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पति-पत्नी का 3 लाख के जेवर से भरा बैग हुआ गुम, बुजु्र्ग कपल ने खोजकर लौटाया

बस स्टैंड पर बस रुकने पर कंडक्टर ने बैग निकाल कर दिया तो पति-पत्नी के होश उड़ गए।

Danik Bhaskar | Dec 13, 2017, 04:35 AM IST
धनबाद के राघवेन्द्र और स्वीटी जिनका गहनों से भरा बैग खो गया था। धनबाद के राघवेन्द्र और स्वीटी जिनका गहनों से भरा बैग खो गया था।

चाईबासा(झारखंड). बढ़ता लालच और स्वार्थी होती दुनिया में आज भी कहीं न कहीं ईमानदारी कायम है। ऐसा ही उदाहरण शहर के सदर थाना में देखने को मिला। जब एक बुजुर्ग कपल ने 3 लाख रुपए के गहने और बैग में रखे समान यंग कपल को वापस कर दिए।

कंडक्टर ने बैग निकाल कर दिया तो उनके होश उड़ गए

- सोमवार को धनबाद के राघवेन्द्र कुमार अपनी पत्नी स्वीटी के साथ शादी की सालगिरह मनाने चाईबासा आ रहे थे। जमशेदपुर के 65 साल के विकास चंद्र दास भी अपनी पत्नी रीता दास के साथ चाईबासा संबंधी के यहां शादी में शामिल होने भवानी शंकर बस से आ रहे थे। करीब डेढ़ बजे बस चाईबासा पहुंची।

- बस स्टैंड पहुंचने से पहले ही विकास अपनी पत्नी के साथ बस से उतर गए और कंडक्टर ने डिक्की में रखे बैग निकालकर दे दिया। वहीं बस स्टैंड पर जब बस रुकी तो राघवेन्द्र कुमार अपनी पत्नी के साथ उतरे।

- कंडक्टर ने बैग निकाल कर दिया तो उनके होश उड़ गए। कंडक्टर के हाथ में जो बैग था, वह उनका नहीं था। उन्होंने बैग लेने से इनकार कर दिया। बस के कंडक्टर और ड्राइवर से शिकायत की। कंडक्टर और ड्राइवर को अपनी मोबाइल नंबर दिया।

इधर दंपती को ऐसे मिली बैग बदलने की जानकारी

- इधर, शाम को शादी की पार्टी में जाने की तैयारी में लगे विकास चन्द्र दास जब पैंट-शर्ट निकालने के लिए बैग खोले तो उसमें उनके कपड़े नहीं थे। बैग पर लॉक भी नहीं लगा था। इसके बाद उन्हें बैग बदलने का पता चला।

- उन्होंने इसकी जानकारी अपनी पत्नी को दी। दंपती ने जब बैग खोलकर देखा तो उसमें कपड़ों के साथ-साथ कीमती जेवरात भी थे।

- बरात में जाने का समय होने के कारण उस वक्त विकास अपनी पत्नी के साथ बरात में चले गए। फिर देर रात वापस आने के बाद किसी तरह दोनों सो सके।

- दरअसल बस में एक जैसे दो बैग रखे थे। बुजुर्ग दंपती का बैग राघवेन्द्र और स्वीटी के बैग से बस से उतरने के दौरान चाईबासा बस स्टैड में बदल गया था।

- मंगलवार की सुबह बैग वापस करने के लिए विकास और रीता बस स्टैंड पहुंच गए। भवानी शंकर बस के ड्राइवर और कंडक्टर को इसकी जानकारी दी। तब कंडक्टर ने राघवेन्द्र से विकास का फोन पर बात करवाई।

- इसके बाद दोनों परिवार थाना पहुंचे और बैग और जेवरात एक दूसरे को वापस किया। इस दौरान राघवेन्द्र व उनकी पत्नी ने बैग व जेवरात वापस मिलने पर विकास चन्द्र दास और उसकी पत्नी को शुक्रिया कहा। बुजुर्ग दंपती की ईमानदारी से इम्प्रैस होकर डीएसपी ने मंगलवार को उन्हें सम्मानित किया।

बैग बदलने से खो गए थे राघवेन्द्र और स्वीटी के 3 लाख के गहने। बैग बदलने से खो गए थे राघवेन्द्र और स्वीटी के 3 लाख के गहने।
बुजुर्ग दंपती की ईमानदारी से इम्प्रैस हाेकर उन्हें सम्मानित किया गया। बुजुर्ग दंपती की ईमानदारी से इम्प्रैस हाेकर उन्हें सम्मानित किया गया।