--Advertisement--

पत्नी के साथ पेशी पर आता है ये गैंगस्टर, अब जेल से ही चला रहा है अपना नेटवर्क

कई मामलों में वांटेड है पुलिस इंस्पेक्टर पर गोली चलाने वाला डॉन अखिलेश सिंह।

Dainik Bhaskar

Dec 17, 2017, 03:33 AM IST
गैंगस्टर अखिलेश सिंह अपनी पत्नी गरिमा के साथ कोर्ट में पेशी के दौरान। गैंगस्टर अखिलेश सिंह अपनी पत्नी गरिमा के साथ कोर्ट में पेशी के दौरान।

जमशेदपुर. गैंगस्टर अखिलेश जेल में रहने के बाद भी पुलिस के लिए चैलेंज बना हुआ है। वह अपने गैंग में क्रिमिनल्स को शामिल कर रहा है। जमशेदपुर के घाघीडीह जेल में बंद रहने के बावजूद वह पूरी तरह एक्टिव था। ऐसे में स्पेशल ब्रांच की रिपोर्ट में उसपर कड़ी नजर रखने को कहा गया है। बता दें पिछली 11 अक्टूबर को अखिलेश को पकड़ने पुलिस ने गुड़गांव के एक गेस्ट हाउस पर रेड मारी थी। इस दौरान उसकी पत्नी गरिमा भी उसके साथ थी। इस दौरान अखिलेश ने भागने की कोशिश की तो पुलिस ने उसके घुटनों में गोली मार दी थी। उधर, उसकी पत्नी ने पुलिस से पिस्तौल छिनने की कोशिश की थी। इसेक बाद दोनों को जेल भेज दिया गया। अब जब भी मामले की सुनवाई होती है तो अखिलेश और पत्नी साथ कोर्ट में पहुंचते हैं।

जेलर की हत्या के बाद फेमस हुआ था डॉन अखिलेश

- बिहार-झारखंड का डॉन अखिलेश सिंह पुलिस इंस्पेक्टर पर गोली चलाने सहित कई मामलों में वांटेड था। उसका नाम जमशेदपुर में एक जेलर की हत्या के बाद चर्चा में आया था।

- इस घटना के बाद उसने जमशेदपुर में कई बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। कई साल तक जेल में रहने के बाद वह जमानत पर छूटा। फिर फरार हो गया था।

- बता दें कि स्पेशल ब्रांच ने अखिलेश के जेल में बंद रहने के बावजूद सक्रिय रहने और गैंगवार की आशंका जताते हुए एक रिपोर्ट डीजीपी को भेजी थी। इसमें कहा गया था कि अखिलेश को दूसरे जेल में शिफ्ट किया जाना जरूरी है।

- इसके बाद ही घाघीडीह जेल में गैंगवार की आशंका को देखते हुए 29 नवंबर को अखिलेश को दुमका जेल शिफ्ट किया गया है।

- वहीं, अब गृह विभाग के अवर सचिव के द्वारा डीजीपी को पत्र भेजे जाने से साफ है कि दूसरे जेल में शिफ्ट होने के बाद भी अखिलेश गैंग की गतिविधियां जारी है। गैंगवार की आशंका पूरी तरह खत्म नहीं हुई।

जेल के अंदर-बाहर एक्टिव हैं अखिलेश के लाेग

- अखिलेश के घाघीडीह जेल में बंद रहने के दौरान उसका कॉन्टेक्ट आशीष श्रीवास्तव और नीरज सिंह से था। आशीष और राजेंद्र जेल के अंदर अखिलेश का सारा काम देखते हैं। 10 नवंबर 2017 को आशीष और परमजीत गुट के झब्बू और रणजीत से मारपीट हुई थी, जिसके बाद उसे सेल में डाल दिया गया था।

- स्पेशल ब्रांच की रिपोर्ट के मुताबकि, 23 लोग ऐसे हैं जो जेल के अंदर और बाहर रहकर अखिलेश के लिए काम कर रहें हैं। इनमें से कुछ लोग रंगदारी वसूलने समेत कारोबारियों की जानकारी अखिलेश तक पहुंचाते हैं।

महंगी गाडिय़ों का शौकीन है अखिलेश
- अखिलेश के पास कई महंगी गाडियां भी है। उसके पास होन्डा सिविक, होन्डा कंपनी की क्रिएटा, ऑडी जैसी कार है। इन गाड़ियों के ऑनर बुक पर हरेन्द्र सिंह का नाम है, जो फरीदाबाद के आईपी कालोनी, सेक्टर 30 का रहने वाला है।
- अखिलेश के घर से बरामद अलग-अलग नामों से 17 पैन कार्ड, 07 ड्राइविंग लाइसेंस, 11 वोटर कार्ड, 06 एटीएम/डेविट कार्ड, 01 क्लब कार्ड, 03 आधार कार्ड, 01 आवासीय प्रमाण, 04 गैस कनेक्शन, 01 राशन कार्ड, 03 लॉन बुक, 05 बैंक का पासबुक, 05 चेक, 02 चेक बुक मिले हैं। इनपर संजय, मनोज, हरेन्द्र, दिलीप, अजित सहित कई और नाम दर्ज हैं।

अखिलेश और उसकी पत्नी के नाम है अरबों की प्रॉपर्टी

- बताया जाता है कि अखिलेश ने ट्रांसपोर्ट के बिजनेस के बाद अपराध की दुनिया से कई शहरों में अरबों रुपए की प्रॉपर्टी बनाई है।

- अखिलेश सिंह और उसकी पत्नी गरिमा के पास झारखंड और बिहार के अलावा मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा के साथ दिल्ली एनसीआर में अरबों की प्रॉपर्टी है।
- इनमें ज्यादातर प्रॉपर्टी किसी और के नाम से बताई जा रही है। प्रॉपर्टी से जुड़े सेल डीड, एग्रीमेंट की कॉपी, आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, बैंक पासबुक, चेकबुक और डॉक्यूमेंट्स जब्त किए गए हैं। इनमें से ज्यादातर पर अजीत का नाम दर्ज है जिस अखिलेश ही यूज करता था।
- मध्य प्रदेश के जबलपुर में रजुल टाउनशिप में फ्लैट, उत्तराखंड के देहरादून, यूपी के नोएडा के जेपी ग्रींस ग्रेटर, हरियाणा गुड़गांव के जेएमडी गार्डेन और रांची के चुटिया में ओएके रेसीडेंसी में फ्लैट के अलावा जमीन खरीदने का भी पता चला है।
- बिरसानगर सृष्टि गार्डेन में एक अपार्टमेंट का फ्लैट नंबर 503 गरिमा सिंह के फर्जी नाम अन्नू सिंह और विनोद सिंह के बीच पार्टनरशिप में लिया गया है।
- इन अरबों रुपए की संपत्ति के डॉक्यूमेंट्स पर संजय सिंह और अन्नू सिंह (अखिलेश सिंह और गरिमा सिंह बदला हुआ नाम) का नाम दर्ज है।

अखिलेश सिंह मूल रूप से बिहार के बक्सर का रहने वाला है। अखिलेश सिंह मूल रूप से बिहार के बक्सर का रहने वाला है।
मर्डर और रंगदारी के मामलों में नाम जुड़ने के बाद अखिलेश खौफ का दूसरा नाम बन चुका है। मर्डर और रंगदारी के मामलों में नाम जुड़ने के बाद अखिलेश खौफ का दूसरा नाम बन चुका है।
पत्नी गरिमा को अपने साथ रखता है अखिलेश। पत्नी गरिमा को अपने साथ रखता है अखिलेश।
रेड के दौरान अखिलेश की पत्नी गरिमा पुलिस से भिड़ गई थी। रेड के दौरान अखिलेश की पत्नी गरिमा पुलिस से भिड़ गई थी।
6 नवंबर को जमशेदपुर में कोर्ट की पेशी के लिए ले जाने हथियारबंद जवानों के साथ अखिलेश और गरिमा को स्टेशन से बाहर निकाला गया। 6 नवंबर को जमशेदपुर में कोर्ट की पेशी के लिए ले जाने हथियारबंद जवानों के साथ अखिलेश और गरिमा को स्टेशन से बाहर निकाला गया।
अखिलेश को पुलिस ने गुड़गांव के एक गेस्ट हाउस पर रेड मारकर अरेस्ट किया था। अखिलेश को पुलिस ने गुड़गांव के एक गेस्ट हाउस पर रेड मारकर अरेस्ट किया था।
गैंगस्टर अखिलेश जेल में रहने के बाद भी पुलिस के लिए चैलेंज बना हुआ है। गैंगस्टर अखिलेश जेल में रहने के बाद भी पुलिस के लिए चैलेंज बना हुआ है।
रेड के दौरान अखिलेश ने भागने की कोशिश की तो पुलिस ने उसके घुटनों में गोली मार दी थी। रेड के दौरान अखिलेश ने भागने की कोशिश की तो पुलिस ने उसके घुटनों में गोली मार दी थी।
रिपोर्ट के मुताबिक अखिलेश जेल से ही अपने गैंग में क्रिमिनल्स को शामिल कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक अखिलेश जेल से ही अपने गैंग में क्रिमिनल्स को शामिल कर रहा है।
जमशेदपुर के घाघीडीह जेल में बंद रहने के बावजूद वह पूरी तरह एक्टिव था। जमशेदपुर के घाघीडीह जेल में बंद रहने के बावजूद वह पूरी तरह एक्टिव था।
X
गैंगस्टर अखिलेश सिंह अपनी पत्नी गरिमा के साथ कोर्ट में पेशी के दौरान।गैंगस्टर अखिलेश सिंह अपनी पत्नी गरिमा के साथ कोर्ट में पेशी के दौरान।
अखिलेश सिंह मूल रूप से बिहार के बक्सर का रहने वाला है।अखिलेश सिंह मूल रूप से बिहार के बक्सर का रहने वाला है।
मर्डर और रंगदारी के मामलों में नाम जुड़ने के बाद अखिलेश खौफ का दूसरा नाम बन चुका है।मर्डर और रंगदारी के मामलों में नाम जुड़ने के बाद अखिलेश खौफ का दूसरा नाम बन चुका है।
पत्नी गरिमा को अपने साथ रखता है अखिलेश।पत्नी गरिमा को अपने साथ रखता है अखिलेश।
रेड के दौरान अखिलेश की पत्नी गरिमा पुलिस से भिड़ गई थी।रेड के दौरान अखिलेश की पत्नी गरिमा पुलिस से भिड़ गई थी।
6 नवंबर को जमशेदपुर में कोर्ट की पेशी के लिए ले जाने हथियारबंद जवानों के साथ अखिलेश और गरिमा को स्टेशन से बाहर निकाला गया।6 नवंबर को जमशेदपुर में कोर्ट की पेशी के लिए ले जाने हथियारबंद जवानों के साथ अखिलेश और गरिमा को स्टेशन से बाहर निकाला गया।
अखिलेश को पुलिस ने गुड़गांव के एक गेस्ट हाउस पर रेड मारकर अरेस्ट किया था।अखिलेश को पुलिस ने गुड़गांव के एक गेस्ट हाउस पर रेड मारकर अरेस्ट किया था।
गैंगस्टर अखिलेश जेल में रहने के बाद भी पुलिस के लिए चैलेंज बना हुआ है।गैंगस्टर अखिलेश जेल में रहने के बाद भी पुलिस के लिए चैलेंज बना हुआ है।
रेड के दौरान अखिलेश ने भागने की कोशिश की तो पुलिस ने उसके घुटनों में गोली मार दी थी।रेड के दौरान अखिलेश ने भागने की कोशिश की तो पुलिस ने उसके घुटनों में गोली मार दी थी।
रिपोर्ट के मुताबिक अखिलेश जेल से ही अपने गैंग में क्रिमिनल्स को शामिल कर रहा है।रिपोर्ट के मुताबिक अखिलेश जेल से ही अपने गैंग में क्रिमिनल्स को शामिल कर रहा है।
जमशेदपुर के घाघीडीह जेल में बंद रहने के बावजूद वह पूरी तरह एक्टिव था।जमशेदपुर के घाघीडीह जेल में बंद रहने के बावजूद वह पूरी तरह एक्टिव था।
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..