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प्रेम पत्र लिखने से भी लेखन शैली का विकास होता है : पंकज दुबे

सिटी रिपोर्टर

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 01, 2018, 02:30 AM IST

प्रेम पत्र लिखने से भी लेखन शैली का विकास होता है : पंकज दुबे
सिटी रिपोर्टर जमशेदपुर

हर इंसान के अंदर एक खास बात होती है। दुनिया में कोई भी ऐसा नहीं, जिसमें कोई बात नहीं हो। हर किसी की अपनी अलग खासियत है, जो महत्वपूर्ण है। आपको अपनी उसी खासियत को खोजना है। इसी से आप अपने सपनों को पा सकते है। मशहूर लेखक पंकज दुबे ने कल्पवृक्ष फाउंडेशन और करीम सिटी कॉलेज के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित "वन्स अपॉन ए टाइम विद पंकज दूबे" कार्यक्रम के दौरान युवाओं को संबोधित करते हुए ये बात कही। मूल रूप से चाईबासा के रहने वाले पंकज दुबे ने लेखन, फिल्म निर्माण और पब्लिक स्पीकिंग सहित कई क्षेत्रों में आज देश के जाने माने व्यक्तित्व है। 2010 में स्लम एवं गांवों में देश में पहली बार सड़क छाप फिल्म फेस्टिवल शुरू करने के लिए उन्हें यूथ आइकॉन चुना गया था। उन्होंने व्हाट अ लूज़र, इश्कियापा एवं लव करी तीन उपन्यास लिखे हंै।

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Web Title: प्रेम पत्र लिखने से भी लेखन शैली का विकास होता है : पंकज दुबे
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