जमशेदपुर

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सभी प्राइवेट स्कूलों को 60 दिन में शुरू करना होगी बस सर्विस, गाइडलाइन जारी

अनएडेड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के बी. चंद्रशेखरन ने कहा निजी स्कूलों को बस चलाने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।

Danik Bhaskar

Dec 23, 2017, 07:36 AM IST

जमशेदपुर. डीसी अमित कुमार ने आदेश जारी किया कि शहर के निजी स्कूलों को 60 दिनों के अंदर बस का इंतजाम करना होगा। इंट्री क्लास में दाखिले के लिए स्कूल प्रबंधन 10 से 17 जनवरी तक लॉटरी कराएं। स्कूल को पारदर्शिता बरतना होगी। डीसी ने शुक्रवार को उपायुक्त कार्यालय में निजी स्कूलों के प्रबंधक, प्राचार्य व जमशेदपुर अनएडेड प्राइवेट स्कूल के प्रतिनिधियों की बैठक बुलाई थी। इसमें परिवहन व नामांकन व्यवस्था की समीक्षा की गई।

उन्होंने कहा, स्कूलों को हर हाल में बस की व्यवस्था करना होगी। इस पर प्रबंधकों ने कहा स्कूली बस सेवा शुरू करने से अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। वे विरोध करेंगे। स्कूलों के निकट पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। अभिभावक विरोध करेंगे तो स्कूल प्रबंधन उन्हें प्रशासन के पास भेज दे। प्रशासनिक अधिकारी अभिभावकों के सवालों का जवाब देंगे।


इंट्री क्लास में नामांकन के मुद्दे पर डीसी ने कहा, एक साथ 10 से 17 जनवरी के बीच लॉटरी की जाए। इसे पारदर्शी बनाने के लिए लॉटरी की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जाएगी। अभिभावक नई व्यवस्था का स्वागत करेंगे, विरोध कोई नहीं करेगा। बैठक में एसएसपी अनूप टी. मैथ्यू सहित प्रशासन व शिक्षा विभाग के अधिकारी और निजी स्कूलों के प्रबंधक शामिल हुए।

निजी स्कूल एसोसिएशन ने कहा : हमें स्कूल चलाने की मान्यता है, बस चलाने की नहीं...

अनएडेड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के बी. चंद्रशेखरन ने कहा निजी स्कूलों को बस चलाने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। हमें मान्यता स्कूल चलाने की मिली है, बस चलाने की नहीं। अगर स्कूल बस चलाते हैं तो उसकी मर्जी है, लेकिन अगर कोई नहीं चलाता है तो यह गुनाह नहीं है। बच्चों को स्कूल पहुंचाना व घर लाना अभिभावक की जिम्मेदारी है, न कि स्कूल की। हर चीज के लिए निजी स्कूलों को कटघरे में खड़ा करना सही नहीं है। बस चलाना स्कूलों की जिम्मेदारी है तो सरकारी स्कूलों में शुरू करना चाहिए। प्रशासन उन्हें बस उपलब्ध कराए। वहां अधिकतर गरीब बच्चे पढ़ते हैं।

लॉटरी में पर्यवेक्षक के रूप में तैनात होंगे अफसर

डीसी ने कहा, नामांकन के आवेदन में दर्ज आंकड़ों काे कंप्यूटर में फीड कर सीडी प्रशासन को उपलब्ध कराया जाए। इसे वेबसाइट पर भी अपलोड करना होगा। लाॅटरी के बाद किसी तरह का आरोप लगे तो प्रशासन को जांच कराने में आसानी होगी। स्कूल लाॅटरी कब कर रहे हैं, स्कूल प्रबंधन इसकी सूचना दें।

बस की खरीदी कीिजए प्रशासन करेगा मदद

डीसी ने कहा स्कूल बस की खरीदारी शुरू करें। जरूरत पड़े तो किसी एजेंसी से बस किराए पर लिया जाए। स्कूली बस सेवा शुरू करने के लिए प्रशासन की ओर से मदद पहुंचाई जाएगी। जिलास्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया जा रहा है। इसमें प्रशासन व पुलिस के अधिकारी रहेंगे।

स्कूलों को जारी किया जाएगा कारण बताओ नोटिस

बैठक में कई स्कूलों के प्रतिनिधि उपस्थित नहीं थे। डीसी ने डीएसई सह आरटीई के नोडल पदाधिकारी बांके बिहारी सिंह को ऐसे स्कूलों को चिन्हित करने का आदेश दिया। डीसी ने डीएसई को इन स्कूलों को कारण बताओ नोटिस जारी करने का
आदेश दिया है।

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