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टाटा स्टील का बड़ा फैसला: कर्मचारी के बच्चों को ऊंचे ग्रेड में मिलेगी नौकरी

20 साल नौकरी के बाद ESS लेने वाले कर्मचारी के लिए

Dainik Bhaskar

Dec 20, 2017, 04:43 AM IST
Tata Steel big decision towards employees interests

जमशेदपुर. टाटा स्टील ने कर्मचारियों से जुड़े तीन बड़े फैसले लिए हैं। कंपनी ने अर्ली सेपरेशन स्कीम (ईएसएस) व जॉब फॉर जॉब योजना में बदलाव किया है। पहले की ईएसएस/ वीआरएस में रिटायर होने की उम्र (60 साल) तक मूल वेतनमान व डीए के आधार पर हर महीने तय रकम मिलती थी। अब ईएसएस में बेसिक व डीए खत्म कर दिया गया है। नई बात यह है कि कंपनी में 20 साल तक नौकरी कर चुके 40 से 45 साल के कर्मचारी ईएसएस लेते हैं तो उन्हें 75 साल तक हर महीने 33 हजार रु. मिलेंगे। दूसरे साल से 1 हजार रु. बढ़ते जाएंगे।

योजना 20 दिसंबर से 26 फरवरी तक चलेगी

सुनहरे भविष्य की योजना पार्ट टू के नाम से पेश नई ईएसएस में तीन विकल्प रखे गए हैं। इसी तरह जॉब फॉर जॉब योजना के तहत 55 साल की उम्र होने के पहले कर्मी नौकरी किसी आश्रित को दे सकते हैं। इस योजना में 4 संशोधन किए गए हैं। कंपनी में कार्यरत कर्मी 55 साल के पहले योजना का लाभ ले सकते हैं। ईएसएस लेने वाले कर्मी 55 साल के पहले आश्रित को नौकरी दे सकते हैं। कंपनी के एचआरएम चीफ संदीप धीर ने कहा नई योजना कर्मचारी और उसके परिजनों के हित में है। योजना 20 दिसंबर से 26 फरवरी तक चलेगी।

3 खासियतें : ईएसएस योजना की

1. पहले की ईएसएस/ वीआरएस योजना मेंं क्वार्टर में 4 साल रहने का प्रावधान था। अब रिटायर की उम्र से अधिक अवधि तक मासिक किस्त लेने का पहला विकल्प चुनने पर 60 साल तक रहने का मौका मिलेगा। बाकी दो विकल्प में ईएसएस के बाद 4 की जगह 6 साल क्वार्टर में रहेंगे।

2. ईएसएस में किसी विकल्प के चयन पर हर साल 1 हजार रु. वृद्धि होती रहेगी। जितने साल तक रकम मिलेगी, उतने हजार रुपए बढ़ जाएंगे।

3. सुनहरे भविष्य की योजना पार्ट टू के पहले विकल्प में अधिकतम 75 की उम्र होने तक मासिक किस्त देने का प्रावधान है। 49 साल के कर्मी ईएसएस लेते हैं तो उन्हें 74 साल रकम मिलेगी। 48 के बाद जितने साल अधिक उम्र के कर्मी ईएसएस लेंगे, उतनी कम रकम मिलेगी।

जॉब फॉर जॉब योजना में 4 बड़े संशोधन

1. पहले पुत्र, पुत्री या दामाद को नौकरी दे सकते थे। अब बहू को भी नौकरी का हकदार बना दिया है।
2. आश्रित को नौकरी देने पर 60 साल तक हर माह 6 हजार मिलते थे। अब प्रतिमाह 12 हजार रु. मिलेंगे।
3. कर्मचारी का क्वार्टर नौकरी के बाद आश्रित को मिल जाएगा।
4. उच्च शिक्षा होने पर आश्रित को निचले स्तर के ग्रेड में नौकरी मिलती थी। अब ट्रेड अप्रेंटिस की ट्रेनिंग देकर एनएस-4 में नियुक्ति होगी।

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