--Advertisement--

लीज बंदोबस्ती में हर साल बढ़ेगा कट ऑफ डेट का दायरा : सीएम

सीएम ने कट ऑफ डेट बढ़ाने का फार्मूला बताया। उन्होंने कहा, 2020 में साल 1990 का कट ऑफ डेट होगा। यह हर साल बढ़ेगा।

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 03:23 AM IST

जमशेदपुर. सीएम रघुवर दास ने कहा, सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर एक जनवरी 1985 से पहले बसे लोगों को सरकार 30 साल के लिए लीज पर जमीन देगी। फिलहाल एक जनवरी 1985 कट ऑफ डेट तय किया है, लेकिन 1988 तक बस्तियों में बसने वाले लीज बंदोबस्ती के लिए आवेदन कर सकेंगे।

1985 के बाद बसे लोगों के लिए हर साल कट ऑफ डेट बढ़ेगा। बस्तीवासी दायरे में आते जाएंगे। मुख्यमंत्री रविवार को बस्ती विकास समिति की ओर एग्रिको मैदान में आयोजित अभिनंदन समारोह में शामिल होने शहर आए थे लेकिन तेज बारिश में कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा। सीएम आवास पर पत्रकारों से कहा, 30 साल की लीज देकर अवैध बस्तियों को वैध किया जाएगा। 1988 में जिनकी भूखंड पर अवैध दखल थी, अब उन्हें बंदोबस्ती का हक मिलेगा। सीएम बोले, 70 साल से खासमहल की बंदोबस्ती लटकी थी। भाजपा सरकार खासमहल की जमीन के लिए एक लाख की जमीन का 20 हजार सलामी लेकर बंदोबस्ती हक देगी।

कट ऑफ डेट का सीएम का फार्मूला

सीएम ने कट ऑफ डेट बढ़ाने का फार्मूला बताया। उन्होंने कहा, 2020 में साल 1990 का कट ऑफ डेट होगा। यह हर साल बढ़ेगा। 2022 तक कोई बेघर नहीं रहेगा। अभी तक 27 हजार लोगों को पक्का मकान दिया है। बिरसानगर व अन्य बस्तियों में नागरिक सुविधा दी और शहर में चल रही दोहरी व्यवस्था को खत्म किया। बस्तियों में सड़कें बनीं। बिजली व पानी की व्यवस्था हुई। 1995 में विधायक बनने के समय 86 बस्तियों में बसे लोगों
से जो वादा किया था, उसे पूरा करने का प्रयास किया।

विरोधियों पर बोला हमला- 86 बस्तियों पर फैसला नहीं ले सके थे मरांडी

सीएम रघुवर दास ने कहा, झारखंड बनने के बाद तीन साल तक बाबूलाल मरांडी की सरकार रहर, लेकिन 86 बस्ती का समाधान करने की बात छोड़ेंं, उन्होंने टाटा लीज का पन्ना तक नहीं पलटा। फिर हेमंत सोरेन भी मुख्यमंत्री बने। 2006 से 2008 तक मधु कोड़ा सीएम हुए। इनकी सरकार 86 बस्तियों पर फैसला नहीं ले सकी। भाजपा की सरकार बनी तो टाटा लीज पर काम हुआ। 2005 में टाटा लीज नवीकरण और बिरसानगर व आसपास के 1700 हेक्टेयर भूखंड को टाटा लीज से बाहर किया गया।