एमजीएम में भर्ती 2 महिलाओं के सामने 50 साल की मरीज से बेड पर दुष्कर्म
एमजीएम अस्पताल में दो महीने से भर्ती 50 साल की महिला से एक युवक ने डरा धमकाकर बेड पर ही दुष्कर्म किया। घटना के समय वार्ड में दो और महिला मरीज मौजूद थीं। लेकिन डर के कारण कुछ नहीं बोली। घटना पांच-छह मार्च की रात करीब 12बजे की है।
शर्मनाक बात यह है कि पीड़ित अनाथ है। उसने अगले ही दिन अस्पताल प्रबंधन को रो-रो कर इसकी जानकारी दी, इसके बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने महिला को डिस्चार्ज करा कर मामले को अफवाह बताकर दबा दिया। अस्पताल में भर्ती एक मरीज (नदीम) ने भी इस मामले की जानकारी लोगों को देने की कोशिश की लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने पूरा मामला दबा दिया। मामले का खुलासा उस वक्त हुआ जब किसी ने सीएम को ट्वीट पर इस जघन्य वारदात की जानकारी दी। और उन्होंने कार्रवाई का निर्देश दिया। साकची थाना पुलिस ने पीड़ित को खोजा और उसके बयान पर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। गुरुवार को पीड़िता का मेडिकल करा कर कोर्ट में 164 का बयान कराया गया। साकची थाना प्रभारी कुणाल कुमार ने बताया कि पुलिस को महिला ने बताया कि 5-6 मार्च की रात लावारिश वार्ड के बेड संख्या 62 पर थी। रात करीब 12 बजे एक युवक आया और दुष्कर्म किया। विरोध करने पर थप्पड़ मारे। बाजू के बेड पर आर नीतू के अलावा एक और महिला मरीज ने पूरी वारदात को देखा। लेकिन डर के कारण वे कुछ नहीं बोली। थानेदार ने बताया कि महिला अनाथ है। उसके पति का निधन हो चुका है। वह परसुडीह थाना अंतर्गत बारीगोड़ा की रहने वाली है। उसके एक व्यक्ति के संरक्षण में रखा गया है।
शिकायत के दौरान मौजूद प्रत्यक्षदर्शी की जुबानी
अस्पताल में कार्यरत एक प्रत्यक्षदर्शी ने नाम न छपने की शर्त पर बताया कि अगले दिन जिस वक्त महिला वारदात की शिकायत कर रही थी उस वक्त वह वहीं पर मौजूद था। महिला ने अस्पताल प्रबंधन को बताया कि 5 मार्च की रात को एमजीएम मंे दुष्कर्म करने वाला युवक पहले लवारिस वार्ड में अाया। वहां भर्ती मरीजों के बारे में नीतू नामक महिला से जानकारी ली और चला गया। देर रात दोबारा वार्ड में पहुंचा और बेड पर ही मेरे साथ गलत काम करके चला गया। विरोध करने पर मुझे मारा भी। प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक 6 मार्च को सुबह 10.40 बजे मामले की खबर मेडिसिन वार्ड के अन्य मरीजों को हो गई। दुष्कर्म की शिकार महिला की मदद करने के बजाय अस्पताल ने उसे डिस्चार्ज पेपर दिए बगैर एक नर्स के माध्यम से 100 रुपए दिया। इतना ही नहीं नर्स ने उसे अस्पताल के गेट के बाहर एक टेंपो तक बैठाकर भेज दिया। वहीं, दूसरी तरफ घटना के समय मौजूद अन्य दो महिला मरीज को दिन के साढ़े बारह बजे पेपर बनाकर छुट्टी दे दी गई।
महिला की मदद के बजाय नर्स ने डिस्चार्ज पेपर दिए बगैर 100 रुपए देकर भेज दिया
बेड नम्बर-62, जहां घटना हुई।
वारदात की जानकारी दी। और उन्होंने कार्रवाई का निर्देश दिया। साकची थाना पुलिस ने पीड़ित को खोजा और उसके बयान पर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। गुरुवार को पीड़िता का मेडिकल करा कर कोर्ट में 164 का बयान कराया गया। साकची थाना प्रभारी कुणाल कुमार ने बताया कि पुलिस को महिला ने बताया कि 5-6 मार्च की रात लावारिश वार्ड के बेड संख्या 62 पर थी। रात करीब 12 बजे एक युवक आया और दुष्कर्म किया। विरोध करने पर थप्पड़ मारे। बाजू के बेड पर आर नीतू के अलावा एक और महिला मरीज ने पूरी वारदात को देखा। लेकिन डर के कारण वे कुछ नहीं बोली। थानेदार ने बताया कि महिला अनाथ है। उसके पति का निधन हो चुका है। वह परसुडीह थाना अंतर्गत बारीगोड़ा की रहने वाली है। उसके एक व्यक्ति के संरक्षण में रखा गया है।
मामले में एसएसपी कार्रवाई करें : बन्ना
मामला खुलने के बाद स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने एसएसपी अनूप बिरथरे को कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा है कि इस मामले में लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री ने एसएसपी को ट्वीट कर मामले की उच्चस्तरीय जांच सुनिश्चित करने को कहा है।