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बाधित बिजली आपूर्ति के विरोध में बंद रहा जगन्नाथपुर, बाजार में दिनभर पसरा रहा सन्नाटा

बाधित बिजली आपूर्ति को लेकर पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत जिला कांग्रेस के प्रधान महासचिव के आह्वान पर शनिवार को...

Danik Bhaskar | May 06, 2018, 02:55 AM IST
बाधित बिजली आपूर्ति को लेकर पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत जिला कांग्रेस के प्रधान महासचिव के आह्वान पर शनिवार को जगन्नाथपुर बाजार स्वत: स्फूर्त बंद रहा। इस दौरान लोगों ने प्रदर्शन भी किया। आहूत बंद के कारण सुबह से ही बाजार व दुकानें नहीं खुली। हालांकि वाहनों का परिचालन आम दिनों की तरह हुआ। बंद से आवश्यक सेवाओं को मुक्त रखा गया था। वहीं दुकानें नहीं खुलने व बाजार नहीं लगने के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। बाजार बंद रहने के कारण लोगों को चाय-पान तक के लिए तरसना पड़ा। इससे सबसे ज्यादा परेशानी यात्रियों को झेलनी पड़ी। बंद समर्थकों ने दोपहर में विद्युत विभाग के सहायक अभियंता व संवेदक धनंजय सिंह के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किया। साथ ही इस आंदोलन को आगे बढ़ाने की घोषणा भी की। प्रदर्शनकारी संवेदक द्वारा किए गए काम का हिसाब मांग रहे थे। साथ ही पूरे मामले की जांच करवाकर कार्रवाई करने की मांग भी की। ऐसा नहीं करने पर पुन: उग्र आंदोलन करने की चेतावनी भी दी व अभियंता व संवेदक को बंधक बनाने की भी चेतावनी दी।

बाधित बिजली आपूर्ति को लेकर जगन्नाथपुर बाजार में बंद दुकानें व पसरा सन्नाटा।

20 फीसदी निर्माण के बाद फीडर का काम रुका

प्रखंड मुख्यालय के लोगों को पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही है। लिहाजा बिजली पर्याप्त बिजली की मांग को लेकर लोगों ने पूर्व में आंदोलन भी किया गया था। आंदोलन के बाद तत्कालीन उपायुक्त के पहल व विभाग के कार्यपालक अभियंता द्वारा जगन्नाथपुर में बिजली व्यवस्था में सुधार लाने के लिए अलग से फीडर बनाने की स्वीकृति वर्ष 2013 में ही दी थी। अलग फीडर बनाने की स्वीकृति मिलते ही विभाग के तत्कालीन एसडीओ मनोज कुमार सिंह व संवेदक धन्नंजय सिंह द्वारा फीडर का प्राक्कलन तैयार किया गया। वहीं विभाग ने भी प्राक्कलन के आधार पर राशि आवंटित कर दी। फीडर बनाने का काम एक साल बाद शुरू किया गया व 20 फीसदी निर्माण के बाद काम को अधूरा छोड़ दिया गया। वहीं संवेदक द्वारा राशि की निकासी भी कर ली गई।

बगैर काम किए संवेदक ने निकाल लिए लाखों रुपए

बंद समर्थकों ने बताया कि लोगों को बिजली की समस्या से निजात दिलाने के लिए पिछले चार साल अलग फीडर का निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन यह काम अब तक पूरा नहीं हो हुआ है। वहीं फीडर निर्माण के संवेदक द्वारा बिना काम किए ही लाखों रुपए की निकासी कर ली गई है। बंद समर्थकों ने बताया कि एक साल पहले ही विभाग के तत्कालीन सहायक अभियंता मनोज कुमार सिंह व संवेदक धनंजय सिंह ने ग्रामीणों से 15 दिनों के अंदर फीडर फीडर निर्माण का काम पूरा करने का भरोसा दिलाया था।

जर्जर तार व पोल भी नहीं बदले गए

संवेदक व तत्कालीन सहायक अभियंता ने विभाग से तार व पोल बदलने के लिए अलग से 18 लाख रुपए का प्राकलन तैयार किया। प्राक्कलन के आधार पर विभाग द्वारा लकड़ी के पोल, जर्जर तार, इंसुलेटर, एंगल व स्विच बदलने के लिए 18 लाख रुपए दे दिए, लेकिन न पोल बदला गया और ना ही जर्जर तार।