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सबसे पहले मंत्री लुइस मरांडी का जाति प्रमाण पत्र रद्द करे भाजपा सरकार: प्रदीप बालमुचू

भास्कर न्यूज | चाईबासा/ जगन्नाथपुर 2019 तक भाजपा और भाजपा सरकार झारखंड में सिर्फ धर्मांतरण-धर्मांतरण का ही राग...

Danik Bhaskar | Jun 28, 2018, 02:45 AM IST
भास्कर न्यूज | चाईबासा/ जगन्नाथपुर

2019 तक भाजपा और भाजपा सरकार झारखंड में सिर्फ धर्मांतरण-धर्मांतरण का ही राग अलापेंगे क्योंकि उनका काॅरपोरेट हित कार्य और नीतियां इसी से छुप सकते हैं तथा सीएनटी/एसपीटी संशोधन, लैंड बैंक, वाईल्ड लाईफ काॅरिडोर, भूमि अधिग्रहण कानून में संशोधन, इत्यादि से भटकाकर वोट लेने का यही एकमात्र उपाय भी है। भाजपा को यह एहसास हो चुका है कि 2019 में उसे सत्ता गंवानी पड़ सकती है। इसलिए वह अब सरना और हिन्दू आदिवासियों का तुष्टीकरण कर रही है। उक्त बातें कांग्रेस के पूर्व राज्य सभा सांसद डॉ प्रदीप कुमार बालमुचू ने बुधवार को कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि संसद में कानून बनाए बगैर धर्मांतरित आदिवासियों का आरक्षण खत्म नहीं किया जा सकता है। संसद में बहुमत होने के बावजूद अभी भाजपा ऐसा करने का हिम्मत नहीं करेगी। क्योंकि उसे पूर्वोंतर राज्य गंवाना पड़ सकता है। इसके अलावा यह मसला सुप्रीम कोर्ट में पीट जाएगा और भाजपा का सबका साथ सबका विकास की भी हवा निकल जाएगी। उन्होंने कहा यदि झारखंड के भाजपा सरकार के पास इतना दम है तो उसे सबसे पहले डॉ लुईस मरांडी का जाति प्रमाण-पत्र खारिज कर उसे मंत्रिमंडल से बर्खास्त करना चाहिए। क्या धर्मांतरण और आरक्षण का मसला सिर्फ झारखंड के लिए है। मौके पर कांग्रेस नेता त्रिशानु राय, कालटू चक्रवर्ती, सुनीत शर्मा आदि मौजूद थे।

धर्मांतरण की नीतियों पर सरकार को घेरा

कार्यकर्ताओं के साथ कांग्रेस के पूर्व राज्य सभा सांसद प्रदीप बालमुचू।

5 जुलाई को झारखंड बंद

झारखंड बंद को सफल बनाने में मांगा सहयोग

5 जुलाई को संयुक्त विपक्ष की ओर से आहूत झारखंड बंद को लोग सफल बनाएं। यह बातें टोंटो प्रखंड व हाटगम्हरिया प्रखंड के बड़ा झींकपानी और सान मिर्गीलिंडी बाजार में उपस्थित ग्रामीण जनता को संबोधित करते हुए चाईबासा सदर विधायक दीपक बिरुआ ने कहीं। कांग्रेस के जिला अध्यक्ष सन्नी सिंकू ने कहा कि जमीन की रक्षा के लिए आंदोलन में भाग लीजिए। नुकड़ सभा को रोविन हांसदा, सुमित्रा सिंकु, राजेन गागराई, मंगल तुबिद, जगन्नाथ हांसदा, संजीव गोप, राजीव हांसदा, राजेश्वर चतोंबा, बलबंत गोप, मानकी हांसदा, उपस्थित थे।

भास्कर न्यूज | चाईबासा/ जगन्नाथपुर

2019 तक भाजपा और भाजपा सरकार झारखंड में सिर्फ धर्मांतरण-धर्मांतरण का ही राग अलापेंगे क्योंकि उनका काॅरपोरेट हित कार्य और नीतियां इसी से छुप सकते हैं तथा सीएनटी/एसपीटी संशोधन, लैंड बैंक, वाईल्ड लाईफ काॅरिडोर, भूमि अधिग्रहण कानून में संशोधन, इत्यादि से भटकाकर वोट लेने का यही एकमात्र उपाय भी है। भाजपा को यह एहसास हो चुका है कि 2019 में उसे सत्ता गंवानी पड़ सकती है। इसलिए वह अब सरना और हिन्दू आदिवासियों का तुष्टीकरण कर रही है। उक्त बातें कांग्रेस के पूर्व राज्य सभा सांसद डॉ प्रदीप कुमार बालमुचू ने बुधवार को कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि संसद में कानून बनाए बगैर धर्मांतरित आदिवासियों का आरक्षण खत्म नहीं किया जा सकता है। संसद में बहुमत होने के बावजूद अभी भाजपा ऐसा करने का हिम्मत नहीं करेगी। क्योंकि उसे पूर्वोंतर राज्य गंवाना पड़ सकता है। इसके अलावा यह मसला सुप्रीम कोर्ट में पीट जाएगा और भाजपा का सबका साथ सबका विकास की भी हवा निकल जाएगी। उन्होंने कहा यदि झारखंड के भाजपा सरकार के पास इतना दम है तो उसे सबसे पहले डॉ लुईस मरांडी का जाति प्रमाण-पत्र खारिज कर उसे मंत्रिमंडल से बर्खास्त करना चाहिए। क्या धर्मांतरण और आरक्षण का मसला सिर्फ झारखंड के लिए है। मौके पर कांग्रेस नेता त्रिशानु राय, कालटू चक्रवर्ती, सुनीत शर्मा आदि मौजूद थे।

‘सरकार आदिवासी व मूलवासी विरोधी’

जगन्नाथपुर| 5 जुलाई को विपक्षी दल द्वारा आहूत बंद को सफल बनाने को लेकर पूर्व विधायक मंगल सिंह बोबोंगा की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में झामुमो, कांग्रेस, जेवीएम, राजद सहित आदिवासी हो समाज युवा महासभा के कार्यकर्ता उपस्थित थे। वक्ताओं ने कहा कि भाजपा सरकार आदिवासी व मूलवासी विरोधी नीति जबरन थोप रही है। यह सरकार झारखंड की जनता नहीं अंबानी व अडानी के लिए ऐसा विनाशकारी कानून ला रही है। ऐसा कानून को झारखंड की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी।