंटे की रह जाएगी। साथ ही बड़ाजामदा होते हुए काफी ज्यादा ट्रैफिक पर लोड रहता है। इससे जाम की समस्या से भी छुटकारा मिल जाएगा।

क्या होगा फायदा

लकड़ी तस्करों के लिए स्वर्ग है रास्ता

वर्तमान में यह रास्ता लकड़ी तस्कर के लिए स्वर्ग के समान है, जो साइकिल से लकड़ी लादकर चाईबासा ले जाते हैं। सड़क दुर्गम होने के कारण सुरक्षा बलों को भी चौकसी करने में दिक्कत होती है।

वर्क आर्डर मिलते ही शुरू होगा निर्माण