जमशेदपुर

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110 की रफ्तार से दौड़ रही ट्रेन के सामने आने से 4 हाथी कटे, देखकर रो पड़े लोग और करने लगे पूजा

मुंबई-हावड़ा गीतांजलि एक्सप्रेस सुबह 8.12 बजे के बजाय 10.30 बजे के बाद पहुंची।

Dainik Bhaskar

Apr 17, 2018, 05:30 AM IST
पटरी पर पड़े हुए हाथी की पूजा करते लोग। पटरी पर पड़े हुए हाथी की पूजा करते लोग।

जमशेदपुर. हावड़ा-मुंबई रेल रूट के बामरा स्टेशन के निकट मुंबई मेल की चपेट में आकर चार हाथियों की मौत हो गई। घटना सोमवार सुबह पौने चार बजे की है। हाथियों के शव अप व डाउन लाइन पर बिखरे मिले। घटनास्थल चक्रधरपुर रेल मंडल के बागड़ीह व धुतरा रेलवे स्टेशन के बीच बैजापल्ली गांव के पास की है जो कि ओडिशा में पड़ता है। ऐसे हुआ एक्सीडेंट...

- स्थानीय लोगों के अनुसार सोमवार सुबह लगभग 3 बजकर 45 मिनट पर 12810 अप मुंबई-हावड़ा मेल 110 किमी/घंटे की रफ्तार से गुजर रही थी।

- उसी वक्त हाथियों का दल रेलवे लाइन पार कर रहा था। हाथियों के झुंड में दो बड़े हाथी और दो शिशु हाथी शामिल थे।

- दुर्घटना के बाद ट्रेन के लोको पायलट ने बागड़ीह रेलवे स्टेशन को घटना की जानकारी दी। लगभग साढ़े तीन घंटे की मशक्कत के बाद क्रेन लगाकर हाथियों के शव को ट्रैक से हटाया गया।

- इसके बाद हावड़ा-मुंबई रेल रूट पर परिचालन शुरू हुआ। दुर्घटना में इंजन का बैटरी बॉक्स क्षतिग्रस्त हो गया। जांच के लिए कमेटी बनी है।

- इसके कारण सुबह 9.15 बजे आने वाली एलेप्पी एक्सप्रेस दोपहर 2.45 बजे और मुंबई-हावड़ा गीतांजलि एक्सप्रेस सुबह 8.12 बजे के बजाय 10.30 बजे के बाद पहुंची।

- इस घटना के बाद सैकड़ों लोग वहां इकट्ठा हो गए, कोई रो रहा था, कोई मुंह दबाकर खड़ा था। इसके बाद लोगों ने इन हाथियों की पूजा भी की।

- वन विभाग द्वारा इसकी सूचना रेलवे को दी गई होती तो उस सेक्शन में ट्रेन की रफ्तार कम करने का आदेश जारी किया जाता। अचानक ट्रेन को रोकने के लिए आपातकालीन ब्रेक का प्रयोग किया जाता तो ट्रेन पटरी से उतर जाती।

- संजय घोष, मुख्य सूचना जनसंपर्क पदाधिकारी, दक्षिण-पूर्व रेलवेे

4 हाथियों की मौके पर ही मौत हो गई। 4 हाथियों की मौके पर ही मौत हो गई।
वन विभाग इसके लिए जिम्मेदार है। वन विभाग इसके लिए जिम्मेदार है।
110 की रफ्तार से दौड़ रही थी ट्रेन। 110 की रफ्तार से दौड़ रही थी ट्रेन।
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पटरी पर पड़े हुए हाथी की पूजा करते लोग।पटरी पर पड़े हुए हाथी की पूजा करते लोग।
4 हाथियों की मौके पर ही मौत हो गई।4 हाथियों की मौके पर ही मौत हो गई।
वन विभाग इसके लिए जिम्मेदार है।वन विभाग इसके लिए जिम्मेदार है।
110 की रफ्तार से दौड़ रही थी ट्रेन।110 की रफ्तार से दौड़ रही थी ट्रेन।
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