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15 फरवरी से सोनारी से एयर डेक्कन की उड़ानें शुरु : मंत्री जयंत सिन्हा

जयंत सिन्हा ने पत्रकारों से कहा सोनारी एयरपोर्ट से सस्ती उड़ान शुरू करने में देरी हो गई है।

Danik Bhaskar | Jan 10, 2018, 08:33 AM IST
सीआईआई, टाटा ट्रस्ट और जुस्को सीआईआई, टाटा ट्रस्ट और जुस्को

जमशेदपुर. केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने फिर टाटा से कॉमर्शियल उड़ान की तिथि की घोषणा की है। कहा, 15 फरवरी से सोनारी एयरपोर्ट से कोलकाता के लिए उड़ान शुरू होगी। एयर डेक्कन को 30 सितंबर तक उड़ान शुरू करनी थी। विदेश से एयरक्राफ्ट आयात, फिर 19 सीटर एयरक्राफ्ट पर पायलट की उड़ान कराने, डीजीसीए से एयरक्राफ्ट का सर्टिफिकेशन कराने में एयर डेक्कन को वक्त लग गया। 15 फरवरी से एयर डेक्कन ने उड़ान शुरू नहीं की तो उसकी जगह दूसरी कंपनी को मौका दिया जाएगा।

जमशेदपुर परिसदन में मंगलवार को जयंत सिन्हा ने पत्रकारों से कहा सोनारी एयरपोर्ट से सस्ती उड़ान शुरू करने में देरी हो गई है। निविदा आमंत्रित की गई थी तो सारे पहलू देखने के बाद एयर डेक्कन को योग्य पाया गया। सोनारी एयरपोर्ट का रनवे छोटा है। बड़े एयरक्राफ्ट को यहां से नहीं उड़ा सकते। देश में 19 सीटर का एयरक्राफ्ट नहीं था। इस कारण एयर डेक्कन ने आयात किया। आयात में कुछ वक्त लग गया।

सिर्फ कोलकाता के लिए शुरू होगी सेवा

जयंत सिन्हा ने कहा, पहले चरण की निविदा में जमशेदपुर से कोलकाता के लिए उड़ान सेवा के लिए सब्सिडी तय की गई है। बाकी शहरों की यहां से उड़ान की निविदा नहीं हुई है। कई बार सरकारी घोषणा हुई है कि यहां से कोलकाता, रांची, पटना, देवघर के लिए विमान उड़ेंगे। अभी सिर्फ कोलकाता के लिए विमान सेवा शुरू होगी।

निर्मल दा की समाधि से छेड़छाड़ नहीं करेंगे

मंत्री ने यह भी कहा कि सोनारी एयरपोर्ट का विस्तार जरूर होना चाहिए, लेकिन इसके लिए निर्मल दा की समाधि से छेड़छाड़ नहीं होगी। रनवे के दोनों ओर जगह है, पेड़ हैं। तकनीकी विशेषज्ञ देखेंगे कि रनवे को चौड़ा करने से लाभ होगा या नहीं। इसके लिए डीजीसीए का विशेषज्ञ दल जल्द आएगा।

इधर, उद्योगपतियों को मंत्री का सुझाव

सिटी बनाना है तो उद्योगपति एयर रिक्शा के बारे में सोचें। एक किमी की यात्रा में ऑटो रिक्शा पर 4 से 5 रु. खर्च होते हैं। इसका ऑपरेटिंग खर्च भी उतना ही होगा। परिचालन शुरू हुआ तो फायदे होंगे। उद्योग लगाएं, इससे उद्योगपतियों को लाभ होगा। सड़क पर ट्रैफिक की भीड़ कम होगी। वाहनों का लोड कम होगा और आमलोेगों की जेब पर बोझ कम पड़ेगा।

जयंत सिन्हा सीआईआई, टाटा ट्रस्ट और जुस्को की ओर से आयोजित सिटी डाटा फॉर इंडिया कॉनक्लेव में मंगलवार को बतौर अतिथि शामिल थे। उन्होंने कहा, भविष्य में ड्रोन क्रांति होनी है। टाटा समूह के पास काबिल लोगों की भरमार है। टाटा समूह भी एयर रिक्शा और ड्रोन के उत्पादन पर अध्ययन करे। दुबई और जर्मनी में ड्रोन तकनीक से आमलोगों को यातायात सेवा उपलब्ध कराने की दिशा में काम शुरू हो चुका है। ड्रोन टैक्सी का ट्रायल हो चुका है। अॉटो रिक्शा के जैसे आप हवा में यहां से दूसरी जगह जा सकते हैं। इसलिए मैंने उसका नामकरण किया है एयर रिक्शा।