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पिकनिक मनाकर लौट रहे लड़के की डूबने से मौत, पैदल पार कर रहा था नदी

विवेक चाय की दुकान चलाता था। चाय बेचकर वह अपने परिवार का भरण-पोषण लंबे समय से करता आ रहा था।

Dainik Bhaskar

Dec 27, 2017, 03:26 AM IST
सुवर्णरेखा नदीं से शव को निकालते गोताखोर। सुवर्णरेखा नदीं से शव को निकालते गोताखोर।

बहरागोड़ा (घाटशिला). दोस्तों के साथ पिकनिक मनाकर लौट रहे 23 साल के विवेक साहू की सुवर्णरेखा नदी में डूबने से मौत हो गई। विवेक अपने दोस्तों के साथ नदी पार कर रहा था तभी गहरे पानी में चले जाने से डूब गया। घटना सोमवार शाम की है, मगर फैमिली को इसकी जानकारी मंगलवार को हुई। दरअसल विवेक के दोस्तों ने उसके घर में घटना की सूचना नहीं दी। मंगलवार को पुलिस ने मछली पकड़ने वाले जाल से शव को निकाला। पुलिस ने विवेक के 10 दोस्तों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।

10 से 12 साथियों के साथ गया था विवेक

विवेक साहू सोमवार को बामडोल गांव के अपने 10 से 12 साथियों के साथ नदी उस पार मेरु घाटी में पिकनिक मनाने गया था। पिकनिक मनाकर शाम को लौटते वक्त नाव नहीं मिली तो सभी पैदल ही नदी पार कर रहे थे। इसी बीच विवेक दिशाहीन होकर गहरे पानी में चला गया। वह तैरना नहीं जानता था। दोस्तों ने जब उसे डूबते हुए देखा तो बचाने का काफी प्रयास किया पर सफल नहीं हो सके। वहीं विवेक के दो अन्य साथी भी गहरे पानी में चले गए थे जिन्हें अन्य साथियों ने बचा लिया।

दोस्तों के शरीर पर नहीं मिले चोट के निशान

घटना के संबंध में पूछताछ के लिए बहरागोड़ा पुलिस ने विवेक के साथियों को हिरासत में लिया है। बहरागोड़ा थाना प्रभारी विनोद कुमार सिंह ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह मामला पानी में डूबने का लगता है। विवेक के दोस्तों के शरीर पर चोट का कोई निशान नहीं है। पोस्टमार्टम के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

साथियों ने परिजनों से बोला झूठ

सोमवार रात जब विवेक घर नहीं लौटा तो परिजनों ने उसके साथियों से पूछताछ की। इसपर उसके दोस्तों ने कहा कि वह जमशेदपुर अपने कार्यस्थल चला गया है। इसपर घर वाले निश्चिंत हो गए। मंगलवार सुबह जब परिजनों ने विवेक की जानकारी लेने के लिए जमशेदपुर फोन किया तो पता चला कि वह वहां गया ही नहीं है। इसके बाद परिजनों ने विवेक के दोस्तों से दोबारा पूछताछ की तो असली राज खुला। इसके बाद बहरागोड़ा पुलिस को सूचना दी गई। बहरागोड़ा थाना प्रभारी विनोद कुमार सिंह अपने दल बल के साथ सुबह सुवर्णरेखा (मेरुघाटी पहाड़ा ) नदी घाट पर पहुंचे व शव निकलवाया। ठंड के कारण शव पूरी तरह अकड़ गया था।

चाय की दुकान चलाता था विवेक

विवेक साहू जमशेदपुर के सिदगोड़ा में चाय की दुकान चलाता था। चाय बेचकर वह अपने परिवार का भरण-पोषण लंबे समय से करता आ रहा था। विवेक ने बड़े भाई विकास साव को अपने खर्च पर वकालत की पढ़ाई कराई। विकास फिलहाल बारीपदा न्यायालय में प्रैक्टिस कर रहे हैं। विवेक के माता-पिता की मौत बचपन में ही हो गई थी। उसे बारीपदा निवासी मौसी रत्नमणि साहू ने पाला था। 4 साल से वह सिदगोड़ा में चाय की दुकान चला रहा था। विवेक की एक बहन भी है जिसकी शादी नहीं हुई है। मौसी रत्न मणि साव ने कहा की विवेक रोजगार कर पूरे परिवार को चलाता था। उसके चले जाने से परिवार असहाय हो गया है ।

जानकारी देती मौसी रत्नमणि साहू। जानकारी देती मौसी रत्नमणि साहू।
विवेक साहू।  (फाईल फोटो) विवेक साहू। (फाईल फोटो)
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सुवर्णरेखा नदीं से शव को निकालते गोताखोर।सुवर्णरेखा नदीं से शव को निकालते गोताखोर।
जानकारी देती मौसी रत्नमणि साहू।जानकारी देती मौसी रत्नमणि साहू।
विवेक साहू।  (फाईल फोटो)विवेक साहू। (फाईल फोटो)
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