एएफसी वीमेंस फुटबॉल डे में उतरी 45 मॉम
पहली बार लड़कियों के ग्रासरुट फेस्टिवल में पहुंची 60 छात्राएं
सॉकर मॉम मुकाबले में गेंद को अपने कब्जे में लेने के लिए मॉम के बीच संघर्ष।**
सुंंदर बचाव करती अंडर 7 की बालिका।**
स्पोर्ट्स फेस्टिवल में हिस्सा लेती स्कूली छात्राएं।**
जमशेदपुर} जमशेदपुर फुटबॉल क्लब ने पहलीबार एएफसी वीमेंस फुटबॉल डे के मौके पर सोमवार को टाटा फुटबॉल एकेडमी के ग्राउंड पर सॉकर मॉम का आयोजन किया। िजसमें शहर की नौ सॉकर स्कूल के बच्चों के 45 मॉम ने इसमें हिस्सा लिया। चार टीम बनाकर खेले गए मैच में बच्चों के मॉम ने जमकर आनंद उठाया। इस दौरान मैच में रेफरी की भूमिका में भी महिलाओं को शामिल किया गया था। दो रेफरी और तीन वोलंटियर ने इस कार्य में टीएफए के 12 कैेडेट्स का सहयोग लिया। बच्चों के मॉम ने आपसी एकता और सहयोग के सुंदर खेल दिखाया। गोल मारने पर खुशी. कुछ अलग तरह का अनुभव रहा। समापन के मौके पर मुख्य अतिथि जया पांडा ने महिलाओं को पुरस्कृत किया। मौके पर जमशेदपुर एफसी के सीईअो मुकुल विनायक चौधरी भी मौजूद थे।
जमशेदपुर} जमशेदपुर फुटबॉल क्लब ने महिला टीम को तैयार करने के उद्देश्य से ग्रासरुट लेवल पर बेहतरीन लड़कियों की खोेज प्रारंभ कर दी है। इसी कड़ी में नोवामुंडी में विशेष तौर पर लड़कियों को ग्रासरुट फेस्टिवल का आयोजन पांच मार्च को किया गया। जिसमें छात्राओं की स्किल और फुटबॉल खेल के प्रति दिलचस्पी, इंड्योरेंस, निर्णय लेने की क्षमता और टुगेदरनेस पर विशेष रुप से ध्यान दिया गया। दिन भर के फेस्टिवल में करीब दस प्रकार के इवेंट कराए गए। इन इवेंट के माध्यम से उनमें छिपी प्रतिभा को उजागर किया गया। 60 लड़कियों ने इसमें हिस्सा लिया। इन लड़कियों को अलग अलग कैटेगरी में बांटकर उन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा। यह कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष रुप से लोकप्रिय हो रहा है। इस कार्यक्रम को टीएसआरडीएस के सहयोग से किया गया। इस दौरान ग्रासरुट प्रोग्राम के हेड कुंदनचंद्रा और जमशेदपुर एफसी एकेडमी कोच अरशद हुसैन के साथ साथ टीएसआरडीएस के कौशर अहमद भी मौजूद थे।