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स्टेशन में ट्रेन पर चढ़ते समय ट्रैक पर गिरी महिला, जवान ने यूं बचा ली जान

यात्री यह देखकर हैरान थे कि नीचे गिरने के बाद भी महिला को एक खरोंच भी नहीं आई।

Danik Bhaskar | Jan 22, 2018, 07:49 AM IST
सीसीटीवी में कैद महिला (लाल सूट) का फोटो। सीसीटीवी में कैद महिला (लाल सूट) का फोटो।

जमशेदपुर. टाटानगर स्टेशन में चलती ट्रेन पर चढ़ने के दौरान महिला पटरी की तरफ गिर गई। तभी आरपीएफ के एक जवान ने डंडे से दबाकर महिला काे ट्रेन की चपेट में अाने से बचाया। ट्रेन महिला के ऊपर से रेंगती रही। यात्रियों ने चिल्लाकर ट्रेन रुकवाई। महिला को बाहर निकाला। हैरत की बात यह है कि उसे खरोंच भी नहीं आई।

ऐसे हुआ ये हादसा

प्लेटफाॅर्म-3 पर रविवार शाम 7.20 बजे की है। 22512 कामाख्या लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म से चल चुकी थी। मुजफ्फरपुर निवासी मो. ए. आलम व पत्नी अफसाना बेगम को झारसुगुड़ा जाना था।

वे बच्चे केे साथ चलती ट्रेन पर चढ़ना चाह रहे थे। दाैड़ते हुए पहले आलम चढ़े। एक यात्री ने उसे बच्चा थमाया। फिर अफसाना ने पति का हाथ पकड़ा, लेकिन संतुलन बिगड़ने से वो प्लेटफॉर्म से पटरी के पास जा गिरीं।

डंडे से बचाई महिला की जान

- वहीं आरपीएफ जवान रंजन कुमार उन्हें चलती ट्रेन पर चढ़ते देख रहे थे। महिला गिरी तो वह दौड़ते गए और डंडे से अफसाना को प्लेटफॉर्म की दीवार की ओर दबाए रखा। प्लेटफॉर्म पर मौजूद यात्री तब तक चिल्लाने लगे थे। ट्रेन के गार्ड की नजर नीचे गिरी महिला पर पड़ी। उन्होंने ड्राइवर को सिग्नल दे ट्रेन रुकवाई। फिर महिला को बाहर निकाला गया। महिला बेहोश थी। वह थोड़ी देर में होश में आ गई। पति भी पहुंच चुके थे

महिला को एक खरोंच भी नहीं आई

यात्री यह देखकर हैरान थे कि नीचे गिरने के बाद भी महिला को एक खरोंच भी नहीं आई। वह पति के साथ उसी ट्रेन पर सवार होकर चली गई। आरपीएफ प्रभारी एमके सिंह ने रंजन को सम्मानित करने की घोषणा की है।

मेरे लिए फरिश्ता बनकर आया वह सिपाही : अफसाना बेगम

‘मैं मुजफ्फरपुर की रहने वाली हूं। पति व बच्चे के साथ संबलपुर (ओडिशा) जा रही थी। हमारे पास जनरल टिकट था। टाटा से संबलपुर की ट्रेन पकड़ना थी। ट्रेन चल दी। मैं चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश कर रही थी कि गिर गई। एक पल को लगा, नहीं बचूंगी लेकिन आरपीएफ जवान फरिश्ता बनकर अाए।’

आरपीएफ जवान राजीव रंजन। आरपीएफ जवान राजीव रंजन।