--Advertisement--

25 लाख के इनामी नक्सली ने किया था सरेंडर, उसके बाद यहां लाल आतंक का खात्मा

25 लाख रुपए के इनामी पूर्व नक्सली कान्हू मुंडा की पत्नी को दिया गया जमीन का पट्‌टा

Dainik Bhaskar

Jan 24, 2018, 08:10 AM IST
गुड़ाबांदा -नक्सलियों के परिज गुड़ाबांदा -नक्सलियों के परिज

गुड़ाबांदा. गुड़ाबांदा के हातियापाटा में एक समारोह के दौरान मंगलवार को जेल में बंद 25 लाख रुपए के इनामी पूर्व नक्सली कान्हू मुंडा समेत चार नक्सलियों के परिजनों को पुनर्वास योजना के अंतर्गत चार 4 डिसमिल जमीन का पर्चा दिया गया। 2 दशक से गुड़ाबांदा सहित पुलिस के लिए सरदर्द बने बिहार-झारखंड ओडिशा रीजनल कमेटी के सचिव कान्हू मुंडा ने हथियार तथा साथियों के साथ पिछले साल 15 फरवरी को गुड़ाबांदा के जियान के निकट एक समारोह में सरेंडर कर दिया था। इसके साथ ही यहां लाल आतंक का अंत हो गया। कान्हू के सरेंडर के बाद से अब तक एक भी नक्सली घटना नहीं हुई है। कुछ दिनों पूर्व पर्चा बांटकर नक्सलियों के पश्चिम बंगाल के दूसरे गुट ने अपनी उपस्थित दर्ज कराने का प्रयास किया था। उसके बाद पुलिस ने जब सक्रियता बढ़ाई तो वे फिर से दुबक गए। कान्हू मुंडा के सरेंडर के बाद लगातार पुलिस जियान गांव के उत्थान के लिए काम कर रही है।

जेल में बंद है नक्सली कान्हू
सरेंडर के बाद कान्हू मुंडा इन दिनों घाटशिला जेल में बंद है। उसके परिजनों को आशा है कि जल्द ही वह जेल से रिहा होगा। परिजनों का कहना है कि पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि जेल से रिहाई में उसकी मदद की जाएगी।

नक्सलियों की उर्वर भूमि पर लहलहाने लगी फसल

नक्सलियों के लिए कभी उर्वर भूमि रहे जियान में अब सब्जी की फसल लहलहाने लगी है। पुलिस की मदद से ग्रामीण जमकर खेती कर रहे हैं। कभी परती रहने वाली भूमि में अब हरियाली दिख रही है। ग्रामीण नक्सल की ओर फिर न जाएं इस वजह से पुलिस उन्हें खेती तथा अन्य तरह के रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है। यहीं कारण है कि पुलिस अधिकारी एसएसपी अनूप टी मैथ्यू के निर्देश पर लगातार ग्रामीणों को खेती के लिए प्रेरित किया जा रहा हैं। इसके तहत ट्रैक्टर से जियान गांव के करीब 50 एकड़ भूमि की एक साथ जुताई की गई। उसके बाद पटमदा के किसानों की देखरेख में सब्जी की फसल लगवाई गई है। यहीं नहीं खेती का गुर सिखाने के लिए यहां के कुछ किसानों को पटमदा ले जाकर खेती की विधि बताई गई। यहां तक कि जियान नाला में बालू की बोरी डालकर बैरियर बना दिया गया है। यहां पानी रोककर मोटर से खेतों को सिंचिंत किया जा रहा है। इससे किसान उत्साहित हैं।

चुन्नू मुंडा ने आवास की मांग की

पूर्व नक्सली चुनू मुंडा ने एसडीओ से आवास देने की अपील की। उसने बताया कि लंबे समय तक जंगल में रहने के कारण फिलहाल रोजगार के कोई ठोस साधन नहीं होने से स्वयं घर बनाने की स्थिति में नहीं है। अगर उसे पीएम आवास आवंटित हुआ तो उसके सिर पर छत मिल जाएगी। फिलहाल रहने के लिए एक अच्छा घर तक नहीं है। अधिकारियों ने सभी परिजनों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर देने का आश्वासन दिया गया। यहां बता दें कि चुन्नू मुंडा पर गंभीर आरोप नहीं होने के कारण उसे जेल नहीं भेजा गया था। जब कान्हू मुंडा ने सरेंडर किया था, उस समय चुन्नू नाबालिग था। उसके खिलाफ थाना में नामजद प्राथमिकी भी दर्ज नहीं कराई गई थी। इस वजह से सरेंडर के बाद पुलिस ने उसे समाज के मुख्य धारा से जुड़ने के लिए मुक्त कर दिया था। वह फिलहाल खेती कर रहा है।

X
गुड़ाबांदा -नक्सलियों के परिजगुड़ाबांदा -नक्सलियों के परिज
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..