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महिलाओं से दोस्ती व गिफ्ट के नाम पर ठगी

Jamshedpur News - डीबी स्टार

Dainik Bhaskar

Mar 01, 2018, 02:35 AM IST
महिलाओं से दोस्ती व गिफ्ट के नाम पर ठगी
डीबी स्टार
फिल्म जगत की जानीमानी अभिनेत्रियों के नाम से मिलती-जुलती प्रोफाइल बनाकर महिलाओं से दोस्ती करने का जाल फैलाया जाता है। चेटिंग के दौरान आकर्षक ढंग से महिलाओं की नुमाइश की जाती है। जब किशोर उम्र के बच्चे और युवा इनके जाल में फंस जाते हैं तो उनसे गिफ्ट के नाम पर अपने खाते में पैसे ट्रांसफर कराए जाते हैं। इतना ही नहीं, ऑनलाइन शापिंग वेबसाइट पर मिलने वाले गिफ्ट भी इन मासूमों से खरीदकर भिजवाने को कहा जाता है। खूबसूरत महिलाओं द्वारा छले जाने का पता युवाओं को तब चलता है जब उनकी जेब खाली हो जाती है या बैंक बैलेंस जीरो। इस खेल में लुटने-पिटने के बाद भी फरियादी मुंह खोलने से डरता है, क्योंकि शिकायत करने से उसे बदनामी का भय सताता है।

यह प्रोफाइल किसके हैं यह पता ही नहीं चलता है, लेकिन आने वाले कॉल महिलाओं के ही होते हैं। मोह-पाश में फंसाने के बाद बातचीत का पैसा प्रति मिनट की दर से वसूला जाता है। इसके कुछ प्रमाण भी डीबी स्टार के पास मौजूद हैं। एक पीड़ित ने नाम न छापने के अनुरोध पर बताया कि वह भी इस ऑनलाइन वीडियो चेटिंग का शिकार हो चुका है। महिलाओं के जाल में फंसकर वह 12 हजार रुपए गंवा चुका है।

सायबर क्राइम पुलिस और सायबर विशेषज्ञों से बातचीत में पता चला कि इस तरह के प्रोफाइल में युवा पीढ़ी बहुत अधिक फंसी हुई है और वहीं लोग इन अकाउंट के फॉलाेअर होते हैं। किसी महिला से बातचीत के लिए सबसे अधिक टीन एज ग्रुप के लड़के लालायित होते हैं। यह लोग पहले फॉलाेअर बनते हैं और फिर लाइक या कमेंट करते हैं। इससे ठगों द्वारा ऐसे युवाओं को ट्रैक करना आसान होता है और फिर यह इन्हें शिकार बनाते हैं। बदले में यह लोग ऑनलाइन गिफ्ट कार्ड लेते हैं। इससे लुटने वाले के अकाउंट में वेबसाइट का अकाउंट नंबर शो होता है और सामने वाली महिला गिफ्ट कार्ड से कभी भी सामान खरीद लेती हैं। सायबर क्राइम के जानकार बताते हैं कि इससे बचने के लिए बच्चों के बैंक अकाउंट के स्टेटमेंट चेक करते रहे, क्योंकि मोबाइल को चेक करना अब इतना आसान नहीं रहा। यदि बच्चों को क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड दिया है तो हर महीने उसका स्टेटमेंट मंगाए और जानकारी रखें। किसी भी तरह के ऑनलाइन ट्रांजेक्शन को लेकर सवाल करें और जरुरत पड़ने पर सायबर पुलिस को शिकायत भी करें।

किशोर और युवा सॉफ्ट टारगेट

 ऐसे मामले होते होंगे, लेकिन जमशेदपुर के किसी भी थाना में ऐसी शिकायत नहीं दर्ज की गई है। मामला आने पर उसका समाधान निकाल लिया जाएगा।  प्रभात कुमार, सिटी एसपी

सावधानी ही बचाव है

जिस तरह के मामलों की आप बात कर हैं, वैसा होता तो है, लेकिन पीड़ित के सामने नहीं आने के कारण कार्रवाई नहीं हो पाती। खासतौर से टीन एज ग्रुप में लड़के इसमें अधिक फंसते हैं। यह प्रोफाइल इतनी आकर्षक होती हैं कि इससे बचना बहुत मुश्किल है। चूंकि सामने वाला ठगी के लिए ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करवाता है तो स्टेटमेंट के जरिए आसानी से पकड़ा जा सकता है। खास बात यह है कि इसमें बहुत बड़ा अमाउंट ठगी का नहीं होता।

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