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मुंहबोली दीदी ने 1500 रु. में नाबालिग बहनों को बेचा, 4 महीने होती रही जुल्मों की शिकार

मालकिन देती थी आधा पेट भोजन बात-बात पर करती थी पिटाई।

Danik Bhaskar | Jan 28, 2018, 08:28 AM IST

चाईबासा(झारखंड). पश्चिमी सिंहभूम के डांगुवापोसी रेल लाइन पार मुंडासाई की दो नाबालिग बच्चियों को सीमा नामक मुंहबोली दीदी ने दिल्ली के रानी बाग के एक व्यवसायी के यहां महज 1500 रुपए में बेच दिया। एक बच्ची की उम्र 7 साल व दूसरे की उम्र 10 साल है। करीब चार महीने से दोनों बच्चियां मालकिन चंचला देवी के जुल्मों की शिकार हो रही थीं। इसी बीच दिल्ली के चाइल्ड लाइन के सदस्यों को इसकी सूचना मिली। फिर पुलिस की मदद से चाइल्ड लाइन ने दोनों को व्यवसायी के चंगुल से छुड़ाया। दोनों बच्चियां काफी डरी-सहमी हैं।

सख्ती से पूछताछ की तो उन्होंने बच्चियों के बारे में बताया

बच्चियों को छुड़ाने जब पुलिस व्यवसायी धनराज सेठी के घर पहुंची, तो उसके बेटे हितेश सेठी ने दोनों को यह कहकर डराया कि उन्हें पुलिस पकड़कर ले जाएगी। जेल में बंद कर देगी। इसके बाद दोनों को एक अंधेरे कमरे में बोरे और अन्य सामानों के पीछे छिपा दिया। परिवार ने बच्चियों के बारे में अनभिज्ञता जताई। लेकिन पुलिस ने जब सख्ती से पूछताछ की तो उन्होंने बच्चियों के बारे में बताया। फिर उन्हें वहां से छुड़ाया गया।

बच्चियों ने पुलिस से कहा, डराकर रखते थे, गाली-गलौज करते थे

कराने का काम करती थी। उन्हें सब्जी खरीदने के लिए घर से निकाला जाता था। वह भी मालकिन की निगरानी में। कभी भी भरपेट भोजन नहीं दिया जाता था। काम में जरा सी देर होने पर उनकी पिटाई की जाती थी। बात-बात पर गाली-गलौज की जाती थी। तरह-तरह से उन्हें डराया-धमकाया जाता था। बीमार होने पर भी डॉक्टर के पास नहीं ले जाते थे। घर पर ही दवा दी जाती थी।

माता-पिता को पैसे का प्रलोभन देकर बच्चियों को ले गए थे

सीमा नामक महिला दोनों बच्चियों को नौकरी दिलाने के नाम पर दिल्ली ले गए थे। इसके लिए उसने बच्चियों के माता-पिता को पैसों का प्रलोभन भी दिया था। यहां से ले जाने के बाद उसने 1500 रुपए में दोनों बच्चियों को व्यवसायी धनराज सेठी को बेच दिया।

पिता गोपाल गोप का पता नहीं

नोवामुंडी के थाना प्रभारी बृजलाल राम ने कहा कि घटना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने शनिवार को डांगुवापोसी में बच्चियों के पिता गोपाल गोप की खोजबीन की। पर उनका कोई पता नहीं चल पाया। वहीं समाजसेवी भरत गोप ने बताया कि वे भी बच्ची के पिता के बारे में पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं।