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एक साथ निकली तीन लोगों की अर्थियां, मां-बहन को साथ रोता रहा पूरा शहर

जिस दिन बारात में शामिल होना था, उसी दिन लोगों ने तीन रिश्तेदारों की अर्थी को कंधा दिया।

Dainik Bhaskar

Mar 09, 2018, 04:23 AM IST
ओडिशा हादसे में मृत लोगों का हुआ अंतिम संस्कार ओडिशा हादसे में मृत लोगों का हुआ अंतिम संस्कार

जमशेदपुर. टाटा स्टील में सर्विस देने वाली संवेदक कंपनी क्वालिटी इंटरप्राइजेज के प्रमुख RSN राजू के बेटे आर प्रकाश की विशाखापट्‌टनम में बारात निकलनी थी। लेकिन बारात न निकलकर तीन लोगों की अर्थिंयां उठ गईं. दरअसल हाइवे से गुजरने के दौरान उनकी कार डिवाइडर से टकरा गई और तीनों की ही मौके पर मौत हो गई। ये था मामला...

- बारात में शामिल होने के लिए एलेप्पी एक्सप्रेस में एसी बोगी में 35 और स्लीपर में 45 सीट रिजर्व कराई गई थी।
- आरएसएन राजू, वी वी एन राजू, आशीष राजू और राजन प्रसाद का रेल टिकट था। उन लोगों ने बारातियों के लिए किए गए इंतजाम का मुआयना करने के लिए अचानक गाड़ी से विशाखापट्‌टनम जाने का फैसला किया।
- ओडिशा में चिलका के आगे बालू गांव में आर एस एन राजू की गाड़ी नेशनल हाईवे के डिवाइडर से टकरा गई।
- जिससे उन तीन लोगों ने मौके पर दम तोड़ दिया। सूचना मिली तो सारे बाराती आधे रास्ता में एलेप्पी से उतर गए।

परिजनों को चेहरा देखने नहीं मिला

- हादसे में तीनों के शव विकृत हो गए थे। दो घंटे की मशक्कत के बाद कार से तीनों शवों को बाहर निकाला जा सका था।
- बड़ी मेहनत के बाद प्लास्टिक में शवों को बांधा गया था। डॉक्टरों की हिदायत थी- प्लास्टिक हटाई गई तो शव बिखर जाएंगे।
- इस कारण किसी को तीनों का चेहरा अंतिम बार देखने का मौका भी नहीं मिला। कफन के साथ शव घर और श्मशान घाट ले जाए गए।

मृतक के पिता बोले - जिसके कंधे पर जाना था, उसे ही आग देनी पड़ी

- टाटा स्टील के एमडी के सचिव वीवीएन राजू को उनके पिता वी. रामा राजू ने मुखाग्नि दी। वी. रामा राजू भी जयप्रकाश की शादी में शिरकत करने वाले थे। वे कुछ दिन पहले ही वाईजैक चले गए थे।
- वहां कुछ रिश्तेदारों से मिलने के बाद विवाह में शामिल होने का कार्यक्रम था। लेकिन रामा राजू को बुढ़ापे में कमजोर हो चुके कंधों पर बेटे के शव को उठाना पड़ा।
- वीवीएन राजू की सिर्फ एक बेटी है, सो पिता को आग (मुखाग्नि) भी देनी पड़ी। सुवर्णरेखा बर्निंग घाट पर मुखाग्नि देते समय रामा राजू के क्रंदन से हर कोई कलप उठा।
- वे बोले- जिसके कंधों पर मुझे जाना था, उसे ही आग देनी पड़ रही है।

घटना में लड़की का कोई दोष नहीं, बाद में करूंगा उसी से शादी

- अपने तीन रिश्तेदारों की मौत पर दूल्हा बनने वाले आर. जय प्रकाश शॉक्ड में थे।

- उन्होंने सुवर्णरेखा घाट पर कहा- होनी को कौन टाल सकता है। लेकिन वे इसे किसी तरह का अपशकुन नहीं मानते।

- मेरा पढ़ा-लिखा परिवार है। इसमें लड़की का क्या दोष है? फिलहाल शादी टल गई है। लेकिन उनके मन में इस शादी को लेकर किसी तरह के अपशकुन का भाव नहीं है।

- आगे कहा- 8 मार्च को महिला दिवस पर शादी होनी थी, लेकिन इसी दिन तीन रिश्तेदारों का अंतिम संस्कार करना पड़ रहा है।

पुलिस घटनास्थल पर नहीं पहुंचती तो लुट जाते दुल्हन के लिए रखे गहने

- ओडिशा के बालू गांव में सड़क हादसे में एकमात्र जीवित बचे आर. सूर्यनारायण (आरएसएन) राजू ने कहा- कार में उनके साथ सवार वीवीएन राजू, आशीष राजू और राजन प्रसाद की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी।

- उन्हें भी चोट आई थी। कार में दुल्हन के लिए करीब 15 लाख रुपए के गहने रखे हुए थे।

- हादसे के बाद पहुंचे आसपास के लोगों ने कार में कीमती सामान खोजना शुरू कर दिया था।

- उन्हें शंका हुई कि गहने लुट न लिए जाएं। लेकिन फौरन पुलिस वहां पहुंच गई और सामान बच गए।

बारात निकलनी थी मगर तीन लोगों की निकली अर्थी। बारात निकलनी थी मगर तीन लोगों की निकली अर्थी।
आशीष राजू की मौत से टूटी बहन। आशीष राजू की मौत से टूटी बहन।
बिलखती हुई वीवीएन राजू की पत्नी बिलखती हुई वीवीएन राजू की पत्नी
वहां पर मौजूद हर आंखों में आंसू थे। वहां पर मौजूद हर आंखों में आंसू थे।
शमसान में रखी चिताएं। शमसान में रखी चिताएं।
श्रीमंती सेन भी मौके पर पहुंची। श्रीमंती सेन भी मौके पर पहुंची।
गमगीन आभा महतो, रुचि नरेंद्रन व आर. रवि प्रसाद गमगीन आभा महतो, रुचि नरेंद्रन व आर. रवि प्रसाद
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बिलखती हुई वीवीएन राजू की पत्नीबिलखती हुई वीवीएन राजू की पत्नी
वहां पर मौजूद हर आंखों में आंसू थे।वहां पर मौजूद हर आंखों में आंसू थे।
शमसान में रखी चिताएं।शमसान में रखी चिताएं।
श्रीमंती सेन भी मौके पर पहुंची।श्रीमंती सेन भी मौके पर पहुंची।
गमगीन आभा महतो, रुचि नरेंद्रन व आर. रवि प्रसादगमगीन आभा महतो, रुचि नरेंद्रन व आर. रवि प्रसाद
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