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लड़की बोली- लड़कों के साथ मुझे लॉकअप में बंद किया, बताया- मैं धंधा करती हूं

Dainik Bhaskar

Feb 15, 2018, 07:38 AM IST

4 दिन की जांच के दौरान एमजीएम थाने के 15 पुलिसकर्मियों सहित विक्टिम व आरोपी थानेदार इमदाद अंसारी का बयान लिया।

एमजीएम अस्पताल से मेडिकल जांच एमजीएम अस्पताल से मेडिकल जांच

जमशेदपुर. मानगो सहारा सिटी की नाबालिग से रेप मामले की जांच कर रही टीम ने आठ पन्ने की रिपोर्ट सौंप दी है। 4 दिन की जांच के दौरान एमजीएम थाने के 15 पुलिसकर्मियों सहित विक्टिम व आरोपी थानेदार इमदाद अंसारी का बयान लिया। सभी पुलिसकर्मियों ने थाना परिसर में नाबालिग से रेप से इनकार किया है। पुलिसकर्मियों के मुताबिक, जिस कमरे में रेप की बात विक्टिम कर रही है, वहां क्यूआरटी के तीन जवान अंकुरा बिरूवा, देशुआ गोप और कृष्णा चातर 2012 से रह रहे हैं। 2017 में उनकी पदस्थापना जुगसलाई क्यूआरटी में हो गई। युवती के साथ थाने में रेप की घटना नहीं हुई है।

विक्टिम बोली- रेप किया और वीडियो बना लिया

पुलिस की जांच टीम को विक्टिम ने बयान दिया है कि मेरे चाचा-चाची (नानक चंद्र व उनकी पत्नी) दादी से मिलने टेल्को गए थे। अचानक घर (फ्लैट) की बिजली खराब हो गई। मैंने चाचा-चाची को फाेन किया तो शिवकुमार महतो घर आया। उसने मेरे साथ रेप किया। इसके बाद जेनरेटर ऑपरेटर ने भी एक दिन रेप किया। एक दिन इंद्रपाल सैनी घर आया। उसने भी रेप किया और वीडियो बना ली। इसके बाद इंद्रपाल सैनी अक्सर मुझे कार से ले जाता था। कार में ही वह कपड़े व अन्य सामान बदलने के लिए देता था।

थानेदार को बताया- मैं धंधा करती हूं फिर कमरे में किया रेप

एक दिन सैनी कार से डिमना लेक की ओर अपने साथियों के साथ ले गया। वहां सबने बारी-बारी से रेप किया। इसी बीच दो पुलिस वाले पहुंच गए और उन्हें पकड़ लिया। एक पुलिसवाला कार में बैठ गया और एमजीएम थाना ले जाया गया। थानेदार ने सभी युवकों के साथ मुझे एक हाजत में बंद कर दिया। वहां इंद्रपाल सैनी ने थानेदार को बताया- मैं धंधा करती हूं। इसके बाद थानेदार ने उसे नीचे के कमरे में ले जाकर रेप किया। इस दौरान सादे लिबास में एक व्यक्ति, जिसे थानेदार ने सर कहा था, उसने भी गलत किया। उस सर ने थानेदार को कहा- घरवालों के आने के बाद लड़की काे छोड़ देना। कई कागज पर मुझसे अंगूठा भी लगवाया गया।

एक अनजान महिला को मेरी चाची बताया गया

विक्टिम के मुताबिक, इंद्रपाल सैनी ने एक महिला को थाना बुलाया था। उस महिला को मेरी चाची बताया गया। थानेदार ने उस महिला के साथ मुझे छोड़ दिया। इस घटना के बाद मैं कई बार थाना गई, जहां थानेदार ने रेप किया। चाचा-चाची के घर से बाहर जाने के बाद अक्सर इंद्रपाल मेरे घर आता था और जबरन कार से ले जाता था। उसने बिष्टुपुर से फ्लैट की एक नकली चाबी भी बनवाई थी। चाचा-चाची के घर लौटने से पहले इंद्रपाल कार से घर छोड़ देता था।

टीम ने अपनी रिपोर्ट में बताया है-

- जांच रिपोर्ट के मुताबिक, 20 अक्टूबर 2016 से 2017 तक किसी को पीआर बांड पर थाना से नहीं छोड़ा गया। थाने में तीन शिफ्ट (सुबह 8 से दोपहर 2 बजे, 2 से रात 10 बजे और रात 10 से सुबह 8 बजे तक) ओडी ऑफिसर ड्यूटी में रहते हैं। इमदाद अंसारी ने 20 अक्टूबर 2016 को एमजीएम थाने में योगदान दिया था। वे 8 नवंबर 2016 को हजारीबाग पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षण के लिए गए थे। वहां से 11 जनवरी 2017 को लौटे। 20 अक्टूबर से 31 मार्च 2017 तक थाने की दैनिकी की जांच की गई।

- 19 जनवरी 2018 को विक्टिम ने कोर्ट में धारा-164 के तहत बयान दिया था। इसमें किसी पुलिसकर्मी का नाम नहीं बताया गया है। 6 फरवरी को अखबार में विक्टिम ने पुलिसकर्मियों द्वारा रेप का बयान दिया है। मामले की गहराई से अनुसंधान करने के बाद ही ठोस निर्णय लिया जा सकता है।


इनका लिया गया था बयान
एसआई ललन मिश्रा, एएसआई हरीशचंद्र प्रसाद, अवधेश बिहारी सिंह, सुरेन्द्र कुमार, हरिमोहन झा व बालमुकुंद प्रसाद वर्मा, हवलदार रामनाथ राम, आरक्षी पार्वती हांसदा, राखी सिन्हा व राजीव रंजन झा, कंप्यूटर ऑपरेटर मो. तारिक अनवर, क्यूआरटी जवान अंकुरा बिरूवा, देशुआ गोप और कृष्णा चातर।

सैनी व शिव की हुई मेडिकल जांच दोनों नार्को टेस्ट के लिए राजी

एमजीएम अस्पताल से मेडिकल जांच कराने के बाद आरोपी इंद्रपाल सैनी और शिवकुमार महतो को पुलिस ने तीन दिन की रिमांड पर लिया है। पूछताछ में दोनों ने वारदात में संलिप्तता से इनकार किया है। इसके लिए दोनों नार्को टेस्ट कराने के लिए भी राजी हो गए हैं।

लोहा कारोबारी सुभाष पर कार्रवाई के कारण फंसाया : आरोपी इंस्पेक्टर
एमजीएम के तत्कालीन आरोपी थानेदार इंस्पेक्टर इमदाद अंसारी ने जांच टीम को अपनी सफाई दी है। उन्होंने कहा- जून 2016 में उन्होंने जमशेदपुर में योगदान दिया। नवंबर-2016 में एमजीएम थाने में पदस्थापना हुई। 27 अप्रैल 2017 को उन्होंने लोहा कारोबारी सुभाष घोष का ट्रक पकड़ा था। उस पर धारा-414 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जेल भेजा था। सुभाष घोष के चाचा का नानकचंद्र सेठ से संबंध है। इसी कारण उन्हें जानबूझकर फंसाया गया है। वे विक्टिम को जानते तक नहीं हैंं।

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