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दबंग की पत्नी ने पति की पहली बरसी पर जाहिर किए जज्बात, कहा- वो मेरे भगवान थे

पूर्व डिप्टी मेयर और कांग्रेस नेता नीरज सिंह की शूटरों ने 22 मार्च 2017 की रात को गोली मारकर हत्या कर दी थी।

Bhaskar News | Last Modified - Mar 22, 2018, 12:35 PM IST

    • पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह की पत्नी पूर्णिमा सिंह।

      धनबाद (रांची).पूर्व डिप्टी मेयर और कांग्रेस के नेता नीरज सिंह की पहली बरसी पर जिले में उनके समर्थकों और चाहने वालों ने जगह-जगह कार्यक्रम का आयोजन कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। नीरज सिंह की 21 मार्च 2017 को स्टील गेट के पास तीन समर्थकों के साथ गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। नीरज की पत्नी पूर्णिमा सिंह ने सोशल मीडिया पर अपने जज्बात बयां किए। इसे हम उन्हीं के शब्दों में हू-ब-हू प्रकाशित कर रहे हैं।

      पत्नी पूर्णमा ने सोशल मीडिया पर लिखा...


      मृत्यु जीवन का एकमात्र यथार्थ सत्य है, जिसे हम सत्य नहीं मानते। एक ऐसा सत्य, जिसे जानते हुए भी हम अनभिज्ञ रहना चाहते हैं और इसी संसार की भौतिकता को ही सत्य और अमरता का पर्याय मान बैठते हैं। परंतु सत्य और अमरता हम जैसे सामान्य लोग कहां समझ पाते हैं, जब तक उनसे साक्षात्कार ना हो। ऐसा ही एक साक्षात्कार हुआ मेरा उस सत्य से आज से एक वर्ष पूर्व। ऐसा नहीं है कि मृत्यु जैसे कटु सत्य से सामना पहली हुआ परन्तु जीवन के पथ पर अनुभव होने के साथ हर सत्य की कटुता का आभास भी ज़्यादा होता है।

      मृत्यु - मेरे पति श्री नीरज सिंह की जिसने मेरी और मेरे परिवार के जीवन का दशा और दिशा दोनों ही बदल दिया।एक ऐसा दुख जिससे हम सब कभी नहीं उबर पाएंगे ।वह कटु सत्य की अब वह मुस्कुराता हुआ चेहरा जिसे जीवन की किसी भी चिंता ने कभी उद्विग्न नहीं किया अचानक एक दिन विलीन हो जाता है। इस दु:ख को परिभाषित करना संभव नहीं किंतु इसी दु:ख में हमने अनुभूति की उस ख्याति, प्रेम, शौर्यता, समर्थन और सहानुभूति की जो ये छोड़ कर गये और हमें आप सबसे मिला। आज मेरा पूरा परिवार गौरवान्वित है कि हम सब एक ऐसे व्यक्ति के जीवन का हिस्सा हैं जिनका व्यक्तित्व और व्यवहार ही उनकी पहचान थी। जो किसी पद पर ना होकर भी एक सच्चा अधिनायक और मार्गदर्शक बना।


      जन्म और मृत्यु तो जीवन के घटनाक्रम का यथार्थ है। हम सबका जीवन जन्म से आरंभ होकर मृत्यु में अंत हो जाता है लेकिन जो इस मृत्यु से भी परे जा कर स्मरण किया जाए वह अमर हो जाता है। किसी भी व्यक्ति के जीवन का मर्म और अर्थ उसकी मृत्यु में छुपा होता है।कोई मर कर भी सहस्त्र जन्मों की शौर्यता और सम्मान लेकर जाता है और कोई जीवित रहकर भी अनन्त जन्मों की कायरता और अपमान।किसी को मृत्यु मारकर भी उसे अमरता का वरदान दे जाती है और किसी को जीवन देकर भी उसे अभिशाप बना देती है।यह दृष्टांत हमें सोचने को विवश कर देता है कि हम अपनी आगे की पीढ़ी के चरित्र का निर्माण कैसा करना है।

      शौर्यता का महत्व आयु से अधिक है और इस सत्य का प्रमाण आप सबके समक्ष है।जिस अध्याय का आरंभ इतना प्रचंड है उसके अंत की परिकल्पना भी नहीं की जा सकती क्योंकि हमें हमारे कर्मों का प्रतिफल भोगना ही होता है जैसे उनके प्रेम और समर्पण का प्रतिफल आप सबके प्रेम और समर्थन के रूप में मिला। मैं और मेरा परिवार कृतज्ञ और धन्य हैं उनका और आप सबका सानिध्य पा कर। हर व्यक्ति के जीवन का मूल्य बराबर है चाहे वह कोई भी हो और यह क्षण मैं उन लोगों के स्मृति में रखने की प्रार्थना करती हूं, जिन्होंने मेरे नीरज के साथ का मूल्य अपने जीवन देकर चुकाया -स्व. घलटू महतो ,स्व अशोक यादव व स्व मुन्ना तिवारी। इनके भी परिवार ने एक पिता , पुत्र और पति खोया ।


      अंतत:, इस संसार में हमारा कुछ भी नहीं है। "त्वदीयं वस्तु गोविंद तुभ्यमेव समर्पये।" मेरे नीरज भी ईश्वर के थे और पुन: ईश्वर में विलीन हो गए। मेरी प्रार्थना है ईश्वर से कि हम सभी अपने जीवन में सत्य, समर्पण, शौर्य और सम्मान के मूल्यों को समझें तथा अर्थपूर्ण और सार्थक बनाने का प्रयास करें। मां हमारा मार्गदर्शन करें।

      ऐसे हुई थी मौत

      -धनबाद के पूर्व डिप्टी मेयर और कांग्रेस नेता नीरज सिंह और उनके तीन समर्थकों को हमलावरों ने 21 मार्च 2017 की शाम गोलियों से भून दिया था।
      -यह हमला उस वक्त हुआ, जब नीरज सिंह अपनी गाड़ी से स्टील गेट स्थित रघुकुल आवास जा रहे थे।
      -नीरज सिंह की गाड़ी जैसे ही स्टील गेट पहुंच कर ब्रेकर पर धीमी हुई, हमलावरों ने तीन तरफ से उन्हें घेर लिया।
      -जब तक नीरज सिंह कुछ समझ पाते हमलावरों ने उन पर गोलियों की बरसात कर दी। एक के बाद एक 100 राउंड फायरिंग की।
      -अगली सीट पर बैठे नीरज सिंह को 25 गोलियां लगी, जबकि उनकी बाॅडी पर 67 गोली लगने के निशान मिले।
      -सरेआम हुए इस हमले में उनके निजी बॉडीगार्ड मुन्ना तिवारी, चालक घलटू और करीबी समर्थक अशोक यादव की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी।

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      पूर्णिमा सिंह अपने पति नीरज सिंह के साथ।
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      नीरज और पूर्णिमा में काफी अच्छी बॉन्डिंग थी।
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      नीरज और पूर्णिमा की दोस्ती फेसबुक पर हुई थी।
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      इस हाल में मिली थी नीरज की लाश।
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      पूर्णिमा सिंह अपने पति नीरज सिंह के साथ।
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