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एक-एक कर फटे 4 LPG सिलेंडर, देखते ही देखते पूरी बस्ती जलकर हो गई यूं खाक

भागकर जान बचाने वाले बाद में रोते-बिलखते जले में सामान में खोज रहे थे सहारा।

Danik Bhaskar | Dec 22, 2017, 03:44 AM IST
आग इतनी जल्दी फैल गई कि संभलने का मौका नहीं मिला। आग इतनी जल्दी फैल गई कि संभलने का मौका नहीं मिला।

जमशेदपुर(झारखंड). कदमा उलियान डीवीसी सब स्टेशन मरीन ड्राइव के किनारे बागे बस्ती में पति-पत्नी के झगड़े में 45 घर राख हो गए। एक बुजुर्ग महिला जिंदा जल गईं। तीन लोग झुलस गए। आधा दर्जन मवेशी मर गए। 4 बाइक सहित लाखों की संपत्ति राख हो गई। बस्तीवासियों के मुताबिक, वहां रहनेवाले सोनाराम लोहार अौर उसकी पत्नी ललिता अक्सर लड़ाई करते थे। उनके घर की कलह ने पूरी बस्ती को तबाह कर दिया। दोपहर 2.15 बजे उनके घर से निकली चिंगारी ने हमसबों को बर्बाद कर दिया। डेढ़ घंटे के बाद आग पर काबू पाया गया। रोते हुए लोग जले हुए घर में जीवन जीने का सहारा ढूंढ़ रहे थे। खाने के सामान के साथ बर्तन और कपड़ा भी जलकर राख हो गया था। पीड़ितों ने दैनिक भास्कर से आपबीती शेयर की। पढ़िए रिपोर्ट...

पलभर में फैली आग, बच्चों के साथ भागकर बचाई जान

जिस घर से आग फैली, उसके बगल में रहती हैं सीमा लोहार। कदमा मरीन ड्राइव के किनारे बस्ती में रहनेवाली सीमा का घर भी राख हो गया है। आग लगने से सीमा के घर का रुपया-पैसा, बाइक व सारा सामान जल गया।

सीमा ने कहा पति-पत्नी ने आपस में झगड़ा किया और हमारा आशियाना उजाड़ दिया। ललिता और उसके पति सोनाराम लोहार में अक्सर झगड़ा होता था। गुरुवार की दोपहर 2.15 बजे वे झगड़ा कर रहे थे। झगड़ते-झगड़ते दोनों अपने शरीर पर केराेसिन छिड़ककर आग लगाने लगे। केरोसिन से उनके घर में आग लग गई। जबतक बस्तीवासी वहां पहुंचते, उसके घर में रखा सिलेंडर फट गया। इसके बाद तेजी से आग फैली अौर कुछ ही मिनटों में पूरी बस्ती राख हो गई। मैं किसी तरह अपने छोटे-छोटे बच्चों को लेकर जान बचाई, लेकिन सारा सामान जल गया। चिटफंड खेलती थी। 10 दिसंबर को ही 50 हजार रुपए उठाकर जमा किया था। अलमारी में रुपए व जेवर रखा था। पाई-पाई, तिनकातिनका जोड़कर हमने झोपड़ी बनाई थी। सबकुछ राख हो गया। बाइक भी नहीं बची। पति-पत्नी ने सारी बस्ती को जला दिया।"

सबकुछ बर्बाद हो गया
मिट्ठू उरांव ने बताया "आग की लपटें मेरे घर की ओर आ रही थी। उस वक्त मैं घर में थी। आनन-फानन में बच्चों को बाहर निकाला, फिर सामान निकालने का प्रयास किया। लेकिन आग इतनी जल्दी फैल गई कि संभलने का मौका नहीं मिला। सबकुछ बर्बाद हो गया। पति-पत्नी के झगड़ा में सारा बस्ती बर्बाद हो गई। हमलोग किसी तरह जान बचाकर भागे। आग इतनी तेजी में फैली कि कुछ समझ नहीं सकी। गैस सिलेंडर फटने के आवाज आ रहे थे। लग रहा था जैसे बम फट रहा हो। कुछ ही मिनटों में पूरा बस्ती जलकर राख हो गई।"


आधा घंटा देरी से आई दमकल- सुनील
सुनील राय ने कहा- मैं पास की दुकान में चाय पी रहा था। बस्ती में आग की लपटें उठते देखा तो दौड़कर वहां गया। बस्ती के बच्चों को बाहर निकाला। घरों से गैस सिलेंडर निकालने को कहा। छह गैस सिलेंडर बाहर निकाल चुके थे, तब तक आग भयानक हो गई थी। एक-एक कर चार सिलेंडर के फटने की आवाज आई। कई लोगों की बाइक भी जल गई। आग लगने पर 100 नंबर पर डायल किया तो एक व्यक्ति ने फोन उठाया तो मैंने फौरन मदद भेजने को कहा। लेकिन दमकल आधा घंटा लेट से पहुंची। तबतक सबकुछ खत्म हो चुका था।

आग लगी तो सुरक्षित निकाला घरों का सामान

पहला घर जला तो पूरे बस्ती में अफरा तफरी मच गई। लोग बचाव के लिए इधर उधर भागने लगे। कई लोग घरों के टीवी, गैस चूल्हा, कपड़ा, पलंग तक निकालकर भागे।

वीडियो : फैजल इकबाल।

हादसे में लोग किसी तरह जान बचाकर भागे। हादसे में लोग किसी तरह जान बचाकर भागे।
पहला घर जला तो पूरे बस्ती में अफरा तफरी मच गई। पहला घर जला तो पूरे बस्ती में अफरा तफरी मच गई।